रोहित शर्मा सिडनी टेस्ट से ख़ुद हटे या हटाए गए, रिटायरमेंट पर तेज़ हुई चर्चा

रोहित शर्मा

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इमेज कैप्शन, रोहित शर्मा बॉर्डर-गावसकर ट्रॉफ़ी के आख़िरी मुक़ाबले में टीम इंडिया से बाहर हैं, उनकी जगह जसप्रीत बुमराह कप्तानी कर रहे हैं

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावसकर ट्रॉफी का पांचवां और आखिरी टेस्ट सिडनी में खेला जा रहा है लेकिन कप्तान रोहित शर्मा इस मैच से बाहर हैं. उनकी जगह भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह टीम का नेतृत्व कर रहे हैं.

मैच शुरू होने से पहले जसप्रीत बुमराह ने कहा कि हमारे कप्तान (रोहित शर्मा) ने टीम का ज़बरदस्त नेतृत्व किया है और उन्होंने इस मैच के लिए आराम करने का फ़ैसला किया है.

हालांकि, गुरुवार को टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान रोहित शर्मा के लिए जो कहा, उसके बाद ये अटकलें तेज़ हो गई थीं कि कप्तान को पाँचवें टेस्ट में ड्रॉप किया जाएगा.

अब चर्चा ये है कि रोहित शर्मा ने ख़ुद इस मैच से बाहर होने का फ़ैसला लिया है या फिर इस सिरीज़ में उनके ख़राब प्रदर्शन की वजह से उन्हें बाहर बैठाया गया है.

चर्चा ये भी है कि शायद रोहित शर्मा टेस्ट मैचों को अलविदा कह दें. कहीं, मेलबर्न का मैच उनका आख़िरी टेस्ट मुक़ाबला न हो जाए.

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दरअसल, बॉर्डर-गावसकर ट्रॉफी के पाँच टेस्ट मैचों की सिरीज़ में भारतीय क्रिकेट टीम 1-2 से पीछे चल रही है.

शुक्रवार से सिडनी में खेले जा रहे पाँचवे मैच में भी भारत की शुरुआत खराब रही. रोहित की जगह खेल रहे शुभमन गिल सिर्फ 20 रन बनाकर आउट हो गए. मैच में लंच से पहले ही चार भारतीय बल्लेबाज़ आउट हो चुके थे.

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भारत की पहली पारी महज़ 185 रनों पर सिमट गई.

चौथे टेस्ट में हार के बाद मीडिया में भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम से विवादों की ख़बरें आनी शुरू हो गई थीं. इन ख़बरों में कहा जा रहा था कि चौथे मैच में हार के बाद रोहित शर्मा को जिम्मेदार ठहराकर उन्हें 'सजा' दी जा सकती है.

इन ख़बरों को तब और बल मिला जब मैच से पहले गुरुवार को कप्तान रोहित शर्मा की जगह हेड कोच गौतम गंभीर प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए.

गंभीर ने कहा, "रोहित के साथ सब ठीक ठाक है. हेड कोच यहाँ है, इतना काफ़ी होना चाहिए. टॉस से पहले पिच देखने के बाद इस बात का फ़ैसला किया जाएगा कि कप्तान प्लेइंग इलेवन में होंगे या नहीं."

रोहित शर्मा को सिडनी टेस्ट मैच में न खिलाने के संकेत तभी से मिलने शुरू हो गए थे जब 'द टाइम्स' ने इस बारे एक रिपोर्ट छापी थी.

अख़बार ने लिखा कि भारतीय क्रिकेटरों को ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने नए साल पर आमंत्रित किया था. रोहित शर्मा को वहां बोलना था लेकिन आख़िरी वक़्त में वह इससे पीछे हट गए.

इसकी बजाय टीम के हेड कोच ने संबोधित किया, जबकि रोहित वहां मौजूद थे.

अख़बार के मुताबिक़ इसके बाद ये संकेत मिलने लगे थे कि भारतीय टीम के ड्रेसिंग में सब कुछ अच्छा नहीं चल रहा है. ऑस्ट्रेलिया में भारतीय टीम के निराशाजनक प्रदर्शन को लेकर हेड कोच और कप्तान के बीच तनातनी है.

रोहित शर्मा के न खेलने पर क्या कह रहे हैं पूर्व क्रिकेटर?

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रोहित शर्मा को हटाया गया या उन्होंने इस मैच में खुद न खेलने का फैसला किया, इस पर अलग-अलग राय देखी जा सकती है.

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान मार्क टेलर ने कहा, ''असली बात तो ये है कि किसी देश का कप्तान सिरीज़ के आख़िरी निर्णायक टेस्ट से बाहर रहने का फ़ैसला नहीं करता. निश्चित तौर पर उन्हें हटाया गया है. मुझे नहीं पता कि वो लोग सीधे तौर पर ये क्यों नहीं कह देते कि उन्हें हटाया गया है.''

उन्होंने कहा, ''इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें हमेशा के लिए हटा दिया गया है. इसका मतलब ये है कि वो खराब फॉर्म की वजह से ये टेस्ट मैच नहीं खेल पा रहे हैं.''

"खराब फॉर्म कोई अपराध नहीं है. दुर्भाग्य से ये पेशेवर खेल है और यही हुआ है.''

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ रोहित शर्मा के मैच से बाहर रहने पर सुनील गावसकर ने टिप्पणी करते हुए कहा,'' मेरे हिसाब से अगर भारत वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिए फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं करता है तो मेलबर्न टेस्ट रोहित शर्मा का आखिरी मैच होगा.''

