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सलमान ख़ान बचपन से लेकर छप्पन तक
- Author, सुप्रिया सोगले
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, मुंबई से
फ़िल्म इंडस्ट्री के 'दबंग ख़ान' माने जाने वाले सलमान ख़ान 27 दिसंबर को 56 साल के हो गए.
सलमान ख़ान रविवार को अचानक सुर्ख़ियों में आ गए जब उन्हें सांप काटने की ख़बर आई. उन्हें कुछ घंटों के लिए अस्पताल में भर्ती करना पड़ा. हालांकि बाद में पता चला कि सलमान ख़ान को जिस सांप ने काटा था वो ज़हरीला नहीं था.
सलमान को सांप ने तब काटा जब वे पनवेल के फ़ार्म हाउस में थे. अब उनकी तबीयत बेहतर बताई जा रही है.
मशहूर लेखक सलीम ख़ान के बड़े बेटे सलमान ख़ान ने अपने 30 साल के फ़िल्मी करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. बॉक्स ऑफ़िस के लिहाज से उन्हें सबसे दमदार ख़ान माना जाता है.
फ़िल्म इतिहासकार एस. औसाजा ने बीबीसी से बताया की किस तरह सलमान ख़ान को ये शोहरत मिली.
रोमैंटिक हीरो सलमान ख़ान
मशहूर अभिनेत्री रेखा की 1988 में आई फ़िल्म 'बीवी हो तो ऐसी' में सलमान ख़ान ने बतौर सहायक किरदार फ़िल्म इंडस्ट्री में क़दम रखा.
उस समय सूरज बड़जात्या अपनी डेब्यू फ़िल्म के लिए कलाकार ढूँढ रहे थे. अंत में उन्होंने सलमान ख़ान को कास्ट किया. साल 1989 में आई 'मैंने प्यार किया' उस साल की सबसे अधिक कमाई करने वाली फ़िल्म बनी और वो रातोरात स्टार बन गए.
सलमान ख़ान को रोमैंटिक हीरो का दर्जा दे दिया गया. हालाँकि एक साल तक उनके पास काम नहीं था लेकिन उसके बाद उनकी कई फ़िल्में आईं जिनमे उनकी रोमांटिक फ़िल्में हिट हुईं.
जैसे-साजन, हम आपके हैं कौन, लव, प्यार किया तो डरना क्या, कुछ-कुछ होता है, हम दिल दे चुके सनम, दुल्हन हम ले जाएंगे, बीवी नंबर-1 और हम साथ-साथ हैं.
औसाजा कहते हैं," शुरुआत में सलमान की रोमैंटिक हीरो की इमेज थी और रोल भी उन्हें उसी तरह के मिले. 'मैंने प्यार किया' और 'हम आपके हैं कौन' इतनी बड़ी हिट हुईं की वो रोमैंटिक हीरो की इमेज से बाहर नहीं निकल पाए. उसी दौरान उनकी एक्शन फ़िल्म बाग़ी आई थी पर वो चली नहीं."
एक्शन हीरो सलमान ख़ान
औसाजा के मुताबिक़ सलमान ख़ान ने बाग़ी फ़िल्म में एक्शन शैली में आने की कोशिश की पर वो नाक़ामयाब रहे. हलाँकि उन्होंने करियर के शुरुआती दो दशक में कुछ एक्शन फ़िल्में भी कीं. जैसे-करण अर्जुन, वीरगति और औजार. लेकिन इससे उनके रोमैंटिक हीरो की छवि में कोई बदलाव नहीं आया.
साल 2009 में बोनी कपूर ने साउथ की फ़िल्म 'पोकरी' की हिंदी रीमके 'वॉन्टेड' बनाई, जिसका निर्देशन प्रभुदेवा ने किया. उस दौरान बोनी कपूर की कोई फ़िल्म नहीं चल रही थी और सलमान भी अपने करियर के बुरे दौर से गुज़र रहे थे.
ये फ़िल्म हिट रही और इसने सलमान ख़ान की इमेज बतौर एक्शन हीरो बना दी, जिसके बाद वो अधिकतर एक्शन फ़िल्मों में नज़र आए और 100 करोड़ कमाने वाली फ़िल्मों का हिस्सा बने.
वॉन्टेड के बारे में फ़िल्म उद्योग विश्लेषक अतुल मोहन कहते हैं," वॉन्टेड फ़िल्म देर से रिलीज़ हुई लेकिन जब वो आई तो सिंगल स्क्रीन और मल्टिप्लेक्स दोनों पर धमाका कर दिया. इससे पहले सभी बड़े स्टार्स की फ़िल्में दिवाली पर ही रिलीज़ हुआ करती थीं लेकिन वॉन्टेड ने ईद को अहम बना दिया."
