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रूकी पड़ी व्यापार वार्ताएँ शुरू करने की माँग
भारत और चीन सहित 37 देशों ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की रूकी पड़ी वार्ताएँ तुरंत शुरू किए जाने की माँग की है. इन देशों के व्यापार मंत्रियों और प्रतिनिधियों ने ढाका में एक बैठक में ये माँग की. मेक्सिको के कैन्कुन में डब्ल्यूटीओ की बैठक की नाकामी के बाद व्यापार मंत्रियों की यह सबसे बड़ी बैठक थी. दो दिवसीय बैठक में यूरोपीय संघ की भागीदारी रही, लेकिन अमरीका का प्रतिनिधि इसमें शामिल नहीं था. बैठक के बाद रविवार को इंटरनेशनल चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के स्थानीय प्रतिनिधि मैहबुबुर रहमान ने कहा, "प्रतिनिधियों की आम राय थी कि व्यापार वार्ताएँ अविलंब शुरू की जाएँ."
उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को सुरक्षा चिंताओं पर तरजीह दी जानी चाहिए. रहमान ने कहा, "भविष्य में दुनिया की अर्थव्यवस्था सबकी भागीदारी के बल पर ही आगे बढ़ सकती है." पत्रकारों से बातचीत करते हुए यूरोपीय संघ के व्यापार प्रतिनिधि पास्कल लैमी ने कहा कि अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बावजूद व्यापार वार्ताएँ शुरू की जानी चाहिए. उन्होंने कहा, "कैन्कुन की नाकामी से किसी का भला नहीं होगा. सब चाहते हैं कि मार्च-अप्रैल तक वार्ताएँ शुरू की जा सके." लैमी ने कहा कि बातचीत की प्रक्रिया को दोबारा पटरी पर लाने के लिए यूरोपीय संघ कुछ मुद्दों पर लचीला रुख़ अपनाने को तैयार है. |
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