रिलायंस ने किए कई बड़े एलान, तीनों बच्चों की ज़िम्मेदारी में इज़ाफ़ा

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड ने सोमवार को प्रेस रिलीज़ जारी करके अपने संगठन में लाए जा रहे नए और अहम बदलावों की जानकारी दी है.

इनमें रिलायंस समूह के मुखिया मुकेश अंबानी के तीनों बच्चों के रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के निदेशक मंडल में शामिल होने से लेकर नीता अंबानी के इससे बाहर जाने जैसी अहम जानकारियां शामिल हैं.

ये एलान एक ऐसे समय पर हुआ है जब रिलायंस ग्रुप की वार्षिक आम बैठक जारी है.

इस दौरान उन तमाम योजनाओं के बारे में भी बताया जा रहा है जो आने वाले सालों में रिलायंस ग्रुप से जुड़ी तमाम कंपनियों का भविष्य तय करेंगी.

रिलायंस ग्रुप ने क्या बताया?

रिलायंस ग्रुप की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ में बताया गया है कि सोमवार को शुरु हुई वार्षिक आम बैठक से पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के निदेशक मंडल की बैठक हुई.

इस बैठक में मुकेश अंबानी के तीनों बच्चों आकाश अंबानी, अनंत अंबानी और ईशा अंबानी को निदेशक मंडल में शामिल किए जाने पर विचार किया गया.

इसके साथ ही शेयरधारकों से इन नियुक्तियों को स्वीकृति देने की पेशकश की गयी है.

इसी बैठक में मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी का निदेशक मंडल से इस्तीफ़ा स्वीकार किया गया है.

हालांकि, रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी बोर्ड की परमानेंट इनवाइटी होने के नाते आरआईएल के निदेशक मंडल की सभी बैठकों में हिस्सा लेती रहेंगी.

रिलायंस ग्रुप के शेयरधारकों की ओर से स्वीकृति मिलने के साथ ही मुकेश अंबानी के तीनों बच्चों के निदेशक मंडल में शामिल होने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.

कंपनी ने बताया है कि आकाश, अनंत और ईशा पहले ही इस समूह में अलग-अलग ज़िम्मेदारियां संभाल रहे हैं.

कौन क्या संभाल रहा है?

फिलहाल, मुकेश अंबानी के तीनों बच्चे रिलायंस ग्रुप के अलग-अलग क्षेत्रों में फैले व्यवसायों को संभाल रहे हैं.

मुकेश अंबानी के सबसे बड़े बेटे आकाश अंबानी के पास टेलिकॉम क्षेत्र की कमान है. उन्होंने साल 2014 में जियो इन्फोकॉम में काम करना शुरू किया था.

इसके बाद साल 2022 में उन्हें इस कंपनी का चेयरमैन बनाया गया.

ब्राउन यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में स्नातक करने वाले आकाश अंबानी उस टीम का हिस्सा था जो साल 2020 में जियो प्लेटफॉर्म की डिज़िटल यूनिट में फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी मेटा से 5.7 अरब डॉलर का निवेश लेकर आई थी.

इसके साथ ही आकाश अंबानी ने वैश्विक निवेशकों केकेआर और टीपीज़ी के साथ हुए सौदों में भी अहम भूमिका निभाई.

इसके साथ ही आकाश अंबानी रिलायंस ग्रुप के स्वामित्व वाली आईपीएल क्रिकेट टीम का कामकाज भी करते हैं.

साल 2019 में आकाश अंबानी की शादी एक मशहूर हीरा व्यापारी की बेटी श्लोका मेहता से हुई है.

आकाश अंबानी की जुड़वा बहन ईशा अंबानी रिलायंस समूह की रिटेल, ई-कॉमर्स और लग्ज़री बिज़नेस संभालती हैं.

रिलायंस ने हाल ही में बताया है कि उनका रिटेल व्यवसाय कमाई और लाभ के आधार पर भारत में सबसे आगे है.

अमेरिका की प्रतिष्ठित स्टेनफॉर्ड यूनिवर्सिटी से प्रबंधन की पढ़ाई करने वालीं ईशा अंबानी ने येल यूनिवर्सिटी से साउथ एशियन स्टडीज़ और मनोविज्ञान में पढ़ाई की है.

ईशा अंबानी ने पिछले दिनों मुंबई में नीता मुकेश अंबानी क्लचरल सेंटर की लॉन्चिंग भी एक भूमिका निभाई है जो एक ब्रॉड-वे स्टाइल थिएटर और आर्ट्स सेंटर है.

मुकेश अंबानी के सबसे छोटे बेटे अनंत अंबानी ने भी ब्राउन यूनिवर्सिटी से स्नातक तक पढ़ाई की है.

