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कश्मीर जाकर अदनान सामी को जहन्नुम होने का यकीन क्यों हुआ?
- Author, माजिद जहांगीर
- पदनाम, श्रीनगर से, बीबीसी हिंदी के लिए
'मेरी बुनियाद डालने में कश्मीर का बहुत बड़ा हाथ है. मेरी अम्मी भी जम्मू-कश्मीर से हैं और मेरे उस्ताद भी कश्मीर के हैं.'
घाटी में म्यूज़िक कॉन्सर्ट करने गए सिंगर अदनान सामी ने बीबीसी से अपने कश्मीर कनेक्शन और भारत-पाक रिश्तों पर खास बातचीत की.
शनिवार को सामी ने श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में म्यूज़िक कॉन्सर्ट किया.
अदनान सामी कहते हैं, ''मैंने हिंदुस्तानी क्लासिकल संगीत की ट्रेनिंग पंडित शिव कुमार शर्मा से ली है, वो कश्मीर में रहते हैं. मुझे जिस बात के लिए क्रेडिट दिया जाता है कि मैं पहला इंसान हूं, जिसने हिंदुस्तानी क्लासिकल म्यूज़िक पियानो पर बजाया है. इसकी बुनियाद संतूर है. पियानो और संतूर को आप भाई-भाई समझिए. पैदा भले ही पश्चिम में हुए, लेकिन बुनियाद संतूर में है.''
कश्मीर ने अदनान सामी को क्या दिया?
- ''बहुत कुछ दिया. संगीत इसका अहम हिस्सा है. क्योंकि मैं जब पियानो पर हिंदुस्तानी क्लासिकल बजाता हूं, अगर इसे आंख बंद करके आप सुनें तो आपको लगेगा कि मैं संतूर बजा रहा हूं.
- मेरे संगीत की सारी बुनियाद कश्मीर से है. मैंने तरबियत यहीं से ली है.
- भारत और पाकिस्तान के रिश्तों की बात करूं तो कुछ लोगों ने अपने मक़सद के लिए नफरत की दीवारें बनाई हैं.
- जब कोई हिंदुस्तान का आम नागरिक पाकिस्तान जाता है तो उसको बहुत प्यार मिलता है और जब पाकिस्तान का कोई हिंदुस्तान आता है तो उसको भी यहां बहुत प्यार मिलता है.
- ऐसे कुछ लोग हैं जिनका एजेंडा है और ये लोग वो सब करते हैं जो उनको करना होता है.
- कुछ लोग बदक़िस्मती से उनकी बातों में बहक जाते हैं. लेकिन हक़ीक़त जो है, वो ये कि प्यार दोनों तरफ है.''
'फुर्सत से बनाया गया है कश्मीर'
कश्मीर में इस तरह के कॉन्सर्ट आयोजित करने पर उन्होंने कहा, ''इंसान दुनिया के जिस कोने में हो, प्यार एक ऐसी चीज़ होती है, जिसके साथ इंसान पैदा होता है. नफरत और गलत किस्म की जो सोच होती है, वह दुनिया आप के अंदर पैदा करती है. इसे आप पैदा नहीं करते हैं.
- कश्मीर सच में ज़मीन पर जन्नत है. खुदा से इसे बहुत फुर्सत और प्यार से बनाया है. इस ज़मीन पर प्यार से सिवा कुछ दिखता नहीं है.
- यहां वो हर चीज़ होनी चाहिए, जो प्यार और संगीत के साथ जुड़ी हो. मुझे यहां के लोगों ने जो प्यार दिया, मैं उसे ही लौटाने आया हूं.
- मैं कश्मीर से अमीर बनकर जाऊंगा, इतनी सारी यादें ले जाऊंगा. यहां और भी कॉन्सर्ट होने चाहिए.
- आज मुझे जहन्नुम होने का यकीन हो गया, क्योंकि मैंने जन्नत देखी है.''
अदनान ने तीन घंटों तक कॉन्सर्ट में मौजूद दर्शकों को अपने कई सारे हिट गाने सुनाए.
कॉन्सर्ट को लेकर क्या थीं सावधानियां?
इस कॉन्सर्ट में क़रीब 1500 लोगों ने शिरकत की. इनमें प्रशासन के लोग, पुलिस अधिकारी, प्रशासन के अहम अधिकारी और कुछ नेता भी शामिल थे.
ये म्यूज़िक कॉन्सर्ट जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग ने आयोजित किया था. लेकिन इसमें आम जनता नहीं जा सकती थी. अदनान को सुनने के लिए स्पेशल एंट्री पास होना ज़रूरी थी.
म्यूजिक कॉन्सर्ट जिस जगह हो रहा था, वहां से दोपहर चार बजे के बाद किसी भी गाड़ी को यात्रा करने से रोक दिया गया था.
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