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लिएंडर पेस और महेश भूपति की मशहूर टेनिस जोड़ी के टूटने की कहानी
- Author, सुप्रिया सोगले
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
उन्हें "इंडियन एक्सप्रेस" के नाम से जाना था, लेकिन खेल की इस जोड़ी में टकराव हुआ और वो अलग हो गए.
टेनिस खिलाड़ी महेश भूपति और लिएंडर पेस की मशहूर जोड़ी के सफ़र पर एक अक्टूबर को डॉक्यू-ड्रामा रिलीज़ हो रही है. इसमें दर्शक उनके जीवन के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को देख सकेंगे.
इस सिरीज़ का नाम है - "ब्रेक पॉइंट - ब्रोमांस टू ब्रेकअप."
लिएंडर पेस और महेश भूपति की जोड़ी ने अंतराष्ट्रीय टेनिस में डेविस कप से लेकर ग्रैंड स्लैम और विम्बलडन का ख़िताब हासिल किया था. ये कहा जा सकता है कि भारत में टेनिस की लोकप्रियता बढ़ाने में दोनों का अहम योगदान रहा है.
बीबीसी से ख़ास बातचीत में महेश भूपति ने कहा कि इस सिरीज़ के बनने से पुराने टकराव की यादें फिर से ताज़ा हो गईं.
उन्होंने कहा,"उस टकराव को फिर से जीना भावनात्मक था. पर हम इसके लिए तैयार थे. इस सिरीज़ के शुरू होने से पहले ही हमें पता था कि हम किस चीज़ में घुसने की कोशिश कर रहे हैं. हम तैयार थे और हमें ख़ुशी है कि हमने ये कर लिया."
लिएंडर पेस ने भारत को टेनिस के क्षेत्र में कई बड़ी उपलब्धियां दिलवाई हैं. एक ओर जब दोनों खिलाड़ी टेनिस कोर्ट में जीत का डंका बजा रहे थे तो दूसरी ओर टेनिस कोर्ट के बाहर दोनों का व्यक्तिगत टकराव चल रहा था. दूरियां बढ़ती गईं और आख़िरकार 2006 में ये जोड़ी टूट गई.
महेश भूपति ने बताया कि उनके और लिएंडर के रिश्ते पर फ़िल्म बनाने के लिए पिछले 10 साल में कई ऑफ़र आये. पर उनकी सोच के साथ तालमेल नहीं बैठा. आख़िरकार नितेश तिवारी और अश्विनी अय्यर तिवारी ने जब उनसे इसपर बातचीत की तो बात बन गई.
वह आगे कहते हैं, "उन्होंने हमें समझाया कि हमें अपनी कहानी कहने में किस तरह की स्वतंत्रता मिलेगी. हमें लगा की ये कहानी कहने के लिए नितेश और अश्विनी सही साथी हैं."
भारत में खेल पर डॉक्यूमेंट्री सिरीज़ इतनी लोकप्रिय नहीं है. ऐसे दौर में उनकी डॉक्यूमेंट्री सिरीज़ पर टिप्पणी करते हुए महेश बताते है," हमें कई लोगों ने कहा कि डॉक्यूमेंट्री ड्रामा ना करें क्योंकि भारत में इसका मार्केट नहीं है. पर मैं और लिएंडर हमेशा से ही ट्रेंडसेटर रहे है. हमें लगा कि हमारी कहानी 2 घंटे में बयां नहीं की जा सकती. तो हमने ये जोख़िम उठाया है और आशा करते हैं कि हमारे बाद कई और स्पोर्ट्स डॉक्यू ड्रामा बनें."
लिएंडर से पहली मुलाक़ात
तीन साल की उम्र में महेश भूपति ने पिता के कहने पर टेनिस खेलना शुरू किया था. उनकी ख़्वाहिश थी कि वह उच्च स्तर पर टेनिस खेलें. लिएंडर से उनकी पहली मुलाक़ात 15 साल की उम्र में हुई थी. वे जूनियर टूर्नामेंट के लिए श्रीलंका गए हुए थे. वे दोनों उस टूर्नामेंट के खिलाड़ी थे और दोनों में दोस्ती हो गई.
महेश का मानना है कि उनके और लिएंडर के रिश्ते के बारे में सबको पता है. दुनिया से उनका टकराव छुपा नहीं है पर बहुत सारे लोग एक स्पष्टीकरण चाहते थे और इस सिरीज़ में सभी प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं
टेनिस और भारत
भारत में हमेशा से ही खेलों में क्रिकेट का दबदबा रहा है.
महेश भूपति का मानना है कि टेनिस को लेकर भी भारत में एक ख़ास आकर्षण रहा है. पहले विजय अमृतराज, रामनाथन कृष्णन और फिर लिएंडर और उनकी जोड़ी. उनकी सफलता ने भारतीय टेनिस को विश्व मानचित्र में जगह दिलायी.
उनका मानना है कि भारतीय टेनिस खिलाड़ियों के लिए उन्होंने एक रास्ता बना दिया. हालांकि वर्तमान में उन्हें भारतीय टेनिस में कुछ ख़ास नज़र नहीं आता. महेश कहते हैं कि उनके और लिएंडर के बाद सान्या मिर्ज़ा और रोहन बोपन्ना आये, पर फ़िलहाल लगता है कि भारतीय टेनिस में ठहराव आ गया है.
वह कहते हैं कि इस ठहराव से निकलने के लिए अंतराष्ट्रीय स्तर पर ख़िताब जीतने होंगे. इस ठहराव की वजह बताते हुए महेश भूपति कहते हैं, ''भारत में टेनिस का कोई सिस्टम नहीं है. एक सिस्टम बनाना पड़ेगा तभी स्थिति बदलेगी.''
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