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भारतीय शेयर बाज़ार में गिरावट | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सोमवार को भारतीय शेयर बाज़ार चढ़े हुए दामों पर शुरू हुआ पर मुनाफ़ावसूली का असर बाज़ार पर पड़ा जिसकी वजह से बाज़ार में काफ़ी गिरावट दर्ज की गई. सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 368 अंक गिरकर 1155 पर जाकर बंद हुआ. उधर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज निफ़्टी में भी 100 से ज़्यादा अंकों की गिरावट दर्ज की गई है. इसी वर्ष 17 जुलाई को दर्ज की गई गिरावट के बाद से यह सबसे बड़ी गिरावट थी. सोमवार को कारोबार की शुरूआत 11,971 अंकों से हुई थी. उस वक़्त अटकलें लगाई जा रही थीं कि सेंसेक्स 12000 अंकों के आकड़े के आसपास पहुँच जाएगा. हालांकि ऐसा नहीं हुआ और मुनाफ़ावसूली में आई तेज़ी सेंसेक्स में गिरावट की वजह बन गई. इस गिरावट के चलते रिलायंस इनर्जी, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील एवं हिंडाल्को को सबसे ज़्यादा गिरावट देखनी पड़ी. ग़ौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में भारतीय शेयर बाज़ार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहा है. पिछले दिनों अंतरराष्ट्रीय शेयर बाज़ार के उतार-चढ़ावों और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दामों ने भी भारतीय शेयर बाज़ार को प्रभावित किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'भविष्य में तेल की कीमतें गिरेंगी'12 जून, 2006 | कारोबार शेयर बाज़ार ऊपर उछला09 जून, 2006 | कारोबार मुनाफ़ा वसूली के दबाव में सेंसेक्स लुढ़का31 मई, 2006 | कारोबार गिरावट से छोटे निवेशक संकट में06 जून, 2006 | कारोबार इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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