'मेर्सल' बनाम मोदी समर्थक, किसकी होगी 'विजय'?

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- Author, सुधा जी तिलक
- पदनाम, वरिष्ठ पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
दिवाली पर रिलीज़ हुई फिल्म 'मेर्सल' का धमाका सिनेमाघरों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी जारी है. तमिलनाडु में यह फ़िल्म हिट साबित हो चुकी है. इस फ़िल्म के एक सीन में नायक सरकार की कमियों पर कड़ा प्रहार करता दिख रहा है.
वह आम लोगों को होने वाली समस्याओं को उठाता है. यह पिक्चर सुर्खियों में तब आई जब तमिलनाडु की बीजेपी प्रमुख तमिलिसाई सुंदराजन ने फ़िल्म पर सवाल उठाने शुरू किए. उन्होंने फ़िल्म पर भारत सरकार की योजनाओं की आलोचना करने के आरोप लगाए.
सुंदराजन ने कुछ दृश्य और डायलॉग को विवादित बताकर उन्हें हटाने की मांग की, साथ ही उन्होंने फ़िल्म के नायक विजय पर इसके ज़रिए राजनीतिक लाभ उठाने के आरोप भी लगाए.

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ऐसा क्या है उस सीन में?
मेर्सल में विजय ने डॉक्टर मारन नाम का किरदार निभाया है, जो देश के खराब स्वास्थ्य हालात पर कड़ी नज़र रखता है. जिस सीन का बीजेपी विरोध कर रही है, उसमें विजय जीएसटी की आलोचना करते दिखते हैं. भारत सरकार ने इस साल जून माह से देशभर में एक टैक्स की व्यवस्था जीएसटी लागू कर दी थी.
फ़िल्म में डॉक्टर मारन नामक किरदार कहता है, "सिंगापुर जैसे देशों की सरकार बहुत कम जीएसटी वसूलती है और बदले में बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराती है, जबकि भारत सरकार हमसे 28 प्रतिशत जीएसटी लेने के बाद भी अच्छी स्वास्थ्य सुविधा देने में नाकाम है."
इसी सीन में वे सवाल पूछते हैं, "जिस देश में दवाइयों पर 12 प्रतिशत टैक्स लगाया जाता है वहां शराब पर कोई जीएसटी क्यों नहीं है जिसकी वजह से महिलाएं सबसे ज़्यादा परेशान होती हैं." इतना ही नहीं हीरो ऐसे तमाम उदाहरण सामने रखता है जब खराब स्वास्थ्य व्यवस्था की वजह से लोगों की मौत हो गई.

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मोदी बनाम विजय
मेर्सल का हीरो कहता है, "एक सरकारी अस्पताल ऑक्सीजन सप्लाई के बिना कैसे काम कर सकता है?" यह सवाल सीधे तौर पर हाल ही में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 100 से अधिक बच्चों की मौत से जुड़ता है. उत्तर प्रदेश में अभी बीजेपी की ही सरकार है.
एक अन्य दृश्य में नायक कहता है, "लोग सरकारी अस्पतालों में जाने से डरते हैं और इसका फ़ायदा प्राइवेट अस्पतालों को मिलता है.'' वे कहते हैं, ''देश को मंदिरों से ज़्यादा अस्पतालों की ज़रूरत है." तमिलनाडु में बीजेपी नेता एच राजा ने हीरो विजय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ 'नफ़रती अभियान' चलाने का आरोप लगाया है.
हालांकि दूसरी तरफ विजय के फैन भी उनके पूरे समर्थन में उतरे हुए हैं. ट्विटर पर विजय के 30 लाख से ज़्यादा फॉलोवर हैं. विजय के फैन उनकी और पीएम मोदी की 2014 में चेन्नई में हुई मुलाकात की तस्वीरें ट्वीट कर आरोप लगा रहे हैं कि बीजेपी ने विजय के प्रशंसकों के दम पर वोट प्राप्त करने की कोशिश की.

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पिछले कई दिनों से ट्विटर पर मेर्सल बनाम मोदी की जंग चल रही है. लोग विजय को मोदी के ख़िलाफ़ खड़ा कर रहे हैं.
विजय के प्रशंसकों ने पिक्चर के विवादित सीन को लीक कर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया है.
साथ ही विपक्ष के कई बड़े नेताओं ने भी इस मसले पर ट्वीट किया है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी फ़िल्म के समर्थन में ट्वीट किया.

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पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने ट्वीट कर बीजेपी पर निशाना साधा है.

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जाने-माने फ़िल्म अभिनेता कमल हासन ने ट्वीट कर कहा है कि जब मेर्सल को सेंसर बोर्ड ने पास कर दिया है तो उसे दोबारा सेंसर करने की कोई ज़रूरत नहीं है.

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फ़िल्म की प्रोड्यूसर हेमा रुकमणी का कहना है कि मेर्सल सरकार का विरोध नहीं करती है.
वह कहती हैं, ''यह फ़िल्म मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करती है, इस फ़िल्म के मूल में एक डॉक्टर का सपना है.''
हेमा ने बीबीसी को बताया कि फ़िल्म से कोई सीन या डायलॉग नहीं हटाया गया है, उन्होंने इस मसले को सुलझाने के लिए बीजेपी के स्थानीय नेताओं से भी मुलाकात की.
ख़ैर चाहे जो भी हो इस पूरे विवाद ने मर्सेल को तमिलनाडु में एक ब्लॉक बस्टर हिट तो बना ही दिया है.
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