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कंगना रनौत को वाई प्लस सुरक्षा देने पर महाराष्ट्र के गृहमंत्री हैरान
केंद्र सरकार ने अभिनेत्री कंगना रनौत को वाई प्लस लेवल की सुरक्षा मुहैया कराने का फ़ैसला किया है जिसपर महाराष्ट्र सरकार ने हैरानी जताई है.
महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने इस फ़ैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है, "मुंबई या महाराष्ट्र जो भी भी उसका अपमान करता है, ऐसे व्यक्ति को केंद्र शासन 'Y' प्लस की सुविधा देता है ये बहुत ही आश्चर्यकारक और दुखकारक है. महाराष्ट्र कोई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, शिवसेना और कांग्रेस का ही नहीं है. भाजपा का भी है पूरी जनता का है."
कंगना रनौत ने कुछ दिनों पहले ही सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद कहा था कि वे मुंबई में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं.
केंद्र सरकार की ओर से सुरक्षा मुहैया कराने से जुड़ी रिपोर्टों के सामने आने के बाद कंगना ने ट्विटर पर देश की गृह मंत्री अमित शाह को शुक्रिया भी कहा है.
कंगना ने कहा, "ये प्रमाण है कि अब किसी देशभक्त आवाज़ को कोई फ़ासीवादी नहीं कुचल सकेगा, मैं अमित शाह जी की आभारी हूँ. वो चाहते तो हालातों के चलते मुझे कुछ दिन बाद मुंबई जाने की सलाह देते मगर उन्होंने भारत की एक बेटी के वचनों का मान रखा, हमारे स्वाभिमान और आत्मसम्मान की लाज रखी, जय हिंद."
केंद्र सरकार का ये फ़ैसला शिवसेना सांसद संजय राउत और कंगना के बीच चल रही कड़वाहट भरी बयानबाज़ी के बीच आया है.
कैसी होती है वाई प्लसश्रेणी की सुरक्षा
भारत में नेताओं या बड़ी शख्सियतों को आम तौर पर ज़ेड प्लस, ज़ेड, वाई और एक्स श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाती है. इनमें केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जज, मशहूर नेता और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं.
ज़ेड श्रेणी की सुरक्षा में सुरक्षाकर्मियों की संख्या 22 होती है. इस श्रेणी में आईटीबीपी (इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस) और सीआरपीएफ (केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल) के जवान और अधिकारी सुरक्षा में लगाए जाते हैं. इस श्रेणी की सुरक्षा में एस्कॉर्ट्स और पायलट वाहन भी दिए जाते हैं.
जबकि वाई श्रेणी में यह संख्या घटकर 11 हो जाती है. जिनमें दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफीसर्स (पीएसओ) शामिल होते हैं.
वाई-प्लस श्रेणी में एक एस्कॉर्ट वाहन और निजी सुरक्षाकर्मी के अतिरिक्त आवास पर एक गार्ड कमांडर और चार गार्ड तैनात रहते हैं. इन गार्डों में एक सब-इंस्पेक्टर रैंक का अधिकारी होता है जबकि तीन अन्य सुरक्षाकर्मियों के पास स्वचालित हथियार होते हैं.
एक्स कैटगरी में मात्र 2 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं जिनमें एक पीएसओ शामिल होता है.
संजय राउत से तीखी बहस
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ रविवार को कंगना के पिता ने संजय राउत से चल रही तीखी बहस को देखते हुए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को चिट्ठी लिखकर अपनी बेटी को सुरक्षा मुहैया कराये जाने की मांग की थी.
पिछले हफ़्ते कंगना ने कहा था, "संजय राउत ने मुझे खुले में धमकी दी है और मुंबई नहीं आने को कहा है, मुंबई की गलियों में आज़ादी ग्रैफिटी और अब खुली धमकी, मुंबई पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर जैसी फ़ीलिंग क्यों दे रहा है?"
इससे पहले कंगना रनौत ने ट्विटर पर एक वीडियो जारी किया था जिसमें उन्होंने संजय राउत की ओर से एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में उनके लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल करने पर उन्हें जवाब दिया.
