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गेहूँ के दाम सर्वाधिक ऊँचाई पर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में गेहूँ के दाम अब तक की सर्वाधिक ऊँचाई पर पहुँच गए हैं. ये ख़बर उस समय आई है जब गेहूँ के एक अहम उत्पादक कनाडा में ख़राब मौसम के कारण गेहूँ का उत्पादन प्रभावित होने की संभावना है. कनाडा के अधिकारियों का कहना है कि इस साल उनके देश में गेहूँ का उत्पादन पिछले साल की तुलना में 25 प्रतिशत कम हो सकता है. गेहूँ की कीमतें पहले ही काफ़ी ज़्यादा थीं और बढ़ती जनसंख्या के दबाव के कारण गेहूँ की बढ़ती माँग ने इसमें लगातार इज़ाफ़ा किया है. कारण दुनियाभर में लोगों की ख़रीद क्षमता में वृद्धि ने भी गेहूँ की माँग को बढ़ाने का काम किया है. विश्व खाद्य कार्यक्रम के प्रवक्ता ने कहा है कि गेहूँ की बढ़ती कीमतों से किसानों को तो फ़ायदा होगा लेकिन विश्व खाद्य कार्यक्रम का बजट प्रभावित होने के कारण दुनियाभर में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावितों को खाद्य सहायता मुहैया कराने में काफ़ी मुश्किलें आ सकती हैं. ग़ौरतलब है कि गत वर्ष अक्टूबर में आस्ट्रेलिया में पड़े सूखे के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में गेहूँ की कीमतें पिछले दस सालों की रिकार्ड ऊँचाई पर पहुँच गई थीं. प्रमुख गेहूँ उत्पादक आस्ट्रेलिया में गेहूँ का उत्पादन वर्ष 2005 की तुलना में आधा रह गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें महँगाई दर चार साल में सबसे ज़्यादा10 सितंबर, 2004 | कारोबार महँगाई दो साल के सर्वोच्च स्तर पर 09 फ़रवरी, 2007 | कारोबार बजट में महंगाई और कृषि पर ज़ोर28 फ़रवरी, 2007 | कारोबार बिक्री बढ़ी पर मुनाफ़ा घटा30 जुलाई, 2003 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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