क्या फ़िल्मी गॉसिप से उठ सकते हैं राजनीतिक मुद्दे?

    • Author, जेसिका मर्फी
    • पदनाम, टोरंटो, बीबीसी संवाददाता

फ़िल्मी सितारों से जुड़ी गॉसिप्स में अधिकतर लोगों की बहुत दिलचस्पी होती है. कौन सा सेलिब्रिटी कहां जा रहा है, किसने क्या कहा, किसको कहा... इस तरह की बातें आमतौर पर हम सभी चटकारे लेकर पढ़ते और सुनते हैं.

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सेलिब्रिटी से जुड़ी तमाम गॉसिप का सामाजिक या राजनीतिक पहलू भी हो सकता है, उन्हें सिर्फ चटकारेदार खबरें न मानकर उनसे बहस के मुद्दे भी उठने चाहिए.

कनाडा की एक गॉसिप ब्लॉगर इसी बात पर बहस कर रही हैं. वे चाहती हैं कि सेलेब्रिटीज़ के बीच होने वाली बातचीत या गॉसिप से जुड़ी खबरों में समाज और राजनीति की बातें हों.

एलेन लैनी लुई नाम की यह ब्लॉगर इस वक्त टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (टिफ) कवर कर रही हैं. यह फिल्म फेस्टिवल 17 सितंबर तक चलेगा और इस दौरान लुई कई फिल्मी सितारों से मिलेंगी.

43 साल की लुई कनाडा के टीवी नेटवर्क में एंटरटेनमेंट रिपोर्टर हैं, इस फिल्म फेस्टिवल के दौरान उन्हें डबल शिफ्ट करनी पड़ती है. इसके साथ ही वो लैनी गॉसिप नाम से अपना ब्लॉग/वेबसाइट भी चलाती हैं.

इस ब्लॉग में, वो जिन ख़ास शख़्सियतों से मिलती हैं, उनके बारे में लिखती हैं. उनके ब्लॉग को 15 लाख से ज्यादा लोग पढ़ते हैं.

फेस्टिवल के ज़रिए मिलने का मौका

साल 2010 से ही टिफ फिल्म फेस्टिवल तेजी से लोकप्रिय होता जा रहा है. हॉलीवुड की कई बड़ी फिल्में यहां दिखाई जाती हैं. लुई कहती हैं कि फिल्म फेस्टिवल की ज़रिए उन्हें सेलिब्रिटीज़ के करीब आने का मौका मिलता है और वे उनसे कई निजी बातें निकलवाने में कामयाब रहती हैं.

सात साल पहले लुई ऑस्कर अवॉर्ड विजेता कोलिन फर्थ की पार्टी में गई थीं, बाद में लुई ने लिखा था, ''ऐसा बहुत कम होता है, मुश्किल से एक ही बार, जब आप किसी ऐसे मूवी स्टार या बड़े सेलिब्रिटी से मिलते हैं, जो असल ज़िदंगी में भी बेहद अच्छा हो, कोलिन फर्थ उन्हीं कुछ सितारों में से एक हैं.''

टिफ फिल्म फेस्टिवल में 4 लाख से ज्यादा लोग हिस्सा लेते हैं, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री के हज़ारों लोग होते हैं. इस फिल्म फेस्टिवल से कनाडा की अर्थव्यवस्था को हर साल 15.5 करोड़ डॉलर की कमाई होती है.

गॉसिप बिजनेस में कैसे आईं?

इस सवाल के जवाब में वो कहती हैं कि साल 2003 में यह सब शुरू हुआ. वो अपने दोस्तों को फिल्मों से जुड़ी झूठी-सच्ची ख़बरों पर ई-मेल के जरिए लिखा करती थीं.

एक साल बाद उन्होंने देखा कि उनकी इन ई-मेल को कई लोग पढ़ना पसंद कर रहे हैं. तब लुई ने एक वेबसाइट शुरू करने की सोची और साल 2006 तक उन्होंने पूरी तरह से इस काम को अपना लिया.