'वॉन्टेड' के बाद सलमान ख़ान की फ़िल्में ईद पर रिलीज़ और हिट होने लगीं. जैसे- बॉडीगॉर्ड, दबंग, किक, एक था टाइगर, बजरंगी भाईजान और सुल्तान.
अतुल मोहन मानते हैं कि वॉन्टेड फ़िल्म के बाद सलमान ख़ान को समझ में आया कि दर्शक उनसे क्या चाहते हैं. वॉन्टेड से पहले वो सालाना तीन से चार फ़िल्में करते थे जिनमें से कुछ हिट होती थीं तो कई फ़्लॉप. हिट फ़िल्मों की स्थिरता उन्हें वॉन्टेड के बाद मिली और उन्होंने सालाना एक या दो फ़िल्में करना शुरू कर दिया.
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दर्शकों से जुड़कर सुपरस्टार कैसे बने?
फ़िल्म इंडस्ट्री में सलमान ख़ान के फ़ैंस को दीवानगी भरे फैंस का दर्जा दिया गया है. इंडस्ट्री के ख़ूबसूरत सितारों में से एक माने जाने वाले सलमान ख़ान ने शादी नहीं की और अक्सर महिला फैंस जोखिम उठाकर सलमान ख़ान के लिए अपनी दीवानगी का इज़हार करती हैं.
ऐसी दीवानगी भरी फ़ैन फ़ॉलोइंग पर औसाजा का कहना है,"सलमान ख़ान ने रोमांस और एक्शन फ़िल्मों का बहुत ही ख़ूबसूरत संतुलन बनाया है. कोई भी स्टार इन दोनों शैलियों को साथ लेकर नहीं चल पाया है लेकिन सलमान ने रोमांस और एक्शन दोनों में सुपरहिट फ़िल्में दी हैं इसलिए उनके फ़ैंस का दायरा भी बड़ा है. इन फैंस की बदौलत ही उन्हें बॉक्स ऑफ़िस संभालने की एक ताक़त मिलती है और इसलिए उनकी फ़िल्में अच्छी कमाई करती हैं."
वो कहते हैं,"सलमान ख़ान की गणना भले ही बेहतरीन अभिनेताओं में न हो लेकिन उनकी स्टाइल और व्यवहार बहुत ही अनूठा है जिसकी वजह से उन्हें पहचान मिली और इसी वजह से उनकी फ़ैन फ़ॉलोइंग भी ज़्यादा हैं. उनकी स्टाइल बहुत ही फ़िल्मी है. जैसे, दबंग में चश्मा पहनने की स्टाइल, कलाई में नीला ब्रेसलेट पहनने और चलने की स्टाइल."
फ़िल्मों के ट्रेंड्स पर नज़र रखने वाले जानकारों का कहना है की फ़िल्म इंडस्ट्री में एक्शन हीरो की शेल्फ़ लाइफ़ अधिक होती है और सलमान ख़ान में तो एक्शन के साथ-साथ प्रेमी लड़के वाला एक अलग तरह का करिश्मा भी मौजूद है.
जहाँ आमिर ख़ान को बुद्धिमान सुपरस्टार और शाहरुख ख़ान को विदेशी दर्शकों का किंग माना जाता है, वहीं सलमान ख़ान देसी दर्शकों में अपनी गहरी छाप छोड़ पाए हैं इसलिए उन्हें 'आम जनता का हीरो' कहा जाता है.
औसाजा सलमान के करियर की शुरुआत की एक घटना याद करते हैं, "जब 'हम आपके हैं कौन सुपरहिट हुई थी' तब सलमान से पूछा गया था कि क्या वो फ़िल्म इंडस्ट्री के नए सुपरस्टार हैं? इसके जवाब में सलमान ख़ान ने कहा की फ़िल्म इंडस्ट्री में एक ही सुपरस्टार है और वो हैं अमिताभ बच्चन. वो आज भी यही कहते हैं और ये उनकी विनम्रता को दर्शाता है."
सलमान ख़ान 'बीइंग ह्यूमन' नाम की एक संस्था चलाते हैं, जिसके ज़रिए वो कई ग़रीब लोगों की आर्थिक मदद करते हैं. इसलिए उन्हें फ़िल्म इंडस्ट्री का 'परोपकारी स्टार' भी कहा जाता है. इन सबसे आम लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता और बढ़ी.
