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खरबों के शेयर बेचने की होड़ मची | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में इस समय शेयर बाज़ार में हड़कंप सा मचा हुआ है और अनेक कंपनियाँ इस मौक़े का फ़ायदा उठाने की फ़िराक़ में लगी हुई हैं. एक अनुमान के मुताबिक़ इस साल क़रीब पाँच खरब रूपए के शेयर बाज़ार में आने हैं. भारत सरकार भी इस साल क़रीब डेढ़ खरब रूपए बाज़ार से उठाने की योजना बना रही है और इसके लिए वह सात सरकारी कंपनियों के शेयर अगले दो महीनों में ही बाज़ार में उतार देगी. जानकारों का कहना है कि सरकार चुनाव से पहले 'फ़ील गुड' फैक्टर का भरपूर फ़ायदा उठाना चाहती है. शेयर बाज़ार के इस 'महोत्सव' की शुरुआत हुई शुक्रवार को जब सरकारी क्षेत्र की दो कंपनियों भारतीय गैस प्राधिकरण और देश की सबसे बड़ी गैस कंपनी तेल और प्राकृतिक गैस आयोग ने अपने शेयर बाज़ार में उतारे. भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय गठबंधन सरकार पाँच और कंपनियों के शेयरों के ज़रिए क़रीब डेढ़ खरब रूपए जुटाने की तैयारी में है. गैस प्राधिकरण ने अपने शेयर बाज़ार में उतारने के लिए शुक्रवार को अपना कारवाँ मुंबई में निकाला, जिसके बाद इसी तरह के कारवाँ लंदन, न्यूयॉर्क, सिंगापुर, हाँगकाँग और कुछ अन्य बड़े शहरों में निकाले जाएंगे. तेल और प्राकृतिक गैस आयोग भी इसी तरह के कारवाँ निकालेगा. सरकारी ही नहीं, इन्फो टेक और टाटा कंसल्टेंसी जैसी कुछ बड़ी निजी कंपनियाँ भी इसी रास्ते पर चल रही हैं. भारत सरकार के विनिवेश मंत्री अरूण शौरी ने सरकारी कंपनियों में निजी निवेश की शुरुआत की थी और यह शुरुआत हुई थी पिछले साल जून में जब मारुति उद्योग लिमिटेड में 25 प्रतिशत हिस्सा निजी शेयरों को दे दिया गया था. लक्ष्य और अब सरकारी कंपनियों के विनिवेश के लिए जैसे हड़कंप मच गया है. सरकार ने इस मार्च में चालू वित्त वर्ष के समाप्त होने से पहले क़रीब दो खरब रूपए बाज़ार से जुटाने का लक्ष्य रखा हुआ है इसलिए शेयर बाज़ार में ग़ज़ब की तेज़ी नज़र आ रही है. लेकिन आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि कुछ ही महीनों में संसदीय चुनाव होने हैं और सरकार देश की अच्छी आर्थिक स्थिति का नारा देकर उसका फ़ायदा उठाना चाहती है. जानकारों के मुताबिक़ एक डर भी बना हुआ है कि कहीं बाज़ार में यह तेज़ी सिर्फ़ कुछ दिन के लिए ही तो नहीं, और छोटे निवेशकों के लिए यह तेज़ी कहीं नुक़सान तो नहीं दे जाएगी. इसी सप्ताह मंगलवार को निवेशकों के लिए अच्छा माहौल शुरू होने के बावजूद गुरुवार को मुंबई शेयर बाज़ार का सूचकाँक 170 अंक गिरा. शेयर दलालों की तरफ़ इस तरह के संकेत आ रहे हैं कि छोटे समय में मुनाफ़ा कमाने के मक़सद से ख़रीदे जाने वाले शेयरों में जोख़िम बहुत है. दलालों का कहना है कि जो निवेशक अगर शेयर बाज़ार में आई अचानक तेज़ी को भुनाने में अगर चूकते हैं तो नुक़सान भी उठा सकते हैं. उनका कहना है कि सूचकाँक जब भी 6000 के जादुई आँकड़े से ऊपर उठेगा तो मुनाफ़ा कमाने का अच्छा मौक़ा होगा. |
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