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अमिताभ बच्चन: आज भी जारी है 'बुड्ढा होगा तेरा बाप' वाला तेवर
- Author, प्रदीप सरदाना
- पदनाम, वरिष्ठ पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
"काम पर हूँ, सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक केबीसी. अब यहाँ हूँ रिकॉर्डिंग पर, आधी रात के भी बाद तक. बिना मेहनत के जीवन में कुछ मिलता नहीं. बाबूजी कहते थे, जब तक जीवन है, तब तक संघर्ष है."
सुपर स्टार अमिताभ बच्चन ने ये बात अपने 78वें जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले ट्वीट करके कही है.
आज 11 अक्तूबर को अमिताभ बच्चन 78 बरस के हो गए हैं, अपनी इस उम्र में भी अमिताभ कितने सक्रिय, कितने मेहनती और कितने समर्पित हैं, इस बात की मिसालों की कमी नहीं है.
आज भी वे जिस उत्साह और जिस ऊर्जा के साथ लगातार कई-कई घंटे बिना थके काम कर रहे हैं, उसकी कोई और मिसाल ढूँढे नहीं मिलती.
उम्र तो अमिताभ के लिए बेमानी है.
सही अर्थों में काम के मामले में अमिताभ किसी भी युवा से कम नहीं, सच तो यह है कि आज वह अपने सभी समकालीन अभिनेताओं को तो मात देते ही हैं साथ ही उनसे कम उम्र के भी अधिकतर अभिनेता उनके सामने नहीं ठहरते.
फिल्म संसार में एक से एक उम्रदराज और एक से एक शानदार अभिनेता हुए हैं. काम के प्रति भी बहुत से अभिनेताओं की लगन, निष्ठा और समर्पण भावना गज़ब की रही है लेकिन बढ़ती उम्र के आगे ज्यादातर अभिनेता निढाल हो गए. जबकि कुछ तो अपनी कई गौरवशाली उपलब्धियों के बावजूद स्वास्थ्य के चलते या किन्हीं और कारणों से अपनी कम उम्र में ही पिछड़ गए.
सिने इतिहास के सौ साल से भी लंबे दौर में काफी पीछे जाने पर भी अमिताभ बच्चन जैसा कोई और अभिनेता नहीं दिखता, जो इतनी उम्र में लगातार दिन रात काम करता रहा हो. मुख्य भूमिकाओं वाली फिल्मों के साथ टीवी शो, विज्ञापन यहाँ तक सामाजिक कार्यों में भी रात-दिन लगा हो.
अमिताभ बच्चन को फिल्मों में काम करते हुए 51 बरस हो गए हैं, काम के प्रति जबर्दस्त समर्पण का मैं भी पिछले चार दशकों से साक्षी रहा हूँ. अमिताभ से जब उनके दिल्ली स्थित घर पर मेरी पहली मुलाक़ात हुई थी तब अमिताभ की उम्र सिर्फ़ 35 साल थी, तब भी वह अपने काम के प्रति इतने बेचैन रहते थे, जितने आज हैं.
अनुशासन और समय के पक्के हैं अमिताभ
अमिताभ बच्चन को लेकर बहुत से कलाकार अक्सर ये कहते सुने जाते हैं-''अमिताभ बच्चन जैसा भाग्य सबका नहीं हो सकता. उनके लिए आज भी खास तौर से फिल्में लिखी जाती हैं. आज भी उनके पास काम की कमी नहीं है. लेकिन यह सौभाग्य हमको नहीं मिल सका.''
यह बात ठीक है कि अमिताभ बच्चन को इस उम्र में जो लोकप्रियता, जो सफलता और जो नित उपलब्धियां मिल रही हैं वह अन्य कई दिग्गज कलाकारों को नहीं मिलीं.
