टी-20 वर्ल्ड कप: नामीबिया के साथ मैच में भारत ने ऐसा क्या किया था कि पाकिस्तान हो सकता है ख़ुश

सूर्यकुमार यादव

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, अमेरिका के बाद नामीबिया के ख़िलाफ़ मैच में भी भारतीय बल्लेबाजों ने स्पिनर्स के सामने संघर्ष किया
    • Author, प्रवीण
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • पढ़ने का समय: 6 मिनट

"भारत अपनी ग़लतियों से सबक नहीं ले रहा है. जो एक वक़्त भारतीय टीम का सबसे मज़बूत पक्ष होता था, वही अब उसकी कमज़ोरी बन गया है. पाकिस्तान के साथ मैच में स्पिन गेंदबाज़ी का सामना करना भारतीय टीम के लिए आसान नहीं होने वाला है."

नामीबिया के ख़िलाफ़ भारतीय टीम की 93 रन से जीत के बाद आदित्य नाम के एक्स यूज़र ने ये सवाल किया.

टी-20 वर्ल्ड कप में भले ही भारतीय क्रिकेट टीम ने अपने शुरुआती दोनों मैच जीत लिए हैं, लेकिन ये सवाल उठाने वाले आदित्य अकेले नहीं हैं.

इन दोनों मैचों के अलावा हाल के सालों में स्पिनर्स के ख़िलाफ़ ख़राब प्रदर्शन की वजह से इस बात को टीम इंडिया की सबसे बड़ी कमज़ोरी के रूप में देखा जा रहा है.

बीबीसी हिन्दी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

15 फ़रवरी को पाकिस्तान के साथ मैच से पहले ये सवाल इसलिए और भी गंभीर हो जाता है, क्योंकि कोलंबो की पिचों को स्पिनर्स के लिए भारतीय पिचों से भी ज़्यादा मददगार माना जाता है.

इन सवालों के पीछे का दूसरा पहलू ये भी है कि पाकिस्तान अब अपने तेज़ गेंदबाज़ों की बजाए स्पिनर्स पर ही ज़्यादा भरोसा दिखा रहा है.

पाकिस्तान ने नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ चार और अमेरिका के ख़िलाफ़ पांच स्पिनर्स को आजमाया.

पाकिस्तान के स्पिनर्स ने इन दो मुक़ाबलों में 13 विकेट झटके हैं.

भारतीय बल्लेबाजों के स्पिनर्स के ख़िलाफ़ संघर्ष करने के हालिया इतिहास को देखते हुए इस बात की गुंजाइश नज़र नहीं आती कि पाकिस्तान टूर्नामेंट के अपने सबसे अहम मुक़ाबले में स्पिनर्स को तवज्जों नहीं देगा.

जेरार्ड इरास्मस

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, जेरार्ड इरास्मस ने चार भारतीय बल्लेबाज़ों को पविलियन भेजा

जेरार्ड के सामने नहीं चले भारतीय बल्लेबाज़

नामीबिया के ख़िलाफ़ भारत की शुरुआत इतनी शानदार थी कि टीम ने महज सात ओवर में ही एक विकेट गंवाकर 104 रन बना लिए थे.

लेकिन नामीबिया के कप्तान जेरार्ड ने मैच में अपनी पहली गेंद पर ही 20 गेंद में अर्धशतक जड़ने वाले ईशान किशन को पविलियन भेज दिया.

इसके बाद भारतीय बल्लेबाज़ जेरार्ड इरास्मस की स्पिन के आगे संघर्ष करते नज़र आए.

उन्होंने चार ओवर में महज 20 रन देकर किशन के अलावा तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या और अक्षर पटेल का विकेट भी लिया.

वहीं नामीबिया के तेज़ गेंदबाज़ रुबेन ने इस मुक़ाबले मे 9.5 के इकोनॉमी रेट से रन खर्च किए. जबकि बाक़ी सभी गेंदबाज़ों का इकोनॉमी रेट तो 10 से भी ज़्यादा का रहा.

इससे पहले अमेरिका के स्पिनर्स ने भी भारतीय बल्लेबाज़ों को ख़ासा परेशान किया. लेग स्पिनर मोहम्मद मोहसिन ने भारत के ख़िलाफ़ चार ओवर में 16 रन देकर एक विकेट लिया था.

हरमीत सिंह ने चार ओवर में महज 26 रन खर्च दो भारतीय बल्लेबाज़ों को पविलियन वापस भेजा था.

