|
सुरक्षा, व्यापार पर साझा घोषणापत्र जारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आसियान देशों ने दक्षिण एशिया की तीन बड़ी शक्तियों भारत,चीन और जापान के साथ सुरक्षा और व्यापार के संबंध में समझौते किए हैं. इंडोनेशिया के बाली द्वीप में आसियान देशों के दो दिन के शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन आसियान के 10 सदस्य देशों ने चीन और भारत के साथ ‘शांति को बढ़ावा देने के लिए’ एक समझौते पर दस्तख़त किए. इंडोनेशिया के विदेशमंत्री हसन विरायुदा ने इस समझौते के बारे में कहा,”इससे लगभग तीन करोड़ लोगों के लिए अच्छे बर्ताव के लिए एक जैसे क़ानून होंगे“. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इस संयुक्त घोषणापत्र में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का सामना करने में सहयोग की बात की गई है. इसके लिए ये देश आपस में जानकारियों का आदान-प्रदान, क़ानूनी मसलों में मदद और संकट का सामना करने में प्रशिक्षण के लिए सहयोग करेंगे. साथ ही भारत और इन देशों के बीच 12 अरब डॉलर के ताज़ा आपसी व्यापार को बढ़ाने और दस वर्षों के भीतर मुक्त व्यापार क्षेत्र के गठन को भी लक्ष्य बनाया गया है. चीन और आसियान देशों में मुक्त व्यापार शुरू करने के लिए किए जानेवाले प्रयासों में तेज़ी लाने पर सहमति हुई. अगर ऐसा होता है तो एक अरब सत्तर करोड़ लोगों की आबादी वाला ये क्षेत्र दुनिया का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार क्षेत्र बन जाएगा. आसियान देशों ने दक्षिण पूर्व एशिया में निवेश करनेवाले सबसे बड़े देश जापान के साथ सीमा शुल्क को कम करने और अन्य बाधाओं को दूर करने के संबंध में समझौता किया. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||