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बढ़ रही है सोने की चमक | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पिछले कुछ दिनों से सोने की कीमतें आसमान छू रही हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमत मंगलवार को 25 वर्षों के सर्वाधिक स्तर 700 डॉलर प्रति औंस पर पहुँच गई. इसके पहले सितंबर, 1980 में सोने की कीमत 850 डॉलर के स्तर तक पहुँच गई थी. ईरान को लेकर चल रहा तनाव इसकी कीमतों में उछाल की एक वजह माना जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय प्रभाव के कारण भारत में भी सोना रिकॉर्ड 10 हज़ार रुपए के स्तर को छू रहा है. दिल्ली में मंगलवार को सोने की कीमत 10,030 रुपए प्रति 10 ग्राम रही. जबकि मुंबई में इसकी क़ीमत 10,005 रुपए प्रति दस ग्राम और कोलकाता में इसकी कीमत 10,100 रुपए प्रति दस ग्राम रही. दरअसल सोना एक टिकाऊ निवेश और भरोसेमंद संपत्ति माना जाता है. भारत में सोने की चमक आम ज़िंदगी में आसानी से देखी जा सकती है और सोना आमतौर पर शादी ब्याह में बहुमूल्य तोहफ़ा माना जाता है. ऐसा मानते हैं कि माता-पिता अपनी बेटी को शादी के समय सोने के रूप में जो तोहफ़ा देते हैं वह भविष्य में उसे आर्थिक सुरक्षा मुहैया कराता है. भारत को दुनिया में सोने के एक बहुत बड़े बाज़ार के रूप में देखा जाता है. लेकिन भारत में अधिकांश सोना ज़ेवरात बनाने के लिए ही इस्तेमाल किया जाता है. भारत में दिसंबर से मई तक शादी-ब्याह का मौसम रहता है और इस दौरान सोने की माँग बहुत बढ़ जाती है. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत में सोने-चाँदी के आयात की छूट28 जनवरी, 2004 | कारोबार आभूषण बेचने की होड़07 फ़रवरी, 2003 | कारोबार सोने की चमक फीकी24 सितंबर, 2003 | कारोबार सोने का आकर्षण बढ़ा16 फ़रवरी, 2003 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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