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अमरीका, जर्मनी के बाद अब रूसी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिज़नेस पत्रिका फ़ोर्ब्स के अनुसार अमरीका और जर्मनी के बाद सबसे अधिक अरबपति रूस के हैं. इनमें सबसे ऊपर हैं ब्रिटेन के चेलसी फ़ुटबॉल क्लब के मालिक रोमन एब्रैमोविच जिनकी संपत्ति लगभग 15 अरब डॉलर आँकी गई है. बीबीसी के एक विश्लेषक का कहना है कि रूस वही देश है जिसमें लगभग 25 प्रतिशत जनसंख्या का वेतन 80 डॉलर प्रति माह से कम है. रूसी सरकार 80 डॉलर प्रति माह को ग़रीबी की रेखा माना जाता है. फ़ोर्ब्स पत्रिका के अनुसार रूस के अरबपतियों की संख्या इस साल 36 से घटकर 30 रह गई है. लेकिन इस बात का कोई प्रमाण नही मिला है कि आम आदमी की जिंदगी पर भी इस संपत्ति का कोई असर हो रहा है. आधिकारिक आकड़ों के अनुसार अमरों और ग़रीबों के बीच का फ़ासला बढ़ता ही जा रहा है. रूसी की प्रतिष्ठित 'अकेडमी ऑफ़ साइंस' यानि विज्ञान अकादमी का कहना है कि इस बढ़ते फ़ासले के कारण सामाजिक संघर्ष शुरु हो सकता है. |
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