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ग़ज़ा से रिहा किए गए इसराइल के बंधक कौन हैं?
ग़ज़ा में रखे गए 41 बंधकों को रिहा कर दिया गया है, जहां उन्हें सात अक्टूबर को इसराइल पर हमले के बाद बंधक बना कर ले जाया गया था.
इसराइल और हमास के बीच हुए समझौते के तहत 26 इसराइली बंधकों को रिहा किया गया जिनमें सभी महिलाएं और बच्चे हैं.
इस बीच, हमास और मिस्र की सरकार के बीच हुए समझौते के तहत 14 थाई और एक फिलीपींस के बंधक को भी रिहा किया गया.
इसराइल-हमास के बीच अस्थाई संघर्ष विराम की शर्तों के तहत चार दिन में 50 इसराइली बंधकों को रिहा किया जाना है.
हमास का कहना है कि इसके बदले इसराइली जेलों में बंद 150 फ़लस्तीनी महिलाओं और किशोरों को रिहा किया जाएगा और हर दिन राहत सामग्री वाले 200 ट्रकों और चार ईंधन टैंकर और चार एलपीजी गैस के ट्रकों को ग़ज़ा में जाने की इजाज़त दी जाएगी.
हालांकि शनिवार को बंधकों की रिहाई में देरी हुई और हमास ने इसराइल आरोप लगाते हुए कहा कि उसने समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया, इसलिए देरी हुई.
रिहा किए गए इसराइली बंधक कौन हैं?
मार्गलित मोज़ेसः 78 साल की मार्गलित मोज़ेस को किबुत्ज़ नीर ओज़ से अपहृत किया गया था. वो एक कैंसर सर्वाइवर हैं. उनके परिवार का कहना है कि उन्हें अन्य स्वास्थ्यगत दिक्कतें भी हैं जिसके लिए उनकी 24 घंटे देख रेख की ज़रूरत होती है.
एडिना मोशेः 72 साल की एडिना मोशे को भी किबुत्ज़ नीर ओज़ से अगवा किया गया था. हमास ने उनके पति साइद मोशे की हत्या कर दी थी. हमास के हमले के बाद सामने आए एक वीडियो फुटेज से उनके परिजनों ने उनकी पहचान की थी.
डेनिएल एलोनीः रिहा होने वाले बंधकों में 44 साल की डेनिएल एलोनी और उनकी छह साल की बेटी एमिलिया भी हैं. उन्हें भी किबुत्ज़ नीर ओज़ से उनकी बहन शौरोन एलोनी कुनियो (34 साल), उनके पति डेविड कुनियो (33 साल) और उनकी तीन साल जुड़वां बेटियों एमा और यूली के साथ अगवा किया गया था.
डोरोन काट्ज़ एशरः डोरोन काट्ज़ एशर (34 साल) को उनकी दो बेटियों राज़ एशर (चार साल) और एविव एशर (दो साल) के साथ अगवा किया गया था. डोरोन के पति योनी ने एक वीडियो में अपनी पत्नी और बेटियों को अन्य बंधकों के साथ एक ट्रक में चढ़ाए जाते देखा था. उन्होंने ही डोरोन के मोबाइल फ़ोन को ग़ज़ा में ट्रेस किया था.
इनकी रिहाई के बाद एशर ने बीबीसी से कहा, “मैं उन्हें वापस लाने के लिए दृढ़प्रतिज्ञ था. मैं खुशी नहीं मनाऊंगा जबतक अंतिम बंधक वापस नहीं लौट आते. बंधकों के परिवार पोस्टर या नारे नहीं हैं. वे वास्तविक लोग हैं और आज अपहृत लोगों का परिवार मेरा नया परिवार है.”
एमिली हैंडः ग़ज़ा में नौ साल की एमिली हैंड को बिना उनके परिवार के बंधक बनाए रखा गया था. वो आइरिश-इसराइली हैं. वो किबुत्ज़ बेरी से तब लापता हुई थीं जिस दिन उनका जन्मदिन था. उनके पिता टॉम हैंड को पहले एमिली के मारे जाने के बारे में बताया गया था.
टॉम हैंड ने कहा, “चुनौतीपूर्ण और जटिल 50 दिनों के बाद कैसा लग रहा है इसे बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं.”
हिला रोटेम शोशानीः 12 साल की हिला रोटेम शोशानी को उनकी मां राया के साथ 7 अक्टूबर को अगवा किया गया था लेकिन केवल उन्हें ही रिहा किया गया है. उनके परिवार को 29 अक्टूबर को उनके बंधक होने के बारे में आधिकारिक रूप से बताया गया.
माया रेगेव (21 साल) अपने भाई इटे के साथ दक्षिणी इसराइल में सुपरनोवा म्युज़िक फ़ैस्टिवल में थीं जब हमास का हमला हुआ. उस सुबह माया ने पिता फ़ोन किया. वो चिल्ला रही थीं, “डैड, वे मुझे गोली मार रहे हैं.” हमास के एक वीडियो में इटे की पहचान हुई थी.
ओहाद मुंडेर-ज़िचरी (9 साल), उनकी मां केरेन मुंडेर (54 साल) और उनकी नानी रुथी मुंडेर (78 साल) को नीर ओज़ से अगवा किया गया. एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, उनका मोबाइल फ़ोन ग़ज़ा में ट्रेस किया गया. ओहाद का नवां जन्मदिन ग़ज़ा में ही बीता. रुथी मुंडेर के पति अवराहम मुंडेर अभी भी बंधक हैं.
चानाह पेरी (79 साल) को उनके 51 साल के बेटे नाडव पोपलवेल के साथ बंधक बनाया गया था. चानाह की बेटी एयेलेट स्वाटिट्ज्की 7 आक्टूबर को हमसे के समय ही उनसे फ़ोन पर बात कर रही थीं.