उन्होंने कहा, ''वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप साइकिल इंग्लैंड सिरीज़ के साथ शुरू होगी और सेलेक्टर चाहेंगे कि कोई 2027 के फाइनल के लिए उपलब्ध हो. भारत फाइनल में पहुंचेगा या नहीं ये अलग मामला है लेकिन चयन कमिटी ऐसा कर सकती है. शायद हमने टेस्ट क्रिकेट में रोहित शर्मा को खेलते आख़िरी बार देख लिया है.''

पीटीआई के मुताबिक़ इस मैच की कमेंट्री के दौरान भारतीय टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने कहा कि वो भी इस बात से सहमत हैं.

उनका कहना था कि इस सिरीज़ के बाद रोहित शर्मा टेस्ट करियर को अलविदा कह सकते हैं.

शास्त्री ने कहा, " ऐसा होने की आशंका तब होती है जब आप लय में न हों. आप मानसिक तौर पर परेशान हों. आप रन नहीं बना पा रहे हों. मैं तो समझता हूं कि एक कप्तान ने जिम्मेदारी लेते हुए बेंच पर बैठने का फैसला कर साहस दिखाया है.''

रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

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इमेज कैप्शन, रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

वहीं पूर्व क्रिकेटर और तेज गेंदबाज इरफान पठान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,'' मेरी निजी राय है कि रोहित शर्मा को अपनी ज़िंदगी के इस दौर से जूझना चाहिए. मैं नहीं चाहता कि रोहित इसे यूं ही छोड़ दें. उन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए काफी किया है और मुझे यकीन है कि उनमें हालात बदलने की क्षमता है.''

क्रिकेट फैंस भी रोहित के न खेलने पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक यूजर ने लिखा, ''रोहित शर्मा के लिए बुरा लग रहा है. उन्हें इस तरह ख़त्म होते देखना दुखद है. लेकिन उन्होंने गिल को हटाया. केएल राहुल को वहां से हटाया जहां वो अच्छा कर रहे थे. उन्होंने इस पोजीशन को खुद ले लिया. यहां तक रोहित के पक्के समर्थक भी ये नहीं कह सकते ये टीम के लिए अच्छा था. ये स्वार्थ भरा फ़ैसला था.''

एक और यूजर ने एक्स पर लिखा लिखा,'' टी20 वर्ल्ड कप में भारत को विश्व विजेता बनाने वाले कप्तान रोहित शर्मा को सिरीज के बीच में इस तरह अपमानित किया गया और टीम से बाहर कर दिया गया. क्या रोहित शर्मा को फेयरवेल मैच मिलना चाहिए था?

एक और यूजर ने एक्स पर लिखा कि सौरव गांगुली को रोहित शर्मा पर पूरा भरोसा था. सौरव गांगुली ही एकमात्र ऐसे खिलाड़ी थे जो नॉन परफॉर्मर को बाहर करने की हिम्मत रखते थे. लेकिन आजकल, कोच उस खिलाड़ी को हटाने की हिम्मत नहीं रखते जो पांचवीं स्टम्प पर पड़ी गेंद को नहीं छोड़ते.

रोहित शर्मा की खराब फॉर्म

रोहित अपनी फॉर्म को वापस हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. पिछले नौ टेस्ट मैचों में रोहित ने 10.93 की औसत से रन बनाए हैं. इस सिरीज़ की पांच पारियों में उनका औसत महज 6.2 है.

रोहित शर्मा के कोच दिनेश लाड ने कहा था कि रोहित अभी और खेलना चाहते हैं और उनमें काफ़ी क्रिकेट बचा है. वह ऐसे बल्लेबाज हैं, जो कभी भी फॉर्म में लौट सकते हैं.

यक़ीनन उनकी नज़र में रोहित के फुटवर्क में थोड़ी दिक़्क़त है. हालांकि यह परमानेंट दिक़्क़त नहीं है. लेकिन गंभीर के बयान को सुनने से हालात रोहित के लिए ठीक नहीं लग रहे.

पिछले दो साल के दौरान देखा गया है कि वह आते ही गेंदबाज़ पर हावी होने की कोशिश करने में अपना विकेट गंवा दे रहे हैं. इसमें वह स्लिप में कैच देने के अलावा कई मौकों पर बोल्ड भी हो रहे हैं.

माना जाता है कि भारतीय क्रिकेट में जब भी कोई बदलाव होता है तो पूर्व क्रिकेटर और एक्सपर्ट सुनील गावसकर हमेशा सबसे पहले इसका संकेत दे देते हैं.

मेलबर्न टेस्ट में टीम इंडिया की बड़ी हार के बाद गावसकर ने कॉमेंट्री के दौरान कहा था कि रोहित एक समझदार क्रिकेटर हैं, वो टीम के लिए कभी भी भार नहीं बनना चाहेंगे और वह भारतीय क्रिकेट के लिए समर्पित और उसे सम्मान देने वाले खिलाड़ी हैं.

गावसकर ने यह भी कहा था, "ऐसे में अगर वह अगले कुछ मैचों में रन नहीं बना पाते हैं तो मुझे लगता है कि रोहित ख़ुद ही रिटायरमेंट ले लेंगे."

मेलबर्न में हार के बाद रोहित ने स्वीकार किया था कि बतौर बल्लेबाज़, वह टीम के लिए जैसा योगदान करना चाह रहे हैं, वैसा नहीं हो पा रहा है.

उन्होंने कहा था, "इसमें कोई दो राय नहीं है कि यह जहनी तौर पर परेशान कर देने वाला है."

इसी सिरीज़ में वह एक मौक़े पर कह चुके हैं, "कई बार अपने स्कोर को देखने के बाद लगता है कि यह ज़्यादा नहीं है."

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