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जानें कौन हैं बाहुबली बनाने वाले राजामौली
अगर आपने 'मगाधीरा' और 'ईगा' फ़िल्में देखी हैं तो यह समझने में दिक़्क़त नहीं होगी कि बाहुबली बनाने वाला शख़्स एसएस राजामौली ही हो सकता है.
43 साल के राजामौली ने 2015 में 'बाहुबली द बिगनिंग' बनाकर ये दिखाया था कि वे महज दक्षिण भारतीय सिनेमा के निर्देशक नहीं हैं. वे ऐसी फ़िल्म बना सकते हैं जिसके पीछे पूरा देश एक हो सकता है.
कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा? किसी भी फ़िल्म के बारे में दर्शकों और मीडिया के बीच इस सवाल को लेकर ऐसी जिज्ञासा शायद ही कभी देखने को मिली हो.
भारत के सूचना और प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने इस फ़िल्म को देखने के बाद कहा कि राजामौली ने भारतीय सिनेमा की सभी बाधाओं को ध्वस्त कर रख दिया है.
बाहुबली-2 ने रिलीज़ के पहले ही दिन 121 करोड़ रुपए का बिज़नेस कर नया मुकाम हासिल किया है. हिन्दी सिनेमा में कमाई के मामले में हाल के सालों में सलमान और आमिर ख़ान की बादशाहत रहती थी, लेकिन राजामौली ने इस बादशाहत को अपने नाम कर लिया.
बाहुबली 2 एक साथ तमिल, तेलुगू, मलयालम और हिन्दी भाषा में रिलीज़ हुई है और सबमें पहले ही दिन कमाई का रिकॉर्ड बनाने लगी.
स्क्रिपराइटर के बेटे राजामौली
फ़िल्मी दुनिया तो एसएस राजामौली को विरासत में मिली. इनके पिता विजयेंद्र प्रसाद टॉलीवुड के लोकप्रिय स्क्रिपराइटर हैं.
राजामौली का जन्म कर्नाटक के रायचुर में 10 अक्टूबर 1973 को हुआ था. हालांकि वह मूलतः आंध्र प्रदेश में पश्चिमी गोदावरी ज़िले में कोवुर शहर के हैं.
राजामौली ने चौथी क्लास तक कोवुर में ही पढ़ाई की थी और बारहवीं उन्होंने एलुर से किया. इनके पिता और भाई फ़िल्म इंडस्ट्री में थे और उन्हें भी यही पेशा रास आया.
उन्होंने फ़िल्म इंडस्ट्री में कोटागिरी वेंकेटश्वरा राव के अस्सिटेंट के रूप में शुरुआत की.
जिन फिल्मों से मिली पहचान
इसके बाद वह निर्देशक के राघवेंद्र राव के असिस्टेंट बने. राघवेंद्र के साथ राजामौली ने शांति निवासम टीवी सीरियल में काम किया.
शुरुआती दिनों में ही राजामौली ने अपनी मेहनत और लगन की छाप छोड़ दी थी. जिन निर्देशकों के साथ राजमौली ने काम किया वहां उन्होंने अपनी पहचान छोड़ी.
2009 में राजामौली ने 'मगाधीरा' और 2012 में ईगा फ़िल्म बनाई. इन दो फ़िल्मों के बाद राजमौली अपनी पहचान के मोहताज नहीं रहे. मगाधीरा देश भर में लोकप्रिय हुई और दर्शकों ने हाथों हाथ लिया.
बाहुबली ने कमाए थे कितने रुपये?
2015 में राजामौली दर्शकों के बीच बाहुबली फ़िल्म लेकर आए. इस फ़िल्म ने ऐसा प्रभाव छोड़ा कि राजामौली बॉक्स ऑफिस पर ख़ुद ही बाहुबली बनकर उभरे.
बाहुबली दुनिया भर से 650 करोड़ की कमाई करने वाली पहली दक्षिण भारतीय फ़िल्म बनी. पहली ग़ैर-हिन्दी फ़िल्म डबिंग के बाद 100 करोड़ से ज़्यादा कमाई करने वाली बनी. इसके साथ ही तेलुगू फ़िल्म के इतिहास में भी बाहुबली सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फ़िल्म बन गई.
राजामौली की 'बाहुबली2: द कन्क्लूजन' ने तो रिलीज होने से पहले ही सेटलाइट और प्रसारण अधिकार बेचकर पांच अरब की कमाई कर ली. 28 अप्रैल, 2017 को दुनिया भर की 9 हज़ार स्क्रिन पर बाहुबली रिलीज हुई.
राजामौली को सम्मान
राजामौली अपने काम के लिए कई अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं. उन्हें नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड, तीन फ़िल्मफेयर अवॉर्ड, नंदी अवॉर्ड, आईआईएफए और स्टार वर्ल्ड इंडिया से 2012 में इंटरटेनर ऑफ द ईयर का भी अवॉर्ड मिल चुका है.
2016 में राजामौली को सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया.
'बाहुबली 2 मेरी संतोषजनक फिल्म'
राजामौली ने बाहुबली 2 के बारे में कहा है कि यह उनके करियर के सबसे संतोषजनक फ़िल्म है.
उन्होंने ये भी कहा कि इससे पहले की उनकी फ़िल्में हीरो केंद्रित होती थीं, लेकिन पहली बार उन्होंने बाहुबली में सात मजबूत किरदारों को स्पेस दी है.
राजामौली की बाहुबली में तकनीक, एनिमेशन और भव्यता की जमकर तारीफ़ हो रही है. इसके साथ ही विजुएल इफेक्ट लिए लिए भी बाहुबली की प्रशंसा की जा रही है.
शुक्रवार को फ़िल्मकार रामगोपाल वर्मा ने ट्वीट कर कहा, ''अब साफ़ हो गया है कि एसएस राजामौली सभी ख़ानों, रौशनों और चोपड़ाओं...से बड़े हैं. मैं करण जौहर को राजामौली को सामने लाने के लिए सलाम करता हूं.''