अब एक दशक बाद लुई के पति उनकी वेबसाइट और उससे जुड़े बिजनेस को संभाल रहे हैं. इस वेबसाइट में बाहर से भी लेखकों को जोड़ा गया है. लुई अब खुद एक बड़ी शख्सियत बन गई हैं.

वे मैगज़ीन कॉलम लिखने के साथ-साथ कॉलेज के बच्चों को लेक्चर भी देने लगी हैं. वो अपने छात्रों को सोशल और राजनीतिक बहस में हिस्सा लेने के तरीके सिखाती हैं.

नए ब्लॉगर्स ने मेनस्ट्रीम को दी टक्कर

ऑकलैंड यूनिवर्सिटी में कम्युनिकेशन प्रोफेसर एरिन मेयर्स कहती हैं, ''पहले इंटरनेट के जरिए गॉसिप शुरू होती थी. लोग यहां-वहां से ख़बरें सुनते थे और उन्हें अपने तरीके से इंटरनेट पर लिख देते थे. यह सब ऐसा था कि जैसे हम एक से ज्यादा लोगों के साथ गपशप लड़ा रहे हैं.''

नए ब्लॉगर्स अब मेनस्ट्रीम टैब्लाइड को कड़ी टक्कर दे रहे हैं. लुई जैसे ब्लॉगर तो सेलेब्रिटी की खबरों के साथ-साथ उनसे जुड़े प्रचारक, वकील, एजेंट और मीडिया से भी पर्दा उठाने में लगे हैं.

अब लोग फिल्मी सितारों को और करीब से जानना चाहते हैं, उनकी ज़िंदगी के अलग-अलग पहलुओं को देखना चाहते हैं. लुई ने साल 2006 के आसपास ही इस बात को समझ लिया था और उन्होंने अपने अलग अंदाज में यह सभी जानकारियां अपने ब्लॉग के जरिए देना शुरू किया.

गॉसिप से उठे बहस के मुद्दे

लुई कहती हैं, ''मै यह जानने की कोशिश करने लगी कि युवाओं को क्या पसंद आ रहा है, वो क्या पढ़ना चाहते हैं. मै अपनी सभी कहानियों को अलग अंदाज में और ज्यादा गहराई में लिखने की कोशिश करने लगी, मैंने सोचना शुरू किया कि आखिर इन सभी कहानियों में समाज से जुड़े मुद्दों को किस तरह शामिल किए जाएं.''

लुई अपनी वेबसाइट के लिए रोजाना 4000 शब्द लिखती हैं. अपने लेखों में वो कोशिश करती हैं कि उन मुद्दों को उठाया जाए जिससे सामाजिक या राजनीतिक बहस पैदा हो, जैसे हॉलीवुड में नस्ल, लिंग, विशेषाधिकार और यौन उत्पीड़न पर किस तरह की सोच रखी जाती है.

लुई अपने लेखों के जरिए हॉलीवुड फिल्मों में अश्वेत कलाकारों को मिलने वाले किरदार और अभिनेत्रियों के मेहनताने जैसे मुद्दे उठाती हैं.

वे अपने पाठकों को सेलिब्रिटी की जिंदगी से जुड़े अच्छे-बुरे सभी पहलुओं को दिखाना चाहती हैं. वे कहती हैं, ''मै ऐसा लिखना चाहती हूं जिससे यह बताया जा सके कि गॉसिप करना कितना जरूरी है.''

लुई कहती हैं, ''फिल्मी सितारों के लिए अंत में जो बात मायने रखती है, वह सिर्फ और सिर्फ ऑडियंस का प्यार है. सभी फिल्मी सितारों को यही चाहिए. किसी भी सेलिब्रिटी के लिए उसके फैन और ऑडियंस सबसे जरूरी होते हैं, क्योंकि उन्हीं के लिए वो परफॉर्म कर रहे होते हैं.''

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