सलमान आगा

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के स्पिनर्स ने अभी तक वर्ल्ड कप में अच्छा प्रदर्शन किया है

क्या भारत को होगी मुश्किल

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

भारत की टूर्नामेंट में लगातार दो जीत के बावजूद सोशल मीडिया पर भारतीय बल्लेबाज़ों के स्पिनर्स के ख़िलाफ़ संघर्ष की ख़ासी चर्चा देखने को मिल रही है.

अर्जुन नाम के यूज़र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "भारतीय टीम को बाक़ी बचे हुए टी-20 वर्ल्ड कप में स्पिनर्स के ख़िलाफ़ ज़्यादा बेहतर तरीक़े से बल्लेबाज़ी करने की ज़रूरत है."

वहीं वरुण नाम के यूज़र ने एक्स पर लिखा कि टीम इंडिया के उसके बल्लेबाज़ों का स्पिनर्स के ख़िलाफ़ संघर्ष करना सबसे बड़ी परेशानी की बात है.

उन्होंने लिखा, "जिस तरह से भारतीय बल्लेबाज़ स्पिनर्स के ख़िलाफ़ संघर्ष कर रहे हैं, ये आने वाले मैचों से पहले टीम के लिए चिंता की बात है. अमेरिका के बाद नामीबिया के स्पिन अटैक ने भी भारतीय बल्लेबाज़ों को परेशान किया."

"अभी हम भारत में खेल रहे थे, इसलिए ये बात मैनेज हो गई. लेकिन अगला मैच कोलंबो में है और वहां गेंदबाज़ों को यहां से ज़्यादा टर्न मिलता है. अगर भारतीय बल्लेबाज़ इसी तरह से खेलते हैं तो पाकिस्तान के ख़िलाफ़ उसे मुश्किल हो सकती है. ये बेहद चिंता की बात है."

श्रीराम नाम के यूजर ने भी एक्स पर लिखा कि भारत के लिए पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैच आसान नहीं होने वाला है.

उन्होंने कहा, "भारतीय बल्लेबाज़ इस वक़्त औसत स्पिनर्स वाले गेंदबाज़ी अटैक के सामने भी संघर्ष कर रहे हैं. पाकिस्तान का स्पिन अटैक कोलंबो में भारत को मुश्किलों में डाल सकता है. भारत के लिए मैच जीतना आसान नहीं होगा."

साइमन रॉस हार्मर

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, साइमन रॉस हार्मर ने बीते साल टेस्ट सिरीज़ में भारतीय बल्लेबाज़ों को परेशान किया

पहले से उठ रहे हैं सवाल

स्पिनर्स के ख़िलाफ़ भारतीय बल्लेबाज़ों के संघर्ष को लेकर सवाल 2024 से ही उठ रहे हैं. 2024 में भारत ने 12 साल के लंबे अंतराल के बाद अपनी ज़मीन पर टेस्ट सिरीज़ गंवाई थी.

तब न्यूजीलैंड ने भारत को तीन टेस्ट मैचों की सिरीज़ में 3-0 से हराया था. इसके बाद बीते साल के अंत में दक्षिण अफ़्रीका ने भी भारतीय ज़मीन पर 2-0 से टेस्ट सिरीज़ अपने नाम की.

दक्षिण अफ़्रीका की इस जीत के हीरो स्पिनर साइमन रॉस हार्मर रहे जिन्होंने दो मैचों में 17 विकेट हासिल किए. उन्हें इस परफ़ॉर्मेंस के लिए प्लेयर ऑफ़ द सिरीज़ का ख़िताब भी मिला था.

भारत की इस हार के बाद न्यूजीलैंड के क्रिकेट कमेंटेटर और पूर्व क्रिकेटर इयान स्मिथ ने भी समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा कि हाल के सालों में भारतीय बल्लेबाज़ों का स्पिनर्स के ख़िलाफ़ प्रदर्शन पहले जैसा नहीं रहा है.

उन्होंने कहा, "स्पिनर्स को खेलने के मामले में भारतीय बल्लेबाज़ पहले से कमज़ोर हुए हैं. अगर आप नंबर्स देखेंगे तो वो पहले इस मामले में काफ़ी अच्छे रहे हैं. लेकिन पता नहीं उन्होंने अपना आत्मविश्वास खो दिया है या वो खुद पर शक कर रहे हैं. क्योंकि ये हैरान करने वाली बात है. वो ऐसा नहीं खेला करते थे."

बीते साल दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ हार के बाद भारत के दूसरे सबसे क़ामयाब स्पिनर रहे आर अश्विन ने भी इस बात को लेकर सवाल उठाए थे.

उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल 'एश की बात' पर कहा था, "इस वक़्त हमारी बैटिंग यूनिट स्पिनर्स का सामना करने में दुनिया में शायद सबसे ज़्यादा ख़राब है."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.