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के ह्वे क्वान: ऑस्कर अवॉर्ड जीतने वाला अभिनेता जो कभी शरणार्थी था
अस्सी के दशक की दो सबसे बड़ी हॉलीवुड फ़िल्मों में बाल अभिनेता का किरदार निभाने वाले के ह्वी क्वान ने 'बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर' की श्रेणी में ऑस्कर अवॉर्ड जीत लिया है.
अवॉर्ड जीतने के बाद अपनी ख़ुशी बयां करते हुए उन्होंने कहा है कि 'कहते हैं, ऐसी कहानियां सिर्फ़ फ़िल्मों में होती हैं…मुझे यकीन नहीं हो रहा है कि ये मेरे साथ हो रहा है.'
के ह्वे क्वान की कहानी काफ़ी दिलचस्प है जिसे पढ़ते हुए आपको लग सकता है कि जैसे ये किसी फ़िल्म की पटकथा है.
बचपन में शरणार्थी के रूप में वियतनाम से हॉन्ग कॉन्ग पहुंचने वाले क्वान अमेरिका में पले बढ़े है.
लेकिन फ़िल्मों में आने की उनकी कहानी काफ़ी दिलचस्प है. उन्होंने साल 1984 में रिलीज़ होने वाली प्रसिद्ध फ़िल्मों इंडियाना जोन्स और टेंपल ऑफ़ डूम में बाल किरदार की भूमिका निभाई थी.
लेकिन इन फ़िल्मों में काम करने के लिए ऑडिशन देने का मौका उन्हें अकस्मात ही मिल गय. इसके अगले साल उन्हें एक टीवी कार्यक्रम द गूनीज़ में गैज़ेट्स पसंद करने वाले बच्चे की भूमिका निभाने का मौका मिला.
लेकिन जैसे-जैसे क्वान की उम्र बढ़ती गयी, उनको मिलने वाले रोल्स की संख्या घटती गयी. आख़िर में क्वान ने पर्दे के पीछे रहते हुए स्टंट को-ऑर्डिनेटर से लेकर असिस्टेंट डायरेक्टर जैसी भूमिकाएं निभाना स्वीकार किया.
और अभिनय की दुनिया में उनका दखल धीरे-धीरे कम होता गया.
मगर कुछ साल पहले नेटफ़्लिक्स पर जारी हुई डॉक्यूमेंट्री नुमा टीवी सिरीज़ 'क्रेज़ी रिच एशियंस' से प्रेरित होकर क्वान ने एक बार फिर अभिनय की ओर लौटने का मन बनाया.
इसके बाद कलाकारों के एजेंट के रूप में काम करने वाले उनके एक मित्र ने उनका नाम आगे बढ़ाया.
दो हफ़्ते के बाद उनके पास ऑस्कर अवॉर्ड जीतने वाली फ़िल्म 'एवरी थिंग एवरी व्हेयर ऑल एट वन्स' के निर्माताओं की ओर से फोन आया.
इस फ़िल्म ने उन्हें एक बार फिर अपना ख़्वाब जीने और हॉलीवुड में धमाकेदार वापसी करने का मौका दिया. ये क्वान का पहला अकादमी अवॉर्ड है.
अपनी भावनाओं पर काबू करने की कोशिश करते हुए अपनी ट्रॉफ़ी को किस करते हुए उन्होंने कहा, "मेरी माँ 84 साल की हैं, वह टीवी पर ये कार्यक्रम देख रही हैं. माँ...मैं ऑस्कर जीत गया हूं. मेरा सफर एक नाव पर शुरू हुआ था. मैंने शरणार्थी शिविर में एक साल गुज़ारा और किसी तरह हॉलीवुड के इस सबसे बड़े मंच तक पहुंच गया."
क्वान को जब इस फ़िल्म की स्क्रिप्ट मिली थी तो उन्हें शायद ये नहीं लगा होगा कि ये फ़िल्म उन्हें ऑस्कर तक ले जाएगी. फिल्म की स्क्रिप्ट काग़ज पर थोड़ी मुश्किल लग सकती है.
ये एक शरणार्थी परिवार के इंडी ड्रामा और साइंस फ़िक्शन से लेकर सुपर हीरो की दुनिया से गुजरती एक नयी तरह की फ़िल्म है.
इस फ़िल्म में क्वान ने वेमॉन्ड वेंग का किरदार निभाया है जो फ़िल्म के लिए बेस्ट अभिनेत्री का अवॉर्ड जीतने वाली मिशेल यो की कपड़े धोने का काम संभालने वाली महिला के पति हैं.
इस फ़िल्म ने क्वान की तरह हॉलीवुड को दीवाना कर दिया है.
इस फ़िल्म में कुल सात ऑस्कर अवॉर्ड जीते हैं जिनमें बेस्ट पिक्चर से लेकर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री जैसे अवॉर्ड शामिल हैं.
इस साल ऑस्कर से लेकर तमाम दूसरे अवॉर्ड कार्यक्रमों में क्वान एक चर्चित शख़्सियत बने रहे. साल भर हॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों के साथ उनकी तस्वीरें वायरल होती देखी गयीं.
के ह्वे क्वान ने अवॉर्ड पाने के बाद अपने भाषण में अपनी मां का शुक्रिया अदा किया है.
उन्होंने अपने भाई और पत्नी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि 'मेरी पत्नी को शुक्रिया जो महीने दर महीने, साल दर साल, बीस सालों तक मुझसे कहती रही कि मेरा टाइम आएगा."
उन्होंने ये भी कहा कि - "सपनों में आपको भरोसा करना होता है. मैंने एक हद तक अपना सपना छोड़ दिया था. मैं आप सभी से कहना चाहता हूं कि अपने सपनों को ज़िंदा रखें. मेरा वापस यहां स्वागत करने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया. मैं आपको बहुत प्यार करता हूं."
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