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जब शाहरुख़ गाड़ी की डिक्की में छिप गए
- Author, हारून रशीद
- पदनाम, बीबीसी एशियन नेटवर्क
गाड़ी की डिक्की में समान और इंसान दोनों जा सकते हैं . शाहरुख ख़ान के पास गाड़ियाँ तो बहुत होंगी लेकिन लोगों से बचने के लिए वो गाड़ी की डिक्की में बैठ कर गए हैं.
बीबीसी से ख़ास बातचीत मे शाहरुख ख़ान ने बताया, "अगर मेरे अकेले की बात है तो जब मैं किसी दोस्त से मिलने जाना चाहता हूँ तो मैं अपने सर पर हुड पहन लेता हूँ या फिर गाड़ी की डिक्की में बैठ जाता हूं. मेरा साइज़ ऐसा है कि मैं फ़िट हो जाता हूँ."
2017 में शाहरुख ख़ान को फ़िल्म इंडस्ट्री मे 25 साल हो जाएँगे. शाहरुख़ खान की 'रईस' 25 जनवरी को रिलीज़ होगी जिसमें वो नज़र आ रहे हैं माहिरा ख़ान और नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी के साथ.
तब तुक्के सही लगे
1992 में टीवी की दुनिया से फ़िल्मों मे कदम रखने वाले शाहरुख ख़ान अपने करियर की शुरुआत में नज़र आए विलन के किरदार में. चाहे वो 'बाज़ीगर' हो या 'अंजाम' या 'डर'. फिर बड़े परदे पर 'राहुल' और 'राज' के नाम से उन्होंने रोमांटिक फ़िल्में कीं, फ़िल्में रहीं सुपरहिट. जो फ़िल्म साइन की उनका अंजाम अच्छा.
शाहरुख ख़ान कहते हैं,"मैने हमेशा अपने मन की की है. बहुत बार ऐसा हुआ है कि जो मैंने किया वो मेरे लिए सही साबित हुआ लकिन दोबारा मैं ऐसा ही करूँ और वो सही हो, ये कैसे होगा मुझे पता नहीं."
साल दर साल एक के बाद एक हिट आई . अब आलम ऐसा कि बाहर गए तो मीडिया और फ़ैन्स उन्हे घेर लेंगे. शाहरुख ख़ान ने बाताया कि उनका परिवार समझता है कि वो हर जगह नहीं जा सकते. "उन्हें ये पता है कि अगर उन्हें कहीं बाहर खाने जाना है तो मैं उनके साथ हर बार नहीं जाऊँगा. अगर जाऊँगा तो लोग आएँगे मिलने, फोटो खिंचवाने. एक फोटो खिंचवाओ तो 10-15 और आएँगे. हमें इस बात से ज़्यादा तकलीफ़ नही."
जब चीज़ें हुई 'आउट ऑफ कंट्रोल'
25 साल में अगर शाहरुख ख़ान को लोगों का प्यार मिला है तो उन्हें आलोचनाओ का सामना करना पड़ा है. कभी सोशल मीडिया ने उनकी कही बातों पर उनको नही बख़्शा तो उनकी कुछ फ़्लॉप फ़िल्मों पर ख़ूब खिल्ली उड़ी.
शाहरुख ख़ान ने कहा, "कुछ चीज़ें हैं जो कभी कभी 'आउट ऑफ कंट्रोल' हो जाती हैं. कभी-कभी ऐसा भी होता है कि कुछ सरल सी बातें, कुछ सिंपल सी बातें कुछ लोगों को ठेस पहुँचा जाती हैं. मैं इस बात से शॉक हुआ हूँ, मुझे झटका लगा है और अब ये ज़रूर हैं कि अब मैं कुछ बातें तो सोच समझकर बोलता हूँ."
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