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कूड़ेदान में हीरों की तलाश
आम तौर पर हम कूड़ेदानों का इस्तेमाल बेकार की चीज़ें फेंकने के लिए करते हैं. लेकिन एम्सटर्डम के हज़ारों निवासी अपने अपने घरों में कूड़ेदानों को किसी और कारण से छानने में लगे हैं. दरअसल, वहाँ के एक जौहरी ने क्रिसमस के उपहार के रूप में प्रचार के लिए 4000 ग्राहकों को अनोखी चिट्ठी भेजी. उसने अपने ग्राहकों को भेजी चिट्ठी में कुछ नक़ली और कुछ असली हीरे भेज दिए और कहा कि वे दुकान में आकर अपने उपहार की जाँच करा लें. अगर उनकी डाक का हीरा असली हुआ तो वे उसे रख सकते हैं. डाक मिलने पर उसे फ़ालतू की चिट्ठी समझकर अनेक लोगों ने उसे कूड़ेदान में फेंक दिया. पर जैसे ही ये बात फैली सभी ग्राहक कूड़ेदानों को बिनने में लग गए. वैसे, जौहरी को इससे कुछ ख़ास फ़ायदा इसलिए नहीं हुआ क्योंकि उसके 4000 ग्राहकों में से सिर्फ़ 35 लोग ही अपने उपहार की जाँच करवाने आए. व्यापारी इसलिए निराश हैं कि उसके प्रचार का ये पैंतरा चल नहीं पाया और ग्राहक इसलिए कि उन्हें अपने अपने डाक फेंकने से पहले जाँच लेने चाहिए थे. ख़ैर अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत. |
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