इस सबमें अमिताभ बच्चन के भाग्य की भी कुछ भूमिका हो सकती है लेकिन जहां तक मैं समझता हूँ भाग्य से ज़्यादा उनका अनुशासन और काम के प्रति उनका शत प्रतिशत समर्पण उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण है.
अमिताभ आज से नहीं, शुरू से ही इतने अनुशासित और समय के पाबंद हैं. उनके लिए 9 बजे का मतलब ठीक 9 बजे है. बहुत लोग बरसों पहले भी कहते थे कि अमिताभ समय के इतने पक्के हैं कि उनके सेट पर पहुँचने के टाइम से घड़ियाँ मिलाई जा सकती हैं. अमिताभ के अलावा ये मिसाल किसी और के लिए दी जाती थी, तो वह थे प्राण.
यहाँ यह भी दिलचस्प है कि प्राण और अमिताभ ने ज़ंजीर, कसौटी, डॉन, नसीब और शराबी सहित करीब दर्जन भर फिल्म में साथ काम किया है. जहां कई बार ऐसा होता था कि ये दोनों कलाकार शूटिंग के निर्धारित समय पर सबसे पहले सेट पर पहुँच जाते थे जबकि बाकी लोग देर से आते थे.
कई बीमारियों के बावजूद चुस्त-दुरुस्त
अमिताभ बच्चन की ज़िंदगी की बड़ी बात यह भी है कि वह बरसों से कई रोगों से पीड़ित हैं. यहाँ तक कि अमिताभ बच्चन का लिवर भी अब सिर्फ 25 प्रतिशत ही काम करता है. इसके बावजूद उन्होंने कभी अपने रोगों के सामने न हिम्मत हारी और न ही काम के सामने बीमारी को आड़े आने दिया.
अमिताभ को स्वास्थ्य को लेकर चाहे कितनी भी दिक्कत हो लेकिन जब उनकी शूटिंग होती है या उन्हें किसी अन्य निर्धारित कार्यक्रम में जाना होता है तो वह अपनी बीमारी को घर छोड़कर जाते हैं. कभी ऐसा नहीं होता कि वह सेट पर यह कहकर देर से पहुंचे कि आज उनकी तबीयत कुछ ठीक नहीं थी.
यह भी किसी को समझ नहीं आता कि सभी लोग मुंबई के ट्रैफिक में फँसने की बात कहकर आए दिन देरी से पहुँचते हैं लेकिन अमिताभ बच्चन भी उसी मुंबई का हिस्सा होकर कभी ट्रैफिक में क्यों नहीं फंसे.
कोरोना के चलते केबीसी को लेकर थी आशंका
जुलाई में जब अमिताभ बच्चन, अभिषेक, ऐश्वर्या और आराध्या कोरोना संक्रमित हो गए थे तो लगा कि अमिताभ के अस्पताल में दाखिल होने के बाद अब केबीसी का 12वां सीजन समय से शुरू नहीं हो पाएगा लेकिन अमिताभ ने अस्पताल से छुट्टी होने के कुछ दिन बाद ही, जब केबीसी की शूटिंग शुरू कर दी तो सभी के लिए यह हैरानी की बात थी.
जब 65 बरस की अधिक आयु के लोगों को कोरोना से बचाव को लेकर घर में ही रहने की सलाह दी गई है, कई सितारे शूटिंग करने के लिए कतई तैयार नहीं हैं तब भी अमिताभ ने हिम्मत न हारते हुए, केबीसी की शूटिंग शुरू करके, केबीसी का प्रसारण 28 सितम्बर से शुरू भी करा दिया.
केबीसी का यह बीसवाँ साल और 12वां सीजन है इसलिए चैनल इस सीजन को लेकर बड़ी तैयारी किए हुए था लेकिन सोनी चैनल अमिताभ के खराब स्वास्थ्य को देखते हुए केबीसी को कुछ विलंब से शुरू करने के लिए भी मन बना चुका था. सोनी पिक्चर्स के सीईओ एनपी सिंह ने साफ कर दिया था कि केबीसी सिर्फ अमिताभ के साथ ही करेंगे.
