BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 28 जनवरी, 2004 को 16:37 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
भारत में सोने-चाँदी के आयात की छूट
सोना
भारत में सोने की भारी खपत होती है

भारत सरकार ने अब सोने और चांदी के आयात की खुली छूट देने का फ़ैसला किया है.

सरकार का कहना है कि यह क़दम निर्यात को और आसान बनाने के लिए उठाए जाने वाले क़दमों का ही एक हिस्सा है.

भाहरत सरकार ने उद्योग जगत के लिए हाल के दिनों में अनेक घोषणाएं की हैं.

देश में आम चुनाव नज़दीक देखते हुए इन घोषणाओं को बहुत से जानकार चुनाव को ध्यान में रखकर की गई घोषणाएं बता रहे हैं.

भारत के उद्योग और वाणिज्य मंत्री अरुण जेटली ने दिल्ली में बुधवार को पत्रकारों को बताया कि सोने और चाँधी के खुले आयात को हरी झंडी व्यापार जगत की सुविधाओं को ध्यान में रखकर की गई है.

भारत दुनिया भर में सोने की सबसे ज़्यादा खपत वाला देश है और हर साल क़रीब 800 सोना और 3000 टन चाँदी का आयात किया जाता है.

इस घोषणा का उद्योग जगत में स्वागत हुआ है.

नेशनल मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के प्रबंध निदेशक कैलाश गुप्ता का कहना था, "अभी तक हम सोने का आयात सिर्फ़ सरकार द्वारा प्राधिक्रत एजेंसियों के ज़रिए या फिर आयात लाइसेंस के साथ ही कर सकते थे."

"आयात पर से पाबंदी हटाने से घरेलू बाज़ार में सोने की क़ीमतों को अंतरराष्ट्रीय क़ीमतों के साथ स्थिर बनाने में मदद मिलेगी."

हालाँकि कैलाश गुप्ता का कहना था कि सोने-चाँदी के आयात को मुक्त बनाने से देश में इनकी क़ीमतों पर कोई ख़ास असर नहीं पड़ने वाला है.

सरकार ने एक अन्य घोषणा की जिसमें अनेक प्रकार के होटलों को बिना सीमा शुल्क दिए ही फ़र्नीचर और उपकरण आयात करने की इजाज़त दे दी गई है.

दफ़्तर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी अपनी ज़रूरत के उपकरण बिना शुल्क के ही आयात कर सकेंगे.

लेकिन इन वस्तुओं में कृषि, दूध के उत्पाद और कारें शामिल नहीं होंगी.

अरुण जेटली ने इन घोषणाओं को सही ठहराते हुए कहा कि चुनाव की वजह से नई आयात-निर्यात नीति के आने में देरी हो सकती है इसलिए उद्योग जगत को इन सुविधाओं से वंचित क्यों रखा जाए.

सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>