27 वर्षीय अनंत साल 2020 के मार्च महीने से जियो के निदेशक मंडल में शामिल हैं.

इसके साथ ही साल 2022 में वह रिलायंस रिटेल के निदेशक मंडल में भी शामिल हुए हैं.

यही नहीं, अनंत रिलायंस समूह के ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े व्यवसायों को देख रहे हैं जिसका मकसद साल 2035 तक कंपनी को नेट-ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन करने वाली कंपनी बनाना है.

क्या बोले मुकेश अंबानी?

रिलायंस ग्रुप की वार्षिक आम बैठक के दौरान भी कंपनी की ओर से लिए गए इन फ़ैसलों के बारे में जानकारी दी गई.

इस दौरान मुकेश अंबानी ने कहा, “आज मैं ईशा, आकाश और अनंत में अपनी और अपने पिता की झलक देख रहा हूं. मुझे तीनों में धीरूभाई अंबानी की चमक दिखाई पड़ती है.”

इसके साथ ही उन्होंने बताया है कि वह अपने तीनों बच्चों को नेतृत्व से जुड़ी ज़िम्मेदारियां उठाने के लिए तैयार करते रहेंगे.

उन्होंने कहा, “मैं कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक के रूप में अपने कर्तव्यों और ज़िम्मेदारियों को पांच और वर्षों तक उत्साह के साथ निभाना जारी रखूंगा.”

मुकेश अंबानी साल 2021 से उत्तराधिकार को लेकर खुलकर बात कर रहे हैं.

नहीं करना चाहते पिता वाली चूक?

पिछले साल मुकेश अंबानी ने भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड की कंमान अपने बेटे आकाश अंबानी को सौंपी है.

इसके साथ ही रिटेल बिज़नेस की कमान ईशा अंबानी को सौंपी है. और अनंत अंबानी के लिए ऊर्जा बिज़नेस में संभावनाएं तलाशी हैं.

जियो इन्फोकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म की सब्सिडियरी कंपनी है जिसके चेयरमैन अभी भी मुकेश अंबानी ही हैं. ये कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के तहत आती है.

रिलायंस इस समय मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों में व्यवसाय कर रही है जो तेल एवं पेट्रो कैमिकल, टेलिकॉम और रिटेल हैं.

मुकेश अंबानी ने अपने हर बच्चे को एक-एक क्षेत्र की ज़िम्मेदारी सौंपी है. और इन तीनों क्षेत्रों में कार्यरत कंपनियों का वित्तीय आकार लगभग एक जैसा है.

रिलायंस ने हाल ही में वित्तीय सेवा क्षेत्र में कदम बढ़ाए हैं जिसमें ईशा अंबानी को बोर्ड मेंबर बनाया गया है.

मुकेश अंबानी की ओर से ये घोषणा किया जाना बताता है कि वह अपने व्यवसायिक समूह की कमान अपने बच्चों को देने की योजना बना रहे हैं.

साल 2002 में रिलायंस ग्रुप के संस्थापक धीरूभाई अंबानी की असमय मौत होने पर उनके दोनों बेटों मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी के बीच उत्तराधिकार को लेकर तीख़ा संघर्ष देखने को मिला था.

इस सार्वजनिक लड़ाई के बाद साल 2005 में मुकेश को तेल एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में सक्रिय कंपनी मिली थी.

वहीं, अनिल अंबानी को टेलीकॉम, पावर, वित्तीय व्यवसाय समेत अन्य यूनिट्स मिली थीं.

लेकिन दोनों भाइयों का भविष्य एक दूसरे से काफ़ी अलग रहा.

मुकेश अंबानी ने खुद को एशिया के सबसे अमीर शख़्स के रूप में स्थापित किया, वहीं अनिल अंबानी ने साल 2020 में लंदन की एक अदालत में अपनी कुल संपत्ति शून्य बताई.

हालांकि, पिछले कुछ सालों में दोनों भाइयों के रिश्तों में कटुता कुछ कम हुई है.

साल 2019 में मुकेश अंबानी ने अनिल अंबानी को जेल जाने से बचाने के लिए 77 मिलियन डॉलर का पेमेंट करने में मदद की.

वहीं, दोनों भाइयों के बीच नॉन-कंपीट एग्रीमेंट भी खारिज किया गया जिसके चलते मुकेश टेलिकॉम बिज़नेस के साथ-साथ वित्तीय सेवा क्षेत्र में प्रवेश कर सके.

स्टेनफोर्ड में पढ़ाई अधूरी छोड़ने वाले मुकेश अंबानी ने अपने पिता के टेक्सटाइल से लेकर पेट्रोकेमिकल के क्षेत्र में फैले व्यवसाय को बढ़ाते हुए रिलायंस समूह को भारत का सबसे ताक़तवर व्यवसायिक समूह बनाया.

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