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किसने काजोल से झूठ बोला?
जब अभिनेता धनुष और निर्देशक सौंदर्या रजनीकांत काजोल के पास तमिल फ़िल्म का प्रस्ताव लेकर गए तो उन्होंने कहा कि काजोल को तमिल नहीं बोलनी पड़ेगी. लेकिन काजोल जब फ़िल्म सेट पर पहुँची तो हुआ कुछ उल्टा.
काजोल जो बीस साल बाद तमिल फ़िल्म में नज़र आएँगी. उन्होंने बताया, "अभिनेता धनुष और निर्देशक सौंदर्या मेरे पास 'वेलाईयिल्ला पत्तथरी 2' यानी वीआईपी 2 की कहानी लेकर आए तो मुझे कहा कि तमिल नहीं बोलनी होगी. मुझे झूठ बोला और मैं मान गई. लेकिन जब सेट पर पहुँची तो तमिल में डायलॉग पढ़ने के लिए पन्ने दे दिए . मुझे कहा कोशिश करो."
काजोल ने बताया कि वो इस रोल को हां करने से पहले मैं थोड़ी नर्वस थी.
काजोल ने बताया, "किसी और भाषा में रोल निभाना कोई आसान बात नहीं. मुझे तो होमवर्क मिलता था कि मुझे रोज़ असिस्टेंट डायरेक्टर के साथ दो घंटे बिताने होते थे."
काजोल ने कहा, "कहीं ना कहीं आप जब किसी और भाषा मे अभिनय निभाते हो तो आप डायलॉग पर इतना ध्यान देते हो कि आप अपने हाव भाव पर ध्यान नहीं दे पाते और कहीं ना कहीं आप अपने आप से धोखा कर रहे होते हो."
फ़िल्म 'वेलाईयिल्ला पत्तथरी 2' की निर्देशक रजनीकांत की बेटी सौंदर्या रजनीकांत हैं और रजनीकांत के दामाद धनुष उसमें अभिनेता.
कुछ ऐसी भी खबरें आईं कि काजोल इसमें एक विलेन बनीं हैं और उनका रोल फ़िल्म 'गुप्त' के किरदार से मिलता जुलता है . इस पर धनुष ने कहा, "काजोल का किरदार बेशक अलग है और बहुत सी बातों पर उनके एक जैसी सोच नहीं लेकिन गुप्त के किरदार जैसा नही."
ये कजोल की दूसरी तमिल फ़िल्म है. इनकी पहली तमिल फ़िल्म आज से बीस साल पहले आई थी.
फ़िल्म का नाम था 'मिनसारा कनावू', जिसमें इनके साथ थे अरविंद स्वामी और प्रभु देवा. इस फ़िल्म का हिन्दी में नाम था- सपने. इस फ़िल्म के गाने जैसे 'चंदा रे ' और 'आवारा भंवरे' बड़े लोकप्रिय हुए थे.
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