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शुक्रवार, 17 अक्तूबर, 2003 को 22:16 GMT तक के समाचार
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अब एचएसबीसी भी भारत की ओर
भारतीय युवा
एशियाई युवाओं के लिए बढ़ते अवसर

विदेशों की बड़ी-बड़ी कंपनियाँ एक के बाद एक अपने दफ़्तर भारत भेज रही हैं जिसका मतलब है कि भारत के युवाओं के लिए बड़ी कंपनियों में आकर्षक नौकरियाँ पाने के मौक़े बढ़ रहे हैं.

हाल के दिनों में ब्रिटिश टेलीकॉम, ब्रिटिश रेल, लॉयड्स टीएसबी बैंक और अबी नेशनल बैंक ने ब्रिटेन में अपने कुछ दफ़्तर बंद कर उनकी जगह नए दफ़्तर भारत में खोलने की घोषणा की थी.

इसी कड़ी में दुनिया के दूसरे सबसे बड़े बैंक हाँगकाँग एंड शंघाई बैंक कॉरपोरेशन यानी एचएसबीसी ने ऐलान किया कि वो भी ब्रिटेन से अपनी 4 हज़ार नौकरियाँ अगले तीन साल में एशिया भेज रहा है.

ब्रिटेन में चल रहे उसके 4 ग्राहक सेवा केंद्र बंद हो जाएँगे और नए केंद्र भारत, मलेशिया और चीन में खोले जाएँगे.

बैंक कर्मचारियों की यूनियन ने इस फ़ैसले का कड़ा विरोध किया है कि इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ क़ानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है.

एचएसबीसी का कहना है कि शेयर धारकों के प्रति उसकी ज़िम्मेदारी है कि वो बाज़ार की प्रतिस्पर्धा में बना रहे.

दरअसल ये सारी कंपनियाँ पैसा बचाने के लिए ही विदेशों से अपने दफ़्तर एशिया भेज रहे हैं क्योंकि काम करने के लिए वहाँ लोग कम तनख़्वाह में उपलब्ध हैं और अन्य ख़र्च भी काफ़ी कम होते हैं.

रिलायंस के हाल ही में मिले शानदार नतीजों के बाद भारत की सबसे बड़ी सॉफ़्टवेयर कंपनियों में से एक विप्रो की बारी थी.

विप्रो का साल की दूसरी तिमाही का मुनाफ़ा कंपनी के अंदाज़े से भी ज़्यादा रहा है.

विप्रो की कमाई में इस दौरान 29 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई और वो एक हज़ार तीन सौ 74 करोड़ रुपए से भी ज़्यादा रहा जबकि शुद्ध लाभ 4 फ़ीसदी बढ़ कर 230 करोड़ को पार कर गया.

इन तीन महीनों के दौरान विप्रो ने और 3091 लोगों को नौकरियाँ दीं जिससे उसके कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 24,265 हो गई.

न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज की सूची में दर्ज भारतीय कंपनी विप्रो के चेयरमैन अज़ीम प्रेमजी ने कंपनी के भविष्य को लेकर भी उम्मीद जताई है लेकिन डॉलर के मुक़ाबले मज़बूत होता रुपया उनकी परेशानी बढ़ा सकता है.

इसी बीच अपनी रफ़्तार जारी रखते हुए भारतीय शेयर बाज़ार भी शुक्रवार को ऊपर चढ़े.

मुंबई स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक 43 अंक चढ़ कर 4930 पर पहुँच गया जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ़्टी में भी 14 अंकों का उछाल आया और वो 1569 तक जा पहुँचा.

सूचकांक 4930 पर पहुँच कर पिछले सवा तीन सालों के उच्चतम स्तर पर आ गया है और जानकारों का मानना है कि ये अगले कुछ दिन में यानी दीवाली से पहले 5000 का आँकड़ा पार कर सकता है.

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