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विश्व आर्थिक मंच में भी उठा इराक़ मसला
इराक़ का पुनर्निर्माण, पश्चिमी देशों और मुसलमानों के प्रभाव वाले देशों के बीच बेहतर संबंध और भ्रष्टाचार जैसे मसले विश्व आर्थिक मंच में गुरुवार को चर्चा में छाए रहे. वहीं पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने इस मंच से भी भारत और पाकिस्तान के रिश्तों की चर्चा की मगर कहा कि वह दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की कोशिशें जारी रखेंगे. अमरीकी अटॉर्नी जनरल जॉन एशक्रॉफ़्ट ने कहा कि उनका देश 'आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध में विजयी' हो रहा है मगर भ्रष्टाचार लोकतंत्र को एक ख़तरा बना हुआ है. अमरीकी अटॉर्नी जनरल ने शांतिपूर्ण दुनिया की जो भावी तस्वीर रखी उसमें ख़ासतौर पर भ्रष्टाचार से लड़ने, ग़रीबी के विरुद्ध संघर्ष करने और लोकतंत्र को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया गया था. अमरीकी उपराष्ट्रपति डिक चेनी इस हफ़्ते ही मंच को संबोधित करेंगे. इसके अलावा वह इराक़ के पुनर्निर्माण की अमरीकी कोशिशों में और सहयोग जुटाने की कोशिश भी करेंगे. मुशर्रफ़ की अपील इस बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा कि इस्लाम और पश्चिम के बीच एक 'संतुलित विश्लेषण' की ज़रूरत है. उन्होंने भी लगभग वही बात दोहराई जो ईरान के राष्ट्रपति ने इस बैठक की शुरुआत में 'वास्तविक बातचीत' के रूप में उठाई थी. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने 'सभ्यताओं के बीच बातचीत' पर ज़ोर दिया और कहा कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में आई कड़वाहट दूर करने की कोशिशें जारी रखेंगे. इसी मंच की एक अन्य बैठक में कहा गया कि चीन में निवेश करने का सही समय यही है. कार निर्माता कंपनी निसान के प्रमुख कार्लोस घोस्न ने कहा, "चीन में आप जो फ़ायदा कमा सकते हैं वो जापान से ज़्यादा है और यूरोप से तो कहीं ज़्यादा है." इसके साथ ही ये भी चर्चा हुई कि अरब देशों में राजनीतिक और आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने का दबाव बढ़ रहा है जिससे वे पश्चिमी देशों के जीवन स्तर के बराबर आ सकें. |
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