|
शेयर बाज़ार ऊपर उछला | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विदेशी संस्थागत निवेशकों और म्युचुअल फंडों की भारी ख़रीदारी से भारतीय शेयर बाज़ारों में शुक्रवार को जबर्दस्त तेज़ी रही. सेंसेक्स 514 अंक उछल कर बंद हुआ. रिलाएंस की अगुआई में लगभग सभी ब्लूचिप कंपनियों में आए उछाल के साथ ही पिछले चार दिनों से जारी गिरावट जाती रही. सुबह कारोबार शुरु होने पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गुरुवार के मुकाबले 30 अंको की गिरावट से 9270.78 अंकों पर खुला लेकिन आधे घंटे के भीतर ही इसमें उछाल के संकेत मिलने लगे. कारोबारी सत्र के अंत में यह 514.65 अंकों की बढ़त से 9810.46 अंकों पर बंद हुआ और सेंसेक्स में शामिल सभी 30 कंपनियों के शेयर भाव गुरुवार की तुलना में बढ़त के साथ बंद हुए. दो मार्च 1992 के बाद एक ही दिन में इतना अधिक उछाल कभी नहीं रिकॉर्ड किया गया था. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ़्टी भी लगभग 141.95 अंकों की उछाल के साथ 2866.30 अंकों पर बंद हुआ. गुरुवार को सेंसेक्स 9295.81 और निफ़्टी 2724.35 अंकों पर बंद हुआ था. निवेश इस हफ़्ते चार दिनों तक बाज़ार में छाई मंदी के बाद शेयरों के भाव सस्ते हो गए थे और शुक्रवार को इन स्तरों पर ताज़ा ख़रीदारी हुई जिससे सेंसेक्स को उपर उठने में मदद मिली. ख़ुदरा निवेशकों के साथ साथ विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से भी ख़रीदारी हुई है. शेयर बाज़ारों की नियामक संस्था सेबी के मुताबिक गुरुवार को एफआईआई ने लगभग 20 करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली की थी लेकिन वायदा कारोबार में उन्होंने 245 करोड़ रुपए की शुद्ध ख़रीदारी की. अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के भाव घटने का भी असर घरेलू बाज़ार पर दिखा. न्यूयॉर्क मर्केंटाईल एक्सचेंज में कच्चे तेल का जुलाई वायदा भाव 47 सेंट गिर कर 70.35 डॉलर प्रति बैरल रह गया जबकि लंदन ब्रेंट क्रूड 15 सेंट की गिरावट से 69.06 डॉलर प्रति डॉलर पर आ गया. बीएसई के आईटी, उपभोक्ता सामान, तेल और गैस सभी सूचकांकों में तेज़ी दर्ज हुई है. अन्य एशियाई बाज़ारों में आई तेज़ी का सकारात्मक असर घरेलू शेयर बाज़ार में भी दिखा. हॉंगकॉंग, ताईवान, सिंगापुर और जापान के शेयर बाज़ारों में बढ़त दर्ज़ की गई. हालाँकि तकनीकी विश्लेषकों की राय में अभी यह कहना मुश्किल होगा कि शेयर बाज़ार ने रफ़्तार पकड़ ली है. शुक्रवार को कारोबारी हफ़्ते का अंतिम दिन है, इसलिए अगले हफ्ते ही बाज़ार का रुख़ साफ़ हो पाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें मुनाफ़ा वसूली के दबाव में सेंसेक्स लुढ़का31 मई, 2006 | कारोबार गिरावट ने छोटे निवेशक को संकट में डाला06 जून, 2006 | कारोबार शेयर बाज़ार 10 हज़ार के नीचे बंद हुआ06 जून, 2006 | कारोबार बिकवाली के दबाव में शेयर बाज़ार गिरे07 जून, 2006 | कारोबार शेयर बाज़ार लगातार चौथे दिन लुढ़का08 जून, 2006 | कारोबार इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||