|
सोने की क़ीमत नई बुलंदियों पर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया भर में सोने के दाम अब तक के रिकॉर्ड ऊँचे स्तर पर पहुँच चुके हैं, सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोने की क़ीमत 914 डॉलर प्रति औंस रही. अमरीका के शेयर और मुद्रा बाज़ार में मंदी की आशंका को देखते हुए निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प के रूप में देख रहे हैं, मौजूदा तेज़ी का मुख्य कारण यही बताया जा रहा है. डॉलर की क़ीमतें लगातार गिरने के कारण अमरीका से बाहर के निवेशक भी सोने में निवेश कर रहे हैं, सोने की क़ीमतें पिछले कुछ वर्षों से निरंतर बढ़ती रही हैं. भारतीय सर्राफ़ा बाज़ार में सोमवार को सोने की क़ीमत साढ़े ग्यारह हज़ार रुपए प्रति दस ग्राम से अधिक रही जो कि अपने आप में एक रिकॉर्ड है. दुनिया भर में भारत में सोने की सबसे अधिक खपत होती है, विश्व स्वर्ण बाज़ार में भारत का हिस्सा लगभग एक-चौथाई है. धातु बाज़ार से जुड़ी एक बहुराष्ट्रीय कंपनी मेप-एडमिस के उपाध्यक्ष देवज्योति चटर्जी ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि "सोने की इस बढ़ी हुई क़ीमत की सबसे बड़ी वजह अमरीकी अर्थव्यवस्था में मंदी आशंका है, इसी आशंका की वजह से लोग डॉलर में किए गए निवेश को सोने में परिवर्तित कर रहे हैं." जानकारों का कहना है कि डॉलर की कमज़ोरी, तेल की बढ़ती क़ीमतों और अमरीका में ब्याज दरों में कटौती की संभावना को देखते हुए सोने की क़ीमतें और बढ़ सकती हैं. चटर्जी का कहना है कि इस समय सटोरिए भी बड़े पैमाने पर सोने के भाव बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं लेकिन वे कहते हैं, "गंभीर निवेशकों का विश्वास भी सोने में बढ़ा है और उसकी लगातार बढ़ती क़ीमतें लोगों को आश्वस्त कर रही हैं कि यह एक सुरक्षित निवेश है." इसके अलावा इस तेज़ी की एक वजह यह भी बताई जा रही है कि सोने की ख़रीद सिर्फ़ आम ग्राहक नहीं बल्कि म्युचअल फंड और पेंशन फंड जैसे संस्थागत निवेशक भी कर रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत में सोने-चाँदी के आयात की छूट28 जनवरी, 2004 | कारोबार आभूषण बेचने की होड़07 फ़रवरी, 2003 | कारोबार सोने की चमक फीकी24 सितंबर, 2003 | कारोबार सोने का आकर्षण बढ़ा16 फ़रवरी, 2003 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||