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विकास दर 7.8 प्रतिशत रहेगी: आईएमएफ़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) ने इस वर्ष विश्व अर्थव्यवस्था की विकास दर धीमी रहने की बात कही है और कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 7.8 प्रतिशत रहेगी. बुधवार को आईएमएफ़ ने 'वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक' रिपोर्ट जारी की है जिसमें कहा गया है कि विकासशील देश और उभरते हुए बाज़ारों वाले देशों की अर्थव्यवस्था तेज़ी से मजबूत होती रहेगी लेकिन उनकी विकास दर 2006 की तुलना में कम रहेगी. रिपोर्ट के अनुसार भारत समेत एशिया के अन्य क्षेत्रों में महँगाई पर नियंत्रण रहेगा लेकिन कुछ देशों में कर्ज़ लेने की प्रवृति में बढ़ोतरी एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है. इस रिपोर्ट में 2006 में विश्व अर्थव्यवस्था की 5.4 प्रतिशत की वृद्धि दर की बात की गई है और कहा गया है कि इस दौरान भी अमरीकी अर्थव्यवस्था की गति धीमी हुई थी. इसमें कहा गया है कि अगस्त महीने के बाद तेल की क़ीमतों में गिरावट आएगी जिससे कई देशों को फ़ायदा हो सकता है. आईएमएफ़ के अनुसार आने वाले दिनों में बढ़ने वाली महँगाई की स्थिति में रिज़र्व बैंक को ऐसे और उपाय करने पड़ सकते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें विश्व बैंक को लगी गुहार11 अप्रैल, 2003 | कारोबार मुद्राकोष में भारतीय03 जुलाई, 2003 | कारोबार आईएमएफ़ में सुधारों की बात उठी23 अप्रैल, 2006 | कारोबार दुनिया में तेज़ विकास का अनुमान14 सितंबर, 2006 | कारोबार आईएमएफ़ में हुए बदलावों पर नाराज़गी19 सितंबर, 2006 | कारोबार वृद्धि दर पर मुद्रा कोष चिंतित10 अप्रैल, 2003 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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