भारतीय प्रोफ़ेशनल्स के बारे में ट्रंप के किस बयान की हो रही है चर्चा, कांग्रेस ने मोदी सरकार से किए सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

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इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के एक और बयान पर विवाद हो रहा है

प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताज़ा बयान के बाद मोदी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं.

ट्रंप ने बुधवार को एक समिट में कहा था कि, 'बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियां भारतीय प्रोफ़ेशनल्स को नौकरी पर रखती हैं लेकिन अब उनके दौर में ये सब ख़त्म होगा.'

कांग्रेस ने अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, "मोदी के 'दोस्त' ट्रंप लगातार भारत के स्वाभिमान से खिलवाड़ कर रहे हैं, भारतीयों का अपमान कर रहे हैं. ये देश के सम्मान की बात है, नरेंद्र मोदी को जवाब देना चाहिए."

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को वॉशिंगटन डीसी के सिलिकॉन वैली में एक एआई समिट के दौरान आरोप लगाया था कि ये कंपनियां अमेरिकी नीतियों का फ़ायदा तो उठाती हैं लेकिन लाभ दूसरे देशों को देती हैं.

उन्होंने अमेरिकी टेक कंपनियों से 'अमेरिका के साथ खड़े' होने की अपील की.

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ट्रंप ने क्या कहा?

वॉशिंगटन में एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) समिट में ट्रंप ने क़रीब एक घंटे का भाषण दिया और उसमें अपनी टैरिफ़ नीति की सफलता की तारीफ़ की.

इसी भाषण में उन्होंने कहा, "काफी समय तक अमेरिका की टेक इंडस्ट्री ने एक चरम वैश्वीकरण का रास्ता अपनाया, जिससे लाखों अमेरिकियों को विश्वासघात और उपेक्षा का अहसास हुआ."

उन्होंने कहा, "हमारी कई सबसे बड़ी टेक कंपनियों ने अमेरिकी स्वतंत्रता के फ़ायदे उठाए. लेकिन फ़ैक्ट्रियां चीन में लगाईं, कर्मचारी भारत में रखे और मुनाफा आयरलैंड में छिपाया. इसी दौरान उन्होंने अपने ही देशवासियों की आवाज़ को नजरअंदाज किया, यहां तक कि उन्हें सेंसर भी किया. राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में अब वह दौर खत्म हो चुका है."

हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने देश के बाहर निवेश करने वाली अमेरिकी टेक कंपनियों की आलोचना की है.

मई में ट्रंप ने कहा था कि अगर एपल भारत या किसी अन्य देश में बनाए गए आईफ़ोन बेचती है तो उसे 25 प्रतिशत टैरिफ देना होगा.

तब उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था, "मैंने बहुत पहले एपल के टिम कुक को यह जानकारी दे दी थी कि मैं चाहता हूं कि अमेरिका में बिकने वाले आईफ़ोन अमेरिका में ही बनाए और तैयार किए जाएं, न कि भारत या किसी और देश में. अगर ऐसा नहीं होता है, तो एपल को अमेरिका को कम से कम 25% टैरिफ देना होगा."

कांग्रेस पार्टी ने पीएम मोदी से किया सवाल

मोदी और ट्रंप

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कांग्रेस पार्टी ने ट्रंप के ताज़ा बयान पर केंद्र सरकार को घेरा है.

कांग्रेस ने एक्स पर लिखा, "इससे पहले भी ट्रंप ने एपल के सीईओ को धमका कर कहा था कि भारत में आईफ़ौन की मैन्युफ़ैक्चरिंग न करें. उससे पहले उन्होंने भारतीय नागरिकों को बेड़ियों में बांध कर भारत भेजा था. ट्रंप एक के बाद एक भारत पर हमले कर रहे हैं और नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन नरेंद्र मोदी ख़ामोश हैं. उन्हें जवाब देना चाहिए."

मानसून सत्र में कांग्रेस इस बात को लेकर केंद्र सरकार को लगातार घेरने की कोशिश कर रही है कि ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम का श्रेय लेने वाले बयान दिए. जबकि भारत सरकार ने इससे बार बार इनकार किया है.

इसी साल जनवरी में दूसरी बार राष्ट्रपति बने डोनाल्ड ट्रंप ने कार्यभार ग्रहण करते हुई बाकी देशों समेत भारत पर भी रेसिप्रोकल टैरिफ़ लगाने की बात कही थी.

अभी भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की वार्ता चल रही है और अभी तक समझौता नहीं हो पाया है. माना जा रहा है कि अमेरिका भारत से कृषि और डेयरी क्षेत्र खोलने की उम्मीद कर रहा है.

ट्रंप के एपल पर दिए बयानों से कुछ सप्ताह पहले ही एपल ने कहा था कि अमेरिका में बेचे जाने वाले ज्यादातर आईफ़ोन भारत में ही बनेंगे.

इसके बाद इसकी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी फॉक्सकॉन ने भारत में 1.49 अरब डॉलर की यूनिट लगाने की मंशा जताई थी. फॉक्सकॉन ने लंदन स्टॉक एक्सचेंज को बताया है कि वह अपनी भारतीय इकाई युझान टेक्नोलॉजिज़ प्राइवेट लिमिटेड में ये निवेश करेगी.

कंपनी ये मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट चेन्नई में लगाएगी. पिछले साल अक्तूबर में तमिलनाडु सरकार ने कांचीपुरम में युझान की 13 हज़ार 180 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी.

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