सीक्वल फ़िल्में जो न बनतीं तो अच्छा होता

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- Author, स्टीवेन मैक्लेंटोश
- पदनाम, एंटरटेनमेंट संवाददाता
सीक्वल की सूची में ताज़ा नाम फ़िल्म 'ग्लैडिएटर' का हो सकता है. इस फ़िल्म को रिडले स्कॉट ने निर्देशित किया था जिसे साल 2000 में ऑस्कर में इसे बेस्ट फ़िल्म का पुरस्कार मिला.
इससे पहले लोग सोचते थे कि इस फ़िल्म का सीक्वल नहीं बन सकता क्योंकि मैक्सिमस डेसिमस मेरीडियस नामक क़िरदार फ़िल्म के अंत में मर जाता है.
इस क़िरदार को रसेल क्रो ने निभाया था. लेकिन स्कॉट इन छोटी-छोटी बातों में उलझने नहीं जा रहे.
उन्होंने साउथ बाई साउथ वेस्ट से हाल में कहा था, "मैं जानता हूं, उन्हें कैसे वापस लाना है."
आम तौर पर सीक्वल के बारे में माना जाता है कि यह बॉक्स ऑफ़िस पर खूब चलती है लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता है.सीक्वल फ़िल्में जो न बनतीं तो अच्छा होता
इन पांच फ़िल्मों के बारे में भी ये साबित नहीं हो पाया.
सेक्स एंड सिटी 2

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यह सीक्वल फ़िल्म बुरी तरह असफल रही.
'सेक्स एंड सिटी' की फ्रेंचाइज़ टीवी शो के रूप में काफी लोकप्रिय हुई और इस पर बनी पहली फ़िल्म को काफी सफलता मिली.
लेकिन 2010 में प्रदर्शित हुई सीक्वल को उन लोगों ने भी पसंद नहीं किया जो इसक दीवाने थे.
हालांकि इस फ़िल्म ने फिर भी कमाई की लेकिन अधिकांश प्रशंसकों ने इसे नापसंद किया.
स्पीड 2: क्रूज़ कंट्रोल

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'स्पीड' काफी चर्चित और सफल फ़िल्म रही. समीक्षकों और दर्शकों ने इसे पसंद किया लेकिन 1997 की 'स्पीड 2: क्रूज़ कंट्रोल' पहली ही बाधा में धराशाई हो गई.
हालांकि सैंड्रा बुलक इसमें शामिल हुईं लेकिन फ़िल्म के अन्य स्टार कीनू रीव्स इसमें शामिल नहीं हुए.
उनकी जगह जैसन पैट्रिक ने काम हाथ में लिया और सीक्वल का पहले से भी बड़ा बजट बनाया गया.
लेकिन पहली फ़िल्म में तेज़ रफ़्तार बसों और अंडरग्राउंड ट्रेनों की बज़ाय सीक्वल में धीमे चलने वाली नावों का सहारा लिया गया.
और इसे सीक्वल कैटेगरी में सबसे ख़राब रीमेक का ख़िताब मिला.
द जॉज़ सीक्वल्स

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'जॉज़ 2' की ये लाइन बड़ी चर्चित हुई, "जब आपको लगता है कि पानी में जाना सुरक्षित है…"
बदक़िस्मती से पहली फ़िल्म के प्रशंसकों के लिए यह सिनेमा हॉल जाना सुरक्षित नहीं बन पाई.
रीव्यू एग्रीगेटर रॉटन टमैटोज़ पर मूल फ़िल्म को 97 प्रतिशत रेटिंग मिली, जबकि सीक्वल को महज 52 प्रतिशत से संतोष करना पड़ा.
इसकी वो लाइन फ़िल्म से भी ज़्यादा चली. हालांकि 'जॉज़ 2' का प्रदर्शन उतना बुरा नहीं रहा जितना उसके बाद के सीक्वल का रहा.
1983 में आई 'जॉज़ 3डी एंड जॉज़ः दि रिवेंज' की 1987 में सीक्वल बुरी तरह फ्लॉप रही.
बुक ऑफ़ शैडोज़ः ब्लेयर विच 2

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1999 में 'दि ब्लेयर विच' प्रोजेक्ट काफी वायरल हुआ लेकिन इससे पहले इस हॉरर फ़िल्म को प्रचारित करने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल किया गया और फर्जी पुलिस रिपोर्ट और काल्पनिक समाचार फैलाए गए.
लोगों को समझ नहीं आया कि यह फ़िल्म फ़िक्शन है या वास्तविक घटना पर आधारित है.
लेकिन यह फ़िल्म पहले जितनी भी कमाई नहीं कर पाई और तीसरी बार 2016 के 'ब्लेयर विच' का प्रदर्शन तो और बुरा रहा, हालांकि यह फायदे में रही.
ज़ूलैंडर 2

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हालांकि इस बात पर बहस हो सकती है यह 'फ़िफ़्टी शेक्स डटार्कर' कैटेगरी में आती है.
यानी किसी फ़िल्म को बुरा सीक्वल नहीं कहा जाना चाहिए अगर मूल फ़िल्म पहले ही काफ़ी बुरी रही हो.
2001 की 'ज़ूलैंडर' की असफलता के बारे में शायद ही किसी को शंका हो. लेकिन पिछले साल 'ज़ूलैंडर 2' बनी तो एरियाना ग्रैंडे, जस्टिन बेबर और कैटी पेरी की तिकड़ी भी इसे नहीं उबार पाई.
पिछले साल रिलीज़ हुई तीन स्वीक्ल फ़िल्में पहली वाली रिलीज के काफ़ी सालों बाद आई थीं.
'ज़ूलैंडर' के 15 साल, 'माई बिग फैट ग्रीक वेडिंग2' 13 साल और 'बैड सांता 2' 14 सालों बाद आई थी.












