'हाफ़ गर्लफ्रेंड' को भी लोग समझ जाएंगे

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अर्जुन कपूर और श्रद्धा कपूर अब नज़र आएँगे फ़िल्म 'हाफ़ गर्लफ्रेंड' में जिसके निर्देशक हैं मोहित सूरी और ये चेतन भगत की किताब 'हाफ़ गर्लफ्रेंड' पर आधारित है .
'फाइव पॉइंट सम वन' और 'टू स्टेट्स' जैसी किताबें लिख चुके चेतन भगत ने कहा , "मैं जवान लोगों के लिए लिखता हूँ तो मैं जवान लोगों से बात करता हूँ और उनकी आदतों पर ध्यान देता हूँ. आजकल के रिश्तों मे बदलाव आया है - चाहे वो टेक्नॉलॉजी की वजह से हो या करियर की वजह से. मैं कैफ़े में बैठ कर जवान लोगों को ध्यान से देखता हूँ."
चेतन कहते हैं ," मेरी सारी किताबों के टाइटल में ये सबसे अच्छा लगता है. लोग हाफ़ पैंट, हाफ़ प्लेट समझते हैं तो 'हाफ़ गर्लफ्रेंड' भी समझेंगे इसलिए ये टाइटल सही है . मैं जवान लोगों से बात करता और पूछता कि आप जिसके साथ हैं वो आपके क्या हैं, तो वो कन्फ्यूज़ होते . कहते ख़ास है लेकिन रिश्ता पता नहीं."

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चेतन ने बताया ,"अक्सर लोग कहते हैं कि हम अच्छे दोस्त हैं .बॉलीवुड के सितारे भी यही कहते हैं . वो उनके बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड भी नहीं हैं और और सिर्फ़ दोस्त भी नहीं. अगर वो कहते भी हैं तो लोग विश्वास नहीं करते . फिर मुझे लगा कि कोई ऐसा शब्द हो जिसमें ये बात ,ये रिश्ता तुरंत पता लग जाए. उसके लिए 'हाफ़ गर्लफ्रेंड' सही लगा."

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चेतन कहते हैं ," मैं अपनी हर किताब से एक संदेश देना चाहता हूँ लेकिन बोरिंग तरीके से नहीं."
चेतन भगत कि किताब 'टू स्टेट्स' पर बनी फ़िल्म में अभिनय कर चुके अर्जुन कपूर कहते हैं, '' क्योंकि उन्होंने पहली किताब नहीं पढ़ी थी तो उस पर बनी फ़िल्म हिट हो गई तो उन्होंने इस बार भी वही किया. ''
अर्जुन कपूर कहते हैं , "बहुत से ऐसे रिश्ते होते हैं उनका कोई नाम नहीं होता. कभी कभी अधूरेपन में ही कुछ चीज़ें पूरी हो जाती हैं. ये शब्द उन रिश्तों के लिए है जिनका कोई नाम नहीं. हाफ़ यानी आधा कभी बहुत अच्छा होता है तो आप कहते हैं - चलो इतना सा रिश्ता ही सही ,यही काफ़ी है . कभी कभी हाफ़ बुरा होता है. इस फ़िल्म में आपकी हाफ़ के दोनों पहलू मिलेंगे."

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निर्देशक मोहित सूरी ने बताया ,"मुझे याद है कि मैं एक लड़की से प्यार करता था . मैंने उस लड़की को बताया तो लड़की ने कहा कि हम बहुत अच्छे दोस्त हैं. तब मैं सोचता था कि काश कोई मुझे समझे और 'हाफ़ गर्लफ्रेंड' बना दे. ये टाइटल उन लोगों की सोच दर्शाता है जो लोग एक दूसरे को जानते हैं, पसंद करते हैं पर कमिट नहीं कर पाते."
वहीं श्रद्धा कपूर ने कहा ,"मुझे टाइटल पसंद है . दोस्त से ज़्यादा लेकिन प्यार से कम, मेरे किरदार का अर्जुन के किरदार से कुछ ऐसा ही रिश्ता है."
ये फ़िल्म मई में रिलीज़ होने वाली है.
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