|
राजनीतिक अनिश्चितता की छाया शेयरों पर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लोक सभा चुनाव के लिए अंतिम दौर के मतदान का असर शेयर बाज़ार पर भी नज़र आया और सोमवार को शेयर बाज़ारों में दो प्रतिशत की गिरावट देखी गई. इस गिरावट में राजनीतिक अनिश्चितता और बिकवाली दोनों का ही हाथ रहा. वैसे अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में आई कमज़ोरी को भी भारत के शेयर बाज़ारों में इस गिरावट की एक वजह माना जा रहा है. तीस मुख्य कंपनियों के शेयरों का सूचकांक 113 अंक गिरकर 5555 पर पहुँच गया, यह क़रीब दो प्रतिशत की गिरावट थी. राष्ट्रीय स्तर पर निफ़्टी में 35 अंकों की गिरावट आई और वह 1769 पर बंद हुआ. यह 1.96 प्रतिशत की गिरावट थी. दरअसल पूरे दिन शेयर बाज़ारों में बिकवाली का ज़ोर रहा जिसने नकारात्मक असर डाला और यह गिरावट हुई. मतदान का अंतिम दौर अटकलबाज़ियों से भरा रहा और बहुत से निवेशकों और अटकलबाज़ों ने अपनी बिकवाली जारी रखी जिससे अनेक शेयरों की क़ीमतों में गिरावट आई. मंबई शेयर बाज़ार का सूचकांक सोमवार को 41 अंकों की कमज़ोरी दर्ज कराकर 5628 पर खुला जो और भी कमज़ोर होता चला गया. एक बार तो यह गिरकर 5501 पर खिसक गया लेकिन आख़िरी कुछ घंटों में कारोबार कुछ बढ़ा और इसमें कुछ सुधार होकर सूचकाँक 5555 पर बंद हुआ. तीस में से पच्चीस शेयरों की क़ीमतों में गिरावट आई. मुंबई शेयर बाज़ार में तीस बड़ी कंपनियों के क़रीब दो करोड़ 48 लाख शेयर दर्ज हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||