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एनवाईएसई ने यूरोनेक्स्ट को ख़रीदा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज ने दस अरब डॉलर की सबसे बड़ी बोली लगा कर अटलांटिक के पार क़दम बढ़ाते हुए यूरोपीय शेयर बाज़ार यूरोनेक्स्ट को ख़रीदने की घोषणा की है. यह अमरीका और यूरोप के शेयर बाज़ारों के बीच का पहला कारोबारी गठजोड़ है. इस विलय के बाद दोनों शेयर बाज़ारों का साझा कारोबार 20 अरब डॉलर के आस पास पहुँच जाएगा. नई कंपनी का नाम 'एनवाईएसई यूरोनेक्स्ट' रखा जाएगा. यूरोनेक्सट को ख़रीदने के लिए जर्मनी का डॉयच बोर्स भी बड़ा दावेदार था लेकिन उससे ज़्यादा बोली लगा कर एनवाईएसई ने बाजी मार ली. यूरोनेक्स्ट बेल्ज़ियम, फ़्रांस, हॉलैंड, ब्रिटेन और पुर्तगाल में शेयर और वायदा कारोबार का साझा मंच उपलब्ध कराता रहा है. दोनों के बीच विलय के बाद नई कंपनी का अंतरराष्ट्रीय मुख़्यालय पेरिस और एम्सटर्डम में होगा और अमरीका में इसका कार्यालय न्यूयॉर्क में स्थापित किया जाएगा. सौदे के तहत एनवाईएसई दस अरब डॉलर का नकद भुगतान करने के साथ साथ यूरोनेक्स्ट के शेयरधारकों को एक शेयर के बदले अपने 0.98 शेयर देगी. विलय के फ़ायदे कारोबारी दायरा बढ़ाने के लिए दुनिया भर के शेयर बाज़ारों में एक दूसरे के साथ रणनीतिक गठजोड़ बनाने की चाहत बढ़ी है और इंटरनेट पर सौदा करने की सुविधा यानी इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग के प्रचलन से ऐसा करना बेहद आसान हो गया है. एनवाईएसई के साथ यूरोनेक्स्ट के विलय से सौदों के निपटारे की लागत कम होगी जिससे निवेशकों को फ़ायदा होगा. सौदे के बाद एनवाईएसई समूह के चेयरमैन जॉन थाईन ने कहा, "यह एनवाईएसई, यूरोनेक्सट और दुनिया भर के पूँजी बाज़ारों के इतिहास का एक अहम पड़ाव है." | इससे जुड़ी ख़बरें शेयर बाज़ार एक हज़ार अंक गिरा, कारोबार रुका22 मई, 2006 | कारोबार शेयर बाज़ार में एक और 'ब्लैक मंडे'15 मई, 2006 | कारोबार सूचकांक साढ़े बारह हज़ार से ऊपर10 मई, 2006 | कारोबार मुंबई शेयर बाज़ार की रिकॉर्ड ऊँचाई06 फ़रवरी, 2006 | कारोबार इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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