यह सब भी बताता है कि अमिताभ बच्चन सिर्फ सिल्वर स्क्रीन के ही नहीं स्मॉल स्क्रीन के भी शहंशाह बने हुए हैं, जहां चैनल अपने इतने बड़े प्रोजेक्ट को देर से शुरू करने के लिए तैयार है लेकिन अमिताभ के बिना शूटिंग के लिए तैयार नहीं है.
तीन फिल्में आने को तैयार
अमिताभ बच्चन आज भी 78 के बुजुर्ग होने के बाद भी देश के कई युवा सितारों को टक्कर देने का माद्दा रखते हैं उसका एक सशक्त उदाहरण यह भी है कि उनकी तीन फिल्में जल्द प्रदर्शित होने को हैं.
अगर कोरोना महामारी का प्रकोप न होता तो अमिताभ बच्चन की इस साल 4 फिल्में प्रदर्शित होने की घोषणा साल के शुरू में ही हो चुकी थी लेकिन कोरोना के कारण सब कुछ बदल गया.
फिर भी उनकी चार फिल्मों में से एक 'गुलाबो सिताबो' 12 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेज़न प्राइम वीडियो पर रिलीज की गई. इसी के साथ यह ओटीटी पर रिलीज होने वाली देश की पहली प्रमुख फीचर फिल्म बन गई. इस फिल्म को कुछ दर्शकों ने पसंद किया तो कुछ ने नहीं भी लेकिन अमिताभ के अभिनय और उनके अनोखे अंदाज़ के कारण फ़िल्म ने लगातार काफी सुर्खियां बटोरीं.
अब अमिताभ की जो फ़िल्म जल्द आने को हैं, उनके नाम हैं 'चेहरे', 'झुंड' और 'ब्रह्मास्त्र'. इनमें 'चेहरे और 'झुंड' में तो अमिताभ ही प्रमुख भूमिका में हैं जबकि 'ब्रह्मास्त्र' में रणबीर कपूर और आलिया भट्ट भी प्रमुख कलाकार हैं.
दक्षिण सिनेमा के एक बड़े बैनर वैजयंती मूवी ने भी नाग अश्वनी के निर्देशन में अमिताभ बच्चन, प्रभास और दीपिका पादुकोण के साथ एक मेगा फिल्म बनाने की घोषणा की है,
वैजयन्ती मूवी ने अपने 50 साल होने पर जब इस अनाम फिल्म की घोषणा की तो अमिताभ के साथ प्रभास ने भी ट्विटर पर काफ़ी खुशी ज़ाहिर की.
अमिताभ बच्चन को दक्षिण के फ़िल्मकार और 'बाहुबली' जैसी फिल्म के प्रसिद्ध नायक प्रभास भी कितना सम्मान देते हैं, इस बात का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है कि निर्माता ने अमिताभ को लेकर कहा है कि ''बिना लीजेंड के हम एक लिजेंडरी फिल्म बनाने का प्रयास भी कैसे कर सकते हैं.''
उधर प्रभास कहते हैं, ''अमिताभ सर के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करना एक सपने जैसा है और अब फ़ाइनली यह सपना सच होने जा रहा है."
अमिताभ इतनी उम्र में भी बॉलीवुड में फ़िल्मी दुनिया के कई बड़े अभिनेताओं का मुक़ाबला कैसे कर रहे हैं, इस बात को कुछ ऐसे भी समझा जा सकता है कि पिछले 10 बरसों में अमिताभ की करीब 20 फिल्में प्रदर्शित हो चुकी हैं.
जबकि अमिताभ से उम्र में करीब 8 साल छोटे और दक्षिण के सर्वाधिक लोकप्रिय स्टार रजनीकान्त ने पिछले 20 बरसों में सिर्फ 15 फिल्में की हैं.
