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इन्फ़ोसिस ने दर्ज की मोटी कमाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सॉफ़्टवेयर क्षेत्र की अग्रणी कंपनी इन्फ़ोसिस टेक्नॉलॉजी लिमिटेड ने मौजूदा वित्त वर्ष की आख़िरी तिमाही में रिकॉर्ड मुनाफ़ा कमाया है. इन्फ़ोसिस का शुद्ध लाभ 65 प्रतिशत से अधिक रहा है जबकि कंपनी का कहना है कि उसका मुनाफ़ा उम्मीद से थोड़ा कम रहा है, कंपनी की इस मोटी कमाई की वजह अमरीकी कंपनियों की आउटसोर्सिंग बताई जा रही है. इन्फ़ोसिस टाटा कन्सल्टेंसी सर्विसेज़ के बाद भारत की सॉफ़्टवेयर क्षेत्र की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है. इन्फ़ोसिस ने रूपए की मज़बूती और अमरीकी अर्थव्यवस्था के औसत प्रदर्शन के बावजूद बेहतरीन मुनाफ़ा कमाया है. रूपए के मज़बूत होने की वजह से विदेशी कंपनियों को भारतीय उत्पादों के लिए ज़्यादा क़ीमत चुकानी पड़ती है. अमरीकी चुनाव में आउटसोर्सिंग भले ही एक मुद्दा रहा हो लेकिन वहाँ चुनाव हो जाने के बाद से अमरीकी कंपनियाँ अपना कामकाज भारतीय कंपनियों को बदस्तूर सौंप रही हैं. इन्फ़ोसिस के ग्राहकों में गोल्डमैन सैक्स, बैंक ऑफ़ अमेरिका और जेसी पेनी ऐंड कंपनी जैसे बड़े बहुराष्ट्रीय नाम शामिल हैं. अमरीका के टेक्नॉलॉजी शेयर मार्केट नैस्डैक में रजिस्टर्ड इन्फ़ोसिस की कमाई बढ़कर 5.13 अरब रूपए तक जा पहुँची है. सिर्फ़ एक साल पहले इन्फ़ोसिस की कमाई 13.5 अरब रूपए थी जो अब बढ़कर 19.5 अरब रूपए हो गई है जो 47 प्रतिशत की वृद्धि है. इन्फ़ोसिस ने कहा है कि इस तिमाही (जनवरी से मार्च) में उसने 37 नए ग्राहक बनाए और उसकी सेवाएँ लेने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़कर 438 हो गई. इन्फ़ोसिस की इस रिपोर्ट के बाद लोगों की नज़र टाटा कन्सल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) और विप्रो के इस तिमाही के नतीजों पर है, माना जा रहा है कि सॉफ़्टवेयर क्षेत्र की कंपनियाँ इस तिमाही में भी बेहतर प्रदर्शन करेंगी. टीसीएस के तिमाही परिणाम 19 अप्रैल और विप्रो के पिछले तीन महीनों के कामकाज का विवरण 22 अप्रैल को जारी होगा. |
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