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अमरीकी आयात पर जुर्माना ठोका
यूरोपीय कमीशन ने अमरीका से यूरोपीय देशों को होनेवाले आयात पर जुर्माने के तौर पर शुल्क लगाने का फ़ैसला किया है. कमीशन ने अमरीका के साथ करों को लेकर चले एक लंबे विवाद के बाद ये शुल्क लगाने का फ़ैसला किया. कमीशन की एक प्रवक्ता ने कहा है कि अमरीका से आयात होनेवाले चार अरब डॉलर के उत्पादों पर अगले साल मार्च महीने से पाँच प्रतिशत का आयात शुल्क लगाया जाएगा. ये शुल्क एक साल तक धीरे-धीरे बढ़ते रहेंगे और कमीशन ने उम्मीद जताई है कि साल के अंत तक अमरीका अपने उस क़ानून को ख़त्म कर देगा जिसके तहत निर्यातकों को करों में राहत दी जा रही है. अमरीका की इस व्यवस्था की विश्व व्यापार संगठन ने भी आलोचना की है. स्टील नीति का विरोध इससे पहले कमीशन ये भी कह चुका है कि वह अमरीका की स्टील शुल्क नीति का विरोध करने के लिए दिसंबर में अलग से व्यापार प्रतिबंध लगाएगा. स्टील पर ये विवाद शुरू पिछले साल मार्च में शुरू हुआ था जब अमरीका के राष्ट्रपति ने अपने देश के स्टील उत्पादकों को विदेशी प्रतियोगिता से बचाने के लिए 30 प्रतिशत तक का आयात शुल्क लगा दिया था. यूरोपीय कमीशन ने कहा है कि अगर विश्व व्यापार संगठन ये फ़ैसला करता है कि अमरीका ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार क़ानून का उल्लंघन किया है तो वह अमरीकी उद्योग पर जुर्माने के तौर पर कड़े शुल्क लगाएगा. कमीशन ने पहले ही अमरीका से आयात होनेवाली दो अरब डॉलर से अधिक राशि के सामानों की एक सूची तैयार कर ली है जिनपर शुल्क लगाए जाएँगे. इनमें हार्ले डेविडसन मोटरसाइकिल, नीबू जैसे फल और कुछ टेक्सटाइल उत्पाद शामिल हैं. कहा जा रहा है कि सूची में ख़ास तौर से उन क्षेत्रों को निशाना बनाया जा रहा है जो राष्ट्रपति बुश की रिपब्लिकन पार्टी के समर्थक समझे जाते हैं. |
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