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बुधवार, 28 फ़रवरी, 2007 को 08:58 GMT तक के समाचार
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बजट से यूपीए के सहयोगी भी नाख़ुश
वामपंथी कार्यकर्ता
वामपंथी दलों का कहना है कि ग़रीबों की भलाई और महंगाई घटाने के लिए कुछ नहीं किया गया
वर्ष 2007-08 के बजट से विपक्ष तो स्वाभाविक रुप से नाराज़ है ही लेकिन इससे सत्ताधारी गठबंधन यूपीए के सहयोगी दल भी ख़ुश नहीं दिखते.

एक ओर जहाँ कम्युनिस्ट पार्टियों ने कहा है कि यह आमआदमी का बजट नहीं है.

वहीँ राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने कहा है कि वे इस बजट से संतुष्ट नहीं हैं.

उद्योगपतियों ने इस बजट के बारे में कहा है कि सामाजिक क्षेत्र में तो काफ़ी प्रावधान किए गए हैं लेकिन कार्पोरेट क्षेत्र के लिए जो उम्मीदें थी उसके बारे में कुछ नहीं किया गया.

हालांकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसे अच्छा बजट बताते हुए कहा है कि इसमें शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई है और नवयुवकों की कार्यकुशलता बढ़ाने की ओर ध्यान दिया गया है.

सहयोगी नाख़ुश

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद और वरिष्ठ मज़दूर नेता गुरुदासदास गुप्ता ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह पारंपरिक सा बजट है जो आम आदमी के लिए नहीं है.

उनका कहना था, "इस बजट का महंगाई पर कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा. इसमें विभिन्न क्षेत्रों के लिए जो प्रावधान किए गए हैं वो सामान्य ही हैं."

हालांकि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने इस बजट में समाजिक क्षेत्रों में किए गए प्रावधानों के प्रति संतुष्टि ज़ाहिर की है.

 इस बजट में अमीरों के लिए बहुत प्रावधान किए गए और ग़रीब और पिछड़े लोगों के लिए कुछ नहीं किया गया
मोहम्मद सलीम, सीपीएम

सीपीएम के सांसद मोहम्मद सलीम ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जिस तरह से आबंटन बढ़ाया गया है उसके अच्छे परिणाम निकलेंगे.

लेकिन उन्होंने बाक़ी बजट के प्रति असंतुष्टि ज़ाहिर करते हुए कहा, "इस बजट में अमीरों के लिए बहुत प्रावधान किए गए और ग़रीब और पिछड़े लोगों के लिए कुछ नहीं किया गया."

उनका कहना था कि इस बीच अल्पसंख्यकों के लिए सच्चर कमेटी की रिपोर्ट भी आई लेकिन सरकार ने उनके लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया.

आरजेडी के रघुवंश प्रसाद सिंह, जो केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य भी हैं, ने इस बजट के प्रति असंतुष्टि ज़ाहिर करते हुए पीटीआई से कहा, "हमनें राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना के तहत इस बार 200 से 400 ज़िलों को शामिल करने का अनुरोध किया था लेकिन सिर्फ़ 130 ज़िलों को शामिल किया गया. हम इससे संतुष्ट नहीं हैं."

रघुवंश प्रसाद सिंह
रघुवंश प्रसाद सिंह भी संतुष्ट नहीं हैं

लेकिन इस बजट का कांग्रेस ने स्वागत किया है.

पी चिदंबरम के सहयोगी मंत्री पीके बंसल ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि इससे महंगाई पर नियंत्रण करने में सहयोग मिलेगा.

उनका कहना था कि प्रमुख योजनाओं के लिए आबंटन बढ़ाया गया है इससे आम आदमी को लाभ मिलेगा.

कांग्रेस के युवा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक टेलीविज़न चैनल से कहा कि इस बजट में शिक्षा, कृषि और अधोसंरचना सभी पर ध्यान दिया गया है और इससे विकास होगा.

उन्होंने दालों के उत्पादन के लिए घोषित उपायों और जल-संरक्षण के लिए किए गए प्रावधानों का स्वागत किया.

विपक्ष का विरोध

लेकिन विपक्ष ने इस बजट का विरोध करते हुए कहा है कि इससे महंगाई को काबू में नहीं लाया जा सकेगा.

 इस बजट में कुत्ते-बिल्ली के खाने को सस्ता किया गया है और आदमी के खाने को महंगा कर दिया गया है
विजय कुमार मल्होत्रा, भाजपा

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता और सांसद विजय कुमार मल्होत्रा का कहना था, "इस बजट में कुत्ते-बिल्ली के खाने को सस्ता किया गया है और आदमी के खाने को महंगा कर दिया गया है."

उनका कहना था कि सरकार ने महंगाई को काबू में करने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया है.

भाजपा नेता का कहना था कि बजट में समस्याओं का हल सुझाने की जगह कमेटियाँ बना दी गई हैं.

हाल ही में यूपीए से समर्थन वापस लेने वाली समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह ने कहा, "विनाशकाले विपरीत बुद्धि, इस बजट के साथ कांग्रेस ने अपने विनाश की शुरुआत कर दी है."

अमर सिंह
अमर सिंह कहते हैं कि आत्महत्या कर रहे किसानों के लिए कुछ नहीं किया गया

उनका कहना था कि इस बजट में ग़रबों और किसानों के लिए कुछ नहीं किया गया है.

अमर सिंह ने कहा, "किसान कर्ज के बोझ से दबे हुए हैं और आत्महत्या कर रहे हैं, उनके लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है."

शिवसेना के सांसद सुरेश प्रभु ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दी गई प्रतिक्रया में कहा है कि इस बजट में महंगाई को काबू में लाने के लिए कोई प्रावधान नहीं किए गए हैं.

शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान

बजट प्रस्तुत होने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया गया है.

उन्होंने कहा की नवयुवकों को रोज़गारन्मुख शिक्षा की ओर ध्यान दिया गया है और इसके लिए वित्तमंत्री ने 500 आईटीआई को आधुनिक बनाने की घोषणा की है.

 बजट में सामाजिक सेवा के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है और सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने की कोशिश की गई है
मनमोहन सिंह, प्रधानमंत्री

दूरदर्शन के साथ हुई विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अधोसंरचना के विकास के प्रति प्रतिबद्ध है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट में सामाजिक सेवा के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है और सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने की कोशिश की गई है.

उन्होंने आयात शुल्क में कटौतियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि इससे महंगाई में कमी आएगी.

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार प्रशासनिक कुशलता को बढ़ाए जाने के लिए प्रतिबद्ध है.

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