क़सम से मैं ज़ीरो हो गया: इरफ़ान ख़ान

फ़िल्म पान सिंह तोमर में बाग़ी बने अभिनेता इरफ़ान ख़ान भारतीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही सिनेमा में अपना परचम लहरा रहे है. हॉलीवुड की फ़िल्म 'द अमेजिंग स्पाइडर मैन' के बाद अब इरफ़ान की आने वाली हॉलीवुड फ़िल्म है 'लाइफ़ ऑफ़ पाई'.

इस फ़िल्म का निर्देशन ऑस्कर अवॉर्ड विजेता आंग ली ने किया है. ये एक थ्री डी एडवेंचर फ़िल्म है. अपने रोल के बारे में इरफ़ान ने बताया, “इस फ़िल्म में अपने रोल को समझने में मुझे ख़ासी मशक़्क़त करनी पड़ी. चाह के भी मैं इस रोल को समझ नहीं पा रहा था.”

इसे अपनी ज़िंदगी का सबसे मुश्किल किरदार बताते हुए इरफ़ान ने कहा कि 'लाइफ़ ऑफ़ पाई' की शूटिंग के पहले दिन ही उनको यह एहसास हुआ कि वो हीरो से ज़ीरो हो गए हैं.

शूटिंग ख़त्म होने के बाद जब वो अपने होटल में पहुंचे तो उन्हें लगा कि इस रोल के साथ इंसाफ़ करना होगा और इसे किसी भी तरह निभाना होगा.

फ़िल्म 'लाइफ़ ऑफ़ पाई' का दृश्य.
इमेज कैप्शन, फ़िल्म 'लाइफ़ ऑफ़ पाई' का दृश्य.

इरफ़ान ख़ान कहते हैं, “किसी भी रोल को निभाने के लिए ज़रूरी है कि ऐक्टर पहले डायरेक्टर के नज़रिए को समझे और उसके हिसाब से अपने आपको रोल के लिए ढाले. यही असली चुनौती होती है'.

मुख्य किरदार

फ़िल्म के मुख्य किरदार का नाम है पाई जिसकी ज़िंदगी को दो भागों में दर्शाया गया है. पहली है बाल अवस्था जिसे निभाया है सूरज शर्मा ने. 17 साल के सूरज को तीन हज़ार कलाकारों में से चुना गया. वहीं वयस्क पाई बने हैं इरफ़ान ख़ान.

फ़िल्म में तब्बू की भी अहम भूमिका है, जो पाई की मां बनी है.

फ़िल्म के कुछ हिस्सों को दक्षिण भारत के पांडिचेरी और मुन्नार में शूट किया गया है जिसके बाद फ़िल्म की कहानी कनाडा में फ़िल्माई गई है.

फ़िल्म की कहानी बुकर पुरस्कार विजेता लेखक यन मार्टेल के उपन्यास 'लाइफ़ ऑफ़ पाई' से ही ली गई है. भारत में ये फ़िल्म हिंदी, अंग्रेज़ी, तेलगु और तमिल भाषा में 23 नवंबर को रिलीज़ होगी.