इन पिछले 10 बरसों में अमिताभ की कुछ फिल्में दर्शकों-समीक्षकों ने तो खूब सराही ही हैं, साथ ही बॉक्स ऑफिस पर भी उनकी कुछ फिल्में अच्छी कामयाब रहीं, जैसे बदला, 102 नॉट आउट, पिंक, पीकू और भूतनाथ रिटर्न्स.
बड़े-बड़े नायकों को पीछे छोड़ा
यूं जब अमिताभ बच्चन के फिल्मों में 40 बरस होने पर करीब 10 साल पहले उन पर एक स्पेशल स्टोरी करते हुए मैंने लिखा था-''अमिताभ ने 40 बरस में सभी को पीछे छोड़ा' तो अमिताभ ने उसे पढ़ते हुए मुझसे कहा था-''आपने यह सब गलत लिखा है, मुझसे आगे तो कई अभिनेता हैं.''
असल में यह सब अमिताभ ने अपनी शालीनता के चलते कहा था जबकि सभी जानते हैं कि अमिताभ बच्चन का आज कोई और सानी नहीं है.
सिनेमा उद्योग में आज ऐसे भी कई कलाकार हैं जो अमिताभ बच्चन से उम्र में ज्यादा हैं, मसलन दिलीप कुमार जो अब 97 साल के हो गए हैं. अपने करियर में उन्होंने बहुत नाम कमाया है, अमिताभ भी उनको अपना आदर्श मानते हैं लेकिन दिलीप साहब कि अंतिम प्रमुख फिल्म सन 1991 में आई थी -'सौदागर'. उस समय दिलीप कुमार की उम्र 69 बरस थी.
वैसे वर्ष 1998 में आयी फिल्म 'किला' दिलीप कुमार की अंतिम फिल्म है लेकिन वह फिल्म रुक-रुक कर काफी समय से बन रही थी इसलिए सही मायने में 'किला' ढंग से प्रदर्शित भी नहीं हो पायी थी.
हालांकि, दिलीप कुमार की तब भी उम्र 76 साल थी, उसके बाद दिलीप साहब की कोई फिल्म नहीं आई. यूं भी अपनी खराब सेहत के कारण दिलीप कुमार बरसों से फिल्मों से दूर हैं.
अमिताभ से उम्र में बड़े एक और नायक सदाबहार धर्मेन्द्र भी हैं जो अब 84 साल के हैं, वैसे वे काफी एक्टिव हैं, देखने में अमिताभ से कुछ कम उम्र के ही लगते हैं लेकिन जहां तक फिल्मों की बात है तो उनके इस दोस्त 'वीरू' को फिल्में नहीं मिल पा रही हैं.
पिछले कुछ बरसों से धर्मेन्द्र अपनी होम प्रॉडक्शन की दो चार फिल्मों में ही काम कर सके हैं जैसे यमला पगला दीवाना, टेल मी ओ खुदा और अपने. बाहर के निर्माता से उन्हें आखिरी फिल्म 'लाइफ इन ए मेट्रो' साल 2007 में जब मिली थी तब धर्म पा जी की उम्र 72 साल थी.
इससे पहले अमिताभ बच्चन के समकालीन अभिनेताओं में राजेश खन्ना, शशि कपूर, संजीव कुमार, विनोद खन्ना, सुनील दत्त, फिरोज खान, शम्मी कपूर, देव आनंद और ऋषि कपूर तो अब इस दुनिया में ही नहीं हैं, इनमें से कुछ का तो कम उम्र में ही निधन हो गया था.
इन अभिनेताओं में यूं शशि कपूर और शम्मी कपूर दोनों का निधन 79 बरस की उम्र में हुआ था लेकिन शशि कपूर तो अपने निधन से बरसों पहले फिल्में छोड़ चुके थे.
