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जम्मू-कश्मीर: चरमपंथी हमले में सात की मौत, अमित शाह ने कहा- दोषियों को नहीं बख़्शेंगे
- रविवार को जम्मू-कश्मीर के गांदरबल ज़िले में एक निर्माणाधीन सुरंग के पास चरमपंथी हमला हुआ था
- हमले में दो मज़दूरों की मौक़े पर ही मौत हो गई थी जबकि डॉक्टर और अन्य चार मज़दूरों की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई
- मारे गए लोगों की पहचान डॉ. शाहनवाज़, फ़हीम नज़ीर, कलीम, मोहम्मद हनीफ़, शशि अबरोल, अनिल शुक्ला और गुरमीत सिंह के रूप में हुई है
- हमले की निंदा करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हमले के दोषियों को बख़्शा नहीं जाएगा
- हमले में बिहार के तीन मज़दूरों की मौत पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो-दो लाख रुपये मुआवजे का एलान किया है
- जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने हमले में घायल मज़दूरों से मुलाकात की है
रविवार को जम्मू-कश्मीर के गांदरबल ज़िले में एक निर्माणाधीन सुरंग के पास चरमपंथी हमला हुआ है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि हमले में एक डॉक्टर और छह मजदूरों समेत कुल सात लोगों की मौत हो चुकी है.
अधिकारियों ने बताया कि अज्ञात चरमपंथियों ने यह हमला तब किया, जब गांदरबल में सोनमर्ग इलाक़े के गुंड में सुरंग परियोजना पर काम कर रहे मजदूर और अन्य कर्मचारी देर शाम अपने शिविर में लौट आए थे.
पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले ये कहा है, "दो मज़दूरों की मौक़े पर ही मौत हो गई थी जबकि डॉक्टर और अन्य चार मज़दूरों की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. फ़िलहाल हमले में घायल हुए पाँच लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है."
पीटीआई ने बताया है कि चरमपंथी हमले में मारे गए लोगों की पहचान डॉ. शाहनवाज़, फ़हीम नज़ीर, कलीम, मोहम्मद हनीफ़, शशि अबरोल, अनिल शुक्ला और गुरमीत सिंह के रूप में हुई है.
आठ अक्तूबर को जम्मू-कश्मीर चुनाव के नतीजे आए थे और सरकार गठन के बाद यह पहला मौक़ा है जब इतना बड़ा चरमपंथी हमला हुआ है.
इससे पहले 18 अक्तूबर को जम्मू कश्मीर के शोपियां ज़िले में अशोक चौहान का शव मिला था. उनके शरीर पर गोलियों के निशान थे.
अशोक चौहान मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे और जम्मू कश्मीर में मज़दूरी करते थे.
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह क्या बोले?
चरमपंथी हमले की निंदा करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि इस हमले में शामिल लोगों को बख़्शा नहीं जाएगा.
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "जम्मू-कश्मीर के गगनगीर में नागरिकों पर कायरतापूर्ण आतंकी हमला घृणित कार्य है. इस जघन्य कृत्य में शामिल लोगों को बख़्शा नहीं जाएगा और उन्हें हमारे सुरक्षा बलों से कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा. अपार दुःख की इस घड़ी में, मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं."
जम्मू ज़ोन के एडीजीपी आनंद जैन का कहना है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस किसी भी हादसे से निपटने के लिए अपने पूरे जोश से लड़ने को तैयार है.
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने हमले को कायरतापूर्ण बताते हुए इसकी निंदा की है.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "सोनमर्ग क्षेत्र के गगनगीर में ग़ैर-स्थानीय मजदूरों पर कायरतापूर्ण हमले की बेहद दुखद ख़बर है. ये लोग इलाके़ में एक प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजना पर काम कर रहे थे. मैं निहत्थे निर्दोष लोगों पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा करता हूं और उनके प्रियजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं."
जम्म-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के आधिकारिक एक्स अकाउंट से हमले की निंदा करते हुए सुरक्षा बलों द्वारा कार्रवाई करने की बात कही गई है.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "मैं गगनगीर में नागरिकों पर हुए जघन्य आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता हूं. मैं लोगों को आश्वस्त करता हूं कि इस घृणित कृत्य के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. हमने जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सुरक्षा बलों को पूरी आज़ादी दी है."
उन्होंने आगे लिखा, "हमारे बहादुर जवान ज़मीन पर हैं और वे सुनिश्चित करेंगे कि आतंकवादियों को उनकी कार्रवाई के लिए बहुत भारी कीमत चुकानी पड़े. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. दुख की इस घड़ी में पूरा देश परिवारों के साथ एकजुटता से खड़ा है."
जम्मू-कश्मीर के उप-मुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी ने हादसे पर दुख जताते हुए हालात सुधारने की बात कही है.
कांग्रेस-नेशनल कॉफ़्रेन्स सरकार जवाब दे: गिरिराज सिंह
जम्मू-कश्मीर बीजेपी के अध्यक्ष रवींद्र ने घटना को पाकिस्तान की साज़िश बताया है.
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, "कश्मीर के सोनमर्ग में निर्दोष कारीगरों की हत्या पाकिस्तान के आतंकवादियों ने की है ये मानवता की हत्या है. निहत्थे और बेकसूर कारीगरों-मज़दूरों को निशाना बनाने की भारी क़ीमत पाकिस्तान को चुकानी होगी. सेना और पुलिस पूरे क्षेत्र में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है और पापियों को उनके पापों की जल्द सज़ा मिलेगी."
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने मृतक परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए राहुल गांधी और फ़ारुख़ अब्दुल्लाह से सवाल पूछे हैं.
गिरिराज सिंह ने कहा, "मैं राहुल गांधी और फ़ारुख़ अब्दुल्लाह से पूछना चाहता हूं कि जब आतंकवादियों को समर्थन देने वाली सरकार हो तो ये घटना होना स्वाभाविक है. इनकी जुबान तो खुलेगी नहीं ये तो ग़ज़ा के लिए ट्वीट करेंगे. ऐसे में हिंदू मारा गया है तो सरकार तो उन्हीं की है. मोरा सैय्या कोतवाल तो डर काहे का."
हालांकि, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनयम के मुताबिक़, राज्य में अभी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामले उपराज्यपाल के अधीन आते हैं.
घटना के बारे में राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, "जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में आतंकी हमले में एक डॉक्टर और प्रवासी मज़दूरों समेत कई लोगों की हत्या बहुत ही कायरतापूर्ण और अक्षम्य अपराध है. सभी शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा करता हूं. आतंकियों का यह दुस्साहस जम्मू-कश्मीर में निर्माण का क्रम और लोगों का विश्वास कभी नहीं तोड़ पाएगा.आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में पूरा देश एकजुट है."
पूर्ण राज्य का दर्जा ख़त्म होने के बाद जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश है और दिल्ली की तरह ही यहाँ की क़ानून व्यवस्था भी केंद्र सरकार के हाथ में है.
ताज़ा घटना पर राज्य की विपक्षी पार्टी पीडीपी के नेता मोहित भान ने कहा कि सरकार को इस हादसे की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए और बताना चाहिए कि इस माहौल के पीछे वजह क्या है?
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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