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सोमवार, 29 दिसंबर, 2003 को 13:35 GMT तक के समाचार
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जापान, चीन भी क़र्ज़ माफ़ करने को तैयार
युद्ध के विरोध में प्रदर्शन करते जापानी
युद्ध के विरोध में प्रदर्शन करते जापानी

जापान इराक़ को दिए गए कर्ज़ की अधिकाँश राशी को माफ़ करने के लिए तैयार हो गया है.

लेकिन जापान की शर्त ये है कि अन्य देश भी ऐसा ही करें. जापान ने इराक़ को सात अरब डॉलर का कर्ज़ दिया था.

इसके साथ-साथ चीन ने भी इराक़ का क़र्ज़ माफ़ करने की दिशा में बयान दिए हैं.

चीन का कहना है कि वो मानवता के नाते ये क़दम उठा रहा है.

जापान ने ये घोषणा अमरीकी दूत जेम्स बेकर और जापानी प्रधानमंत्री जुनीचिरो कोइज़ुमी के बीच हुए विचार विमर्श के बाद की.

 जापान इराक़ को दिए गए कर्ज़ को माफ़ कर सकता है यदि पेरिस क्लब के देनदार भी ऐसा करने को तैयार हो जाएँ

जापानी विदेश मंत्रालय

जापान ने पहले ही इराक़ में पुनर्निमाण के लिए पाँच अरब अमरीकी डॉलर की सहायता देने का वादा किया है.

साथ ही जापान अपने 1000 सैनिकों को भी इराक़ भेजने के लिए तैयार है.

जापान के विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है, " जापान इराक़ को दिए गए क़र्ज़ को माफ़ कर सकता है यदि पेरिस क्लब के देनदार भी ऐसा करने को तैयार हो जाएँ."

ग़ौरतलब है कि जापानी कंपनियों ने 1970 और 80 के दशक में इराक़ में कई अस्पताल और ऊर्जा संयत्रों का निर्माण किया था.

 "हम ये क़दम मानवता के नाते उठा रहे हैं"

चीन की सरकार

जापान को इराक़ से उन्हीं परियोजनाओं के पैसे वापस लेने हैं.

पुनर्निर्माण

बीबीसी संवाददाता के अनुसार अमरीकी दूत जेम्स बेकर इराक़ के पुनर्निर्माण की दिशा में काफ़ी सफल सिद्ध हो रहे हैं.

जापान से पहले ब्रिटेन, फ़्रास, जर्मनी, इटली और रूस ने इराक़ के क़र्ज़ माफ़ कर उसके पुनर्निर्माण की दिशा में मदद करने के वादे किए हैं.

इस काम में जेम्स बेकर की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण रही है.

उल्लेखनीय है कि जापान को ये घोषणा करने में पहले कुछ हिचकिचाहट थी क्योंकि उसने पहले ही इराक़ के पुनर्निर्माण में पाँच बिलियन डॉलर की राशी देने का वादा किया था.

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