जबकि शम्मी कपूर यूं अपने अंत यानि 2011 तक फिल्मों में थोड़े-बहुत सक्रिय रहे लेकिन अपने अंतिम 5 बरसों में शम्मी ने सिर्फ दो फिल्में कीं जिनमें साल 2006 की 'सैंडविच' और 2011 की 'रॉकस्टार' हैं लेकिन ये दोनों फिल्में भी शम्मी कपूर ने अपनी खराब तबीयत के चलते, कुछ लोगों के विशेष आग्रह पर की थीं.
आज अमिताभ के साथियों में जीतेंद्र भी 78 साल के हैं. फिटनेस, सेहत और लुक के मामले में जीतेंद्र, अमिताभ के मुक़ाबले में बहुत बेहतर और आज भी आकर्षक हैं लेकिन फिल्मों में काम करने के मामले में वह भी बहुत पीछे हैं.
ऐसे ही रणधीर कपूर भी जो अब 73 के हैं, उनकी अभी तक की अंतिम फिल्म 2014 में प्रदर्शित हुई थी-'सुपर नानी'. फिल्मों की सक्रियता के मामले में वह तो अमिताभ से कहीं पीछे हैं.
देवआनंद अधिक उम्र के बाद भी फिल्मों में अंत तक यानि 88 वर्ष तक काम करते रहे, उनकी अंतिम फिल्म थी 'चार्जशीट' लेकिन देव साहब अपनी होम प्रॉडक्शन से खुद ही अपने लिए फिल्म बनाते थे. वह भी बहुत कम फिल्में.
देवआनंद से पहले एक और सदाबहार अभिनेता थे अशोक कुमार. अच्छी बात यह भी थी कि वह 90 बरस तक जिए, साथ ही वह 1997 तक अपनी 86 की उम्र तक फिल्में करते भी रहे लेकिन कभी-कभार ही. लेकिन जैसी फिल्में इन दिनों भी नियमित रूप से अमिताभ के लिए लिखी जा रही हैं, वैसी फिल्में अशोक कुमार को बुढ़ापे में नहीं मिलीं.
खान सितारों से भी आगे
इधर देखें तो अमिताभ बच्चन आज के अपनी उम्र से 20 से 25 साल छोटे तीन खान सितारे आमिर खान, सलमान खान और शाहरुख खान से भी आगे हैं, शाहरुख खान की अभी कोई फिल्म फ्लोर पर नहीं है, आमिर खान भी अभी सिर्फ़ एक फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' में काम कर रहे हैं.
जबकि सलमान खान की भी एक फिल्म 'राधे' ही फ्लोर पर है. हालांकि, सलमान के पास एक टीवी शो 'बिग बॉस' भी है लेकिन अमिताभ के पास आज तीन फिल्में ऐसी हैं जो जल्द प्रदर्शित हो जाएंगी, उधर उनकी प्रभास के साथ जो नयी अनाम फिल्म की घोषणा हुई है वह कई भाषाओं में बनेगी और साल 2022 में प्रदर्शित होगी.
अमिताभ के सामने आज कोई अभिनेता मुक़ाबले में डटकर खड़ा है तो वह हैं अक्षय कुमार. उनके पास आज लक्ष्मी बॉम्ब, पृथ्वीराज, सूर्यवंशी और बैलबॉटम जैसी फिल्में हैं.
अक्षय जिस तीव्रता और समझदारी से फिल्में कर रहे हैं, वह निश्चय ही काबिले तारीफ है.
अक्षय की उम्र अब 53 साल है लेकिन अमिताभ को अक्षय से भी बेहतर इसलिए कहा जा सकता है क्योंकि अक्षय जहां शाम 7 बजे तक खाना खाकर जल्द सो जाते हैं, वहाँ अमिताभ बच्चन रात को दो-तीन बजे तक जागकर, अपनी 78 की उम्र और कई बीमारियों के बावजूद काम करते रहते हैं. तभी हम कहते हैं अमिताभ 78 की उम्र में भी किसी नौजवान से कम नहीं.
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