सलमान ख़ान और विवाद
फ़िल्म इंडस्ट्री में जितनी ख्याति सलमान ख़ान को मिली है वो शायद ही किसी और स्टार को मिली. लेकिन इस ख्याति के साथ-साथ वो कई विवादों में भी उलझेरहे. मसलन, साल 2002 का हिट एंड रन केस, जिससे उन्हें 2015 में बरी कर दिया गया. काले हिरन के शिकार का मामला अब भी अदालत में चल रहा है.
26/11 के मुंबई हमलों पर उनके बयान को लेकर भी काफ़ी विवाद हुआ था जिसमें उन्होंने पाकिस्तान को दोषी न कहने की बात कही. बाद में उन्होंने इसके लिए माफ़ी भी माँगी थी.
साल 1993 में हुए मुंबई ब्लास्ट याकूब मेनन को लेकर भी उन्होंने कुछ ट्वीट किए थे, जिन पर विवाद हुआ था. इसके लिए उनके पिता सलीम ख़ान ने भी उन्हें फटकार लगाई थी और उन्होंने बाद में वो ट्वीट डिलीट कर दिए थे.
इसके अलावा ऐश्वर्या राय के साथ प्रेम प्रसंग और ब्रेकअप, विवेक ओबेरॉय और सलमान ख़ान के बीच झगड़ा, दोस्त से प्रतिद्वंद्वी बने शाहरुख़ ख़ान के साथ उनका झगड़ा....उनसे जुड़े ये सब विवाद ख़ूब चर्चा में रहे. हालाँकि अब दोनों का कहना है कि वो अच्छे दोस्त हैं.
हालाँकि औसाजा का कहना है कि विवादों से किसी भी स्टार के करियर पर असर नहीं पड़ता.
वो कहते हैं, "अगर ऐसा होता तो विवेक ओबेरॉय आज सुपरस्टार होते. सलमान की ज़िंदगी में कुछ हादसे हुए हैं इसलिए उन्हें प्रेस कवरेज ज़्यादा मिली है. लेकिन इससे उनकी फ़ैन फ़ॉलोइंग और बढ़ी बॉक्स ऑफ़िस पर उनके क़द पर कोई असर नहीं पड़ा."
50 के सलमान और बॉक्स ऑफ़िस
साल 2015 में सलमान ख़ान 50 के हुए और उसी साल ईद पर उनकी फ़िल्म बजरंगी भाईजान ने ख़ूब कमाई की. अक्सर सलमान ख़ान की आलोचना करने वालों को भी ये फ़िल्म पसंद आई और इसे उनकी सबसे अच्छी फ़िल्मों में गिना गया.
अतुल मोहन कहते हैं कि बजरंगी भाईजान एक प्रयोग था, जिसमें एक्शन नहीं था. दर्शक अपेक्षा कर रहे थे कि सलमान ख़ान का किरदार पाकिस्तान जा रहा है तो ग़दर फ़िल्म की तरह मारधाड़ होगी लेकिन फ़िल्म में एक्शन नहीं था.
इसके बावजूद सलमान ख़ान की छोटी बच्ची के साथ केमिस्ट्री दर्शकों को भावुक कर गई और ये फ़िल्मी प्रयोग सफल रहा.
सलमान ख़ान ने इसके बाद और प्रयोग किए. जैसे, ट्यूबलाइट और भारत जैसी फ़िल्में, जिन्हें दर्शकों ने नकारा. सलमान ख़ान के एक्शन अवतार दबंग-3 और रेस-3 को भी दर्शकों ने नकारा, इसके बावजूद इन फ़िल्मों ने 100 करोड़ से ज़्यादा कमाई की.
वहीं, फ़िल्म ट्यूबलाइट न चलने पर सलमान ख़ान ने फ़िल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स को मुआवज़ा भी दिया.
साल 2021 और सलमान ख़ान की ज़िम्मेदारी
सलमान ख़ान फ़िल्म इंडस्ट्री के सबसे भरोसेमंद सुपरस्टार माने जाते हैं. उनकी फ़िल्मों को ज़बरदस्त ओपनिंग मिलती आई है.
इन चंद बरसों में उनकी सबसे कमज़ोर फ़िल्म टूयूबलाइट ने भी 120 करोड़ कमाए. कोरोना महामारी के कारण साल 2020 में थिएटर बंद रहे. साल के आख़िर में खुले थिएटर में दर्शकों की कमी देखने को मिली.
अतुल मोहन का कहना है ही की साल 2021 में सलमान ख़ान की फ़िल्म राधे और अक्षय कुमार की फ़िल्म सूर्यवंशी से फ़िल्म इंडस्ट्री को बहुत उमीदें हैं जो दर्शकों को थिएटर तक ला सकती हैं.
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