चानाह 1960 के दशक में दक्षिण अफ़्रीका से इसराइल आ गई थीं. उनके तीन बच्चे हैं.
हान्ना कैट्ज़ीर (77 साल), 9 नवंबर को इस्लामिक जिहाद द्वारा जारी बंधक वीडियो में दिखीं थीं. इसमें वो कैमरे के सामने एक व्हीलचेयर पर बैठी दिखती हैं. 47 साल के बेटे एलाड काट्ज़िर को भी उनके साथ बंधक बनाया गया था.
याफ़ा आडर (85 साल) को नीर ओज़ से अपहृत किया गया था. उनकी पोती एडवा को एक वीडियो दिखा जिसमें दिख रहा था कि उन्हें चार बंदूकधारी ग़ज़ा ले जा रहे हैं. याफ़ा के 38 साल के पोते तामीर को भी ग़ज़ा ले जाया गया था. टाइम्स ऑफ़ इसराइल के अनुसार, वो नीर ओज़ के इमरजेंसी स्क्वायड में थे.
डॉ. शोशान हारन (67 साल) को उनके बेरी किबुत्ज़ से अगवा किया गया. ग़रीबों को खाना खिलाने वाले एक एनजीओ की वो संस्थापक हैं. उन्हें उनकी 38 साल की बेटी एडी शोशाम, उनके बच्चों नावे (8 साल) और याहेल (तीन साल) के साथ रिहा किया गया. उनके पति एवशालोम हमास के हमले में मारे गए थे. एडी के पति टैल (38 साल) अभी भी बंधक हैं.
डॉ. हारन के रिश्तेदार शैरोन एविग्डोरी (52) और उनकी बेटी नोआम (12 साल) को भी रिहा किया गया है. उनके परिवार ने कहा है कि उनके परिवार में 65 साल के एविएटार किप्निस और उनकी 60 साल की पत्नी लिलाच किप्निस की हमास हमले में मौत हो गई थी.
नोआम ओर (17) और उनकी बहन अल्मा (13) को 25 नवंबर को रिहा किया गया. हमले के दिन उनके पड़ोसी ने देखा था कि उन्हें उनके पिता ड्रोर ओर (48 साल) के साथ बंधक बनाया गया था. इन बच्चों की मां योनात (50 साल) के शव की पहचान किबुत्ज़ में मारे गए 120 लोगों में की गई. इन बच्चों के अंकल ने बीबीसी को बताया कि उन्हें अभी तक नहीं पता कि उनकी मां मारी गई हैं.
25 नवंबर को रिहा होने वाली शिरी वीस (53 साल) और उनकी 18 साल की बेटी नोगा भी हैं. उन्हें बेरी में पति इयान वीस (58 साल) के साथ बंधक बनाया गया था. परिवार ने एक वीडियो मैसेज में बताया कि शीरी को जब पकड़ा गया तो नोगा बिस्तर के नीचे छुप गईं लेकिन आखिरकार हमास ने उन्हें पकड़ लिया.
बंधक जो पहले ही छोड़ दिए गए थे
इसराइल और हमास के बीच हुए समझौते से पहले चार बंधकों को छोड़ा जा चुका था और एक अन्य को इसराइली सेना ने ज़मीनी अभियान में छुड़ाया था.
दो अमेरिकी- जुडिथ रानान और उनकी बेटी नतानी रानान को 20 अक्टूबर को रिहा किया गया था.
दो वयोवृद्ध महिलाओं- नूरित कूपर और योशेवेड लिफ़्सचिट्ज़ को 23 अक्टूबर को रिहा गया.
एक इसराइली सैनिक ओरी मेगिडिश को 29 अक्टूबर को ज़मीनी अभियान के दौरान छुड़ाया गया.
विदेशी नागरिक
हमास और मिस्र की सरकार के बीच हुए समझौते के तहत छोड़े गए 15 विदेशी वर्करों में एकमात्र फ़िलीपींस के नागरिक हैं गेलिएनोर जिम्मी लिएनो पाशेको (33 साल). वो चार साल से नीर ओज़ किबुत्ज़ में 80 साल के अमिता बेन ज़्वी के केयर गिवर थे, जोकि उनके अनुसार, 7 अक्टूबर के हमले में मारी गईं.
थाईलैंड के नागरिक बूंथोम पांखोंग (39 साल) और उनकी महिला मित्र नाटहावारी मुलाकान को हमास ने शुक्रवार को छोड़ दिया. उनके परिवार ने कहा कि वो इसराइल में पांच साल से काम कर रहे थे.
पहले माना जा रहा था कि थाई नागरिक विचाई कलपाट हमले में मारे गए थे लेकिन पिछले हफ़्ते उनके परिवार को उनके बंधक होने की सूचना मिली. उनकी महिला मित्र ने बीबीसी से कहा कि उन्होंने सोचा नहीं था कि रिहा होने वालों में उनका नाम भी होगा.
थाईलैंड के प्रधानमंत्री के अनुसार, शनिवार को छोड़े गए चार थाई नागरिकों में नाटहैफोन ओंकाएव और खोमक्रिट चोम्बुआ का भी नाम है.
अनुचा आंगकाएव को भी छोड़ा गया है. उनकी पत्नी वानिदा मारसा ने बीबीसी थाई को बताया कि दो साल पहले एवोकाडो फ़ार्म में काम करन गए उनके पति को हमास ने अगवा कर लिया था.
रिहा किए गए चौथे बंधक हैं मानी जिराचाट हैं. वो इसराइल चार साल पहले गए थे. उन्हें पांच अन्य वर्करों के साथ अगवा किया गया था.
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