कंगना रनौत ने वीडियो में कहा कि देश की बेटियां संजय राउत को माफ़ नहीं करेंगी क्योंकि उन्होंने उनका शोषण करने वालों को बढ़ावा दिया है.
कंगना का वीडियो मैसेज
वीडियो में कंगना ने कहा, "संजय राउत जी आपने कहा कि मैं एक ***खोर लड़की हूं. आप एक सरकारी मुलाज़िम हैं एक मंत्री हैं आप तो जानते ही होंगे कि इस देश में हर दिन नहीं बल्कि हर घंटे कितनी लड़कियों के बलात्कार हो रहे हैं. कितनी लड़कियों का शोषण किया जा रहा है. उनकी बॉडी काटकर एसिड डालकर फेंक दी जा रही है. उनकी काम की जगह पर उन्हें गालियां दी जा रही हैं, उनका अपमान किया जा रहा है."
"जब आमिर खान ने कहा कि उन्हें इस देश में डर लगता है तो उन्हें किसी ने ***खोर नहीं कहा और जब नसीरुद्दीन शाह जी ने भी कहा था तब उन्हें किसी ने ***खोर नहीं कहा. जिस मुंबई पुलिस की मैं तारीफ़ करते हुए नहीं थकती थी. आज वो पालघर में साधुओं की लिंचिंग पर वो कुछ नहीं करते हैं, खड़े रहते हैं. सुशांत सिंह राजपूत के लाचार पिता की एफ़आईआर नहीं लेते हैं. मेरा बयान नहीं लेते हैं."
"तो अगर मैं उनकी निंदा करती हूं ये मेरी अभिव्यक्ति की आज़ादी है. संजय जी मैं आपकी निंदा करती हूं. आप महाराष्ट्र नहीं हैं. आप ये नहीं कह सकते कि मैंने महाराष्ट्र की निंदा की. मैं 9 सितंबर को आ रही हूं. आपके लोग कह रहे हैं कि आप लोग मेरा जबड़ा तोड़ देंगे. आप लोग मुझे मार डालेंगे."
"आप लोग मुझे मारिए, क्यों, क्योंकि इस देश की गरिमा और अस्मिता के लिए ना जाने कितने लोगों ने अपनी जान दी है और हम भी देंगे क्योंकि हमको भी अपना फ़र्ज़ निभाना है. मिलते हैं 9 सितंबर को. जय हिंद जय महाराष्ट्र."
संजय राउत ने कहा, माफ़ी मांगने को तैयार लेकिन..
वहीं कंगना रनौत को '***खोर लड़की' कहने वाले बयान पर माफ़ी मांगने के सवाल पर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है, "अगर वो लड़की (कंगना रनौत) महाराष्ट्र से माफ़ी मांगेगी (मुंबई को लेकर दिए बयान पर) तो मैं सोचूंगा."
कहां से शुरू हुआ विवाद
दरअसल पिछले कुछ समय से कंगना अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर लगातार मुंबई पुलिस के काम पर सवाल उठा रही हैं.
कंगना ने एक ट्वीट में लिखा था, "एक बड़े स्टार के मारे जाने के बाद मैंने ड्रग और फ़िल्म माफ़िया के रैकेट के बारे में आवाज़ उठाई. मैं मुंबई पुलिस पर भरोसा नहीं करती क्योंकि उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत की शिकायत को नज़रअंदाज़ किया था. उन्होंने सबसे कहा था कि वो लोग उसे मार देंगे, बावजूद इसके उन्हें मार दिया गया. मैं असुरक्षित महसूस करती हूं, क्या इसका ये मतलब है कि मैं फ़िल्म इंडस्ट्री या मुंबई से नफ़रत करती हूं."
इसके बाद शिवसेना नेता संजय राउत ने भी कहा कि उन्हें अगर मुंबई पुलिस से डर लगता है तो वो मुंबई ना आएं.
इसके बाद कंगना ने एक और ट्वीट कर लिखा, "संजय राउत ने मुझे खुले में धमकी दी है और मुंबई नहीं आने को कहा है, मुंबई की गलियों में आज़ादी ग्रैफिटी और अब खुली धमकी, मुंबई पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर जैसी फ़ीलिंग क्यों दे रहा है?"
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