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भारत-थाईलैंड के बीच मुक्त व्यापार पर समझौता
भारत और थाईलैंड के बीच एक महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौता हुआ है. भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और थाई प्रधानमंत्री थाक्सिन शिनावात्रा की उपस्थिति में ये समझौता हुआ. प्रधानमंत्री वाजपेयी की चार दिनों थाईलैंड यात्रा के पहले दिन दोनों देशों के वाणिज्य मंत्रियों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए. इसके तहत 2010 तक दोनों देशों के बीच सभी वस्तुओं का मुक्त व्यापार संभव बनाया जाएगा.
उन्होंने कहा,"मुझे विश्वास है कि दोनों देशों के बीच लगभग सवा अरब डॉलर का आपसी व्यापार अगले साल बढ़कर दो अरब डॉलर तक पहुँच जाएगा". भारतीय प्रधानमंत्री ने अपने दौरे में दोनों देशों के बीच रिश्तों की पृष्ठिभूमि की याद दिलाई. एक स्थानीय अख़बार से उन्होंने कहा,"हमारे रिश्तों के बीज दोनों देशों की सांस्कृति और आध्यात्मिक विरासत में मौजूद हैं जिन्हें रामायण के चरित्रों और बुद्ध की शिक्षा ने संवारा है". तीसरा देश
भारत ने थाईलैंड से पहले नेपाल और श्रीलंका के साथ मुक्त व्यापार के लिए ऐसा समझौता किया है. थाईलैंड ने भारत के अलावा चीन के साथ भी ऐसा समझौता किया है. मुक्त व्यापार के अलावा दोनों देशों के बीच हवाई यातायात,वीज़ा नियमों में राजनयिकों को छूट और कृषि तथा बायोटेक्नोलॉजी के संबंध में भी चार अन्य समझौते हुए हैं. इनके तहत थाई विमान अब भारत में मौजूदा चार शहरों के अलावा और 18 भारतीय शहरों में जा सकेंगे. इसी तरह भारतीय विमान भी थाईलैंड के प्रांतों में जा सकेंगे. |
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