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रईस और दंगल पार कर पाएंगी नई खड़ी हुई दीवारें?
- Author, शकील अख्तर
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
सुपर स्टार शाहरूख़ ख़ान की आनेवाली फ़िल्म 'रईस' का ट्रेलर रिलीज़ हो गया है, जिसकी बड़ी तारीफ़ हो रही है.
रईस में पाकिस्तानी सीरियल 'हमसफ़र' में काम करनेवाली अदाकार माहिरा ख़ान ने हीरोईन का किरदार निभाया है.
हमसफ़र भारत में दिखाया गया था और उसे काफ़ी पसंद किया गया था.
रईस में एक पाकिस्तानी कलाकार की मौजूदगी हो सकता है कभी फ़िल्म में लोगों की दिलचस्पी को और बढ़ाती लेकिन हिंदुस्तान में जैसे हालात इन दिनों हैं उसमें फ़िल्म को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं.
भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच अक्तूबर में रिलीज़ हुई करण जौहर की फ़िल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' दिक्कत में फंस गई थी.
महाराष्ट्र के कट्टरवादी क्षेत्रीय राजनीतिक दल एमएनएस ने फ़िल्म में पाकिस्तानी कलाकार के मौजूद होने की वजह से फ़िल्म की रिलीज़ को रोकने की धमकी दी थी.
इस मामले में ख़ुद सूबे के मुख्यमंत्री ने बैठक कर हालात को सुलझाने की कोशिश की थी. हालांकि ये बीच बचाव ख़ुद भी विवादों में आ गया था.
करण जौहर ने ये भी कहा कि वो अब अपनी फ़िल्मों में पाकिस्तानी कलाकारों को नहीं लेंगे.
फ़िल्म रईस 2017 में रिलीज़ होनी है.
हालांकि फ़िल्म के ख़िलाफ़ अभी तक किसी संगठन या ग्रुप की तरफ़ विरोधी बयान नहीं आया है लेकिन सोशल मीडिया पर कई जगह बॉयकाट रईस, बॉयकाट शाहरूख़ जैसे मैसेज देखे जा सकते हैं.
हाल के दिनों में उनकी दो फ़िल्में - डियर ज़िंदगी और फ़ैन रिलीज़ हुई लेकिन उनपर सीधे तौर पर इस तरह की किसी मुहिम का असर नहीं दिखा.
शाहरूख़ से बड़ा चैलेंज आमिर ख़ान के सामने है.
उनकी फ़िल्म दंगल क्रिसमस के मौक़े पर रिलीज़ हो रही है.
आमिर को बॉलीवुड के बेहतरीन कलाकारों में माना जाता है. लेकिन कुछ दिनों पहले उन्होंने भारत में बढ़ती असहिष्णुता के बारे में बात करते हुए कहा कि उनकी बीवी कहती हैं कि इस स्थिति में कहीं उन्हें मुल्क ही न छोड़ना पड़े.
उनके इस बयान पर काफ़ी नाराज़गी दिखी और लोगों ने उन्हें बहुत बुरा भला कहा.
टीवी पर उनके बयान को लेकर बहसें हुई, सोशल मीडिया पर बायकाट के कॉल दिए गए.
दबाव इस क़दर था कि कुछ प्रोडक्ट्स जिनके प्रचार में आमिर शामिल थे, उन कंपनियों ने ख़ुद को आमिर से अलग कर लिया और वो इश्तिहार बंद हो गए.
इस स्थिति में दंगल उनका पहला इम्तिहान होगा.
कुछ कट्टरपंथी समूहों की धमकी के बाद पाकिस्तानी अदाकारों या गायकों को भारतीय फ़िल्मों में जगह नहीं मिल रही है.
भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव सरहदों से निकलकर कला, खेल और आम रिश्तों के बीच पहुंचता दिख रहा है.
ये दोनों फ़िल्में इसी माहौल में रिलीज़ हो रही हैं और दोनों बड़े बजट की फ़िल्में हैं जिनपर काफ़ी पैसा लगा है.
कुछ आलोचकों का मानना है कि दोनों अदाकारों की उम्र ढल रही है और उनकी लोकप्रियता भी.
इन दोनों फ़िल्मों के रिलीज़ से ये मालूम होगा कि क्या ऐसा ही है और क्या कला की दुनिया अभी भी तंगदिली की भेंट नहीं चढ़ी है.
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