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भारत में बड़ी कंपनी बनेगी वोडाफ़ोन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन की मोबाईल फो़न सेवा कंपनी वोडाफ़ोन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरूण सरीन ने भारत की हच एसार मोबाइल कंपनी ख़रीदने के बाद अपनी योजनाओं के बारे में कहा है कि आने वाले दो सालों में वो भारत में एक बड़ी कंपनी की रूप में उभरेगी. कुल आय के हिसाब से वोडाफ़ोन दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल सेवा कंपनी है. सरीन ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक टेलिफ़ोन सेवा पहुंचाने की भारत सरकार की कटिबद्धता में वोडाफ़ोन बड़ी भूमिका निभाएगी. हच एसार कंपनी में लगभग ग्यारह अरब डॉलर की कीमत पर सैंसठ प्रतिशत शेयर ख़रीदने के बाद वोडाफ़ोन के प्रमुख अरुण सरीन की यह पहली भारत यात्रा है. सरीन ने कहा कि भारत मोबाइल फ़ोन सेवा उद्योग में एक सबसे बड़े बाजा़र के रूप में उभर रहा है इसलिए वोडाफ़ोन के लिए यहां कदम जमाना लाज़िमी था. उन्होंने कहा ' भारत टेलिकाम क्षेत्र का सबसे बड़ा बाज़ार है. जहां यूरोप में लगभग 100 प्रतिशत लोगों के पास मोबाइल सेवा है, चीन में चालीस प्रतिश तो दक्षिण अफ़्रीका में यह सत्तर प्रतिशत है जबकि भारत में अभी सिर्फ़ 13 प्रतिशत लोगों तक यह सेवा पहुंची है. इसलिए यहां मोबाइल फ़ोन उद्दोग को बढ़ाने की भारी गुंजाइश है.' नई तकनीक सरीन का कहना था कि वोडाफ़ोन भारत में मोबाइल सेवा की नई टेक्नॉलॉजी लाएगी. मगर जो सवाल बार बार सामने आरहे हैं वो हैं कि एसार कंपनी जिसके पास 33 प्रतिशत शेयर हैं क्या वोडाफ़ोन के साथ बनी रहेगी या अपने शेयर बेच कर कंपनी से बाहर हो जाएगी क्योंकि अब सैंसठ प्रतिशत शेयरों के साथ इस कंपनी का पूरा नियंत्रण वोडाफ़ोन के पास होगा. इस बारे में अरुण सरीन ने कहा कि उनकी पूरी कोशिश होगी कि एसार उनके साथ भागीदार बनी रहे. उनका कहना था ' जहां तक भारतीय भागीदार की बात है हम चाहेंगे कि एसार जो एक मज़बूत कंपनी है वोडाफ़ोन के साथ बनी रहे क्योंकि दोनों को इससे फ़ायदा होगा. और चूंकि एस्सार के पास तैंतीस प्रतिशत शेयर हैं यह एक बड़ी हिस्सेदारी है. वोडाफ़ोन कंपनी के नियंत्रण और नियुक्तियों में इस बात का ध्यान रखेगी. ' सरीन ने उम्मीद जताई कि एस्सार इस बारे में आने वाले कुछ हफ़्तों में फ़ैसला कर लेगी. लेकिन अगर वो कंपनी में अपने शेयर बेचने का फ़ैसला करते हैं तो वोडाफ़ोन दूसरे भारतीय भागीदारों से बात करेगी. वोडाफ़ोन के प्रमुख ने भारत में हचएस्सार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशीम चौधरी को बरकरार रखने की बात करते हुए कहा कि अन्य नियुक्तियों और शेयरधारकों और कंपनियों के साथ कांट्रैक्ट करते समय हच एसार की नीतियो से बहुत ज्यादा दूर नहीं जाएगी. एस्सार कंपनी इस बात से भी नाराज़ है कि वोडाफ़ोन प्रतिद्वंदी कंपनी एयरटेल के साथ सेवाएं प्रदान करने में साझेदारी की बात कर रही है. अरुण सरीन ने कहा कि व्यापार को मुनाफ़े वाला बनाए रखने में अन्य कंपनियों के साथ साझेदारी व्याव्हारिकता है लेकिन बाजार की अटकलों को देखा जाए तो वोडाफ़ोन के लिए नए भागीदार ढूंढना और अत्यंत प्रतिस्पर्धात्मक बाज़ार में अपनी जड़ें फैलाना बड़ी चुनौती होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें हच को ख़रीदने की मुहिम अंतिम चरण में10 फ़रवरी, 2007 | कारोबार वोडाफ़ोन की झोली में गया हच11 फ़रवरी, 2007 | कारोबार मोबाइल फ़ोन का एक और इस्तेमाल13 फ़रवरी, 2007 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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