हमास के हमले में 250 इसराइलियों की मौत, पीएम नेतन्याहू बोले- ‘जीत के रहेंगे ये जंग’

इसराइल पर फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट हमास की ओर से रॉकेट से किए गए व्यापक हमले में 250 इसराइली नागरिकों की मौत हुई है और तक़रीबन 1000 लोग घायल हुए हैं.

इस हमले के बाद हमास के दर्जनों हथियारबंद चरमपंथी इसराइल में घुस गए. इसके बाद इसराइल में 22 जगहों पर मुठभेड़ चली है.

हमास ने कई इसराइली सैनिकों को पकड़ने का दावा किया था और उन्हें बंधक बनाकर गज़ा पट्टी ले गए हैं.

इसराइली डिफ़ेंस फ़ोर्सेज ने इस बात की पुष्टि की है कि उसके कुछ सैनिक और नागरिक चरमपंथियों के कब्ज़े में हैं, हालांकि सेना ने संख्या नहीं बताई है.

उधर, स्थानीय फ़लस्तीनी अधिकारियों ने कहा है कि गज़ा में हुए इसराइल के जवाबी हमले में 230 लोगों की मौत हुई है और करीब एक हज़ार लोग घायल हुए हैं और बड़े पैमाने पर तबाही हुई है.

इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा, ''ये जंग है और ये जंग हम जीतेंगे. हमारे दुश्मनों को इसकी ऐसी कीमत चुकानी होगी, जिसके बारे में उनको पता भी नहीं होगा.''

नेतन्याहू के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने उनसे बात की और कहा कि वो 'इसराइल के आत्मरक्षा के अधिकार का पूरा समर्थन करते हैं.'

उधर, इसराइल में भारतीय एंबेसी ने एक एडवाइज़री जारी कर कहा है, "इसराइल के मौजूदा हालात को देखते हुए इसराइल में रह रहे भारतीयों से गुज़ारिश है कि सतर्क रहें और स्थानीय प्रशासन की ओर से दिए जा रहे दिशा-निर्देशों का पालन करें.''

वहीं इसराइल की सेना का कहना है कि उसने गज़ा पट्टी पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं. इसके साथ ही दसियों हज़ार रिज़र्व सेना को मोर्चे पर बुला लिया गया है.

इसराइल ने कहा है कि उसने हमास के 17 सैन्य ठिकानों और चार मुख्यालयोंं पर हवाई हमले किए हैं.

हमले की निंदा करते हुए अमेरिका ने कहा है कि 'आतंकवाद को न्याय संगत नहीं ठहराया जा सकता है.'

अमेरिका की नेशनल सिक्यूरिटी काउंसिल की प्रवक्ता एड्रियन वॉटसन ने कहा है," हम इसराइल की सरकार और लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं और हमले में मारे गए लोगों के प्रति शोक जाहिर करते हैं."

अबतक क्या हुआ

  • ग़ज़ा पट्टी से हुए औचक हमले के बाद फ़लस्तीनी इस्लामी चरमपंथी ग्रुप हमास के दर्जनों हथियारबंद लड़ाके दक्षिणी इसराइल में घुस गए.
  • ग़ज़ा पट्टी से इसराइल में हज़ारों रॉकेट दागे गए. इस हमले में कम से कम 250 इसराइली नागरिक मारे गए हैं जबकि 1000 लोग घायल हुए हैं.
  • वहीं इसराइल के ग़ज़ा पर जवाबी हमले में 230 लोगों की मौत हुई है.
  • हमास के लीडर मोहम्मद दाइफ़ ने कहा है, "हमने ये ऐलान करना तय किया है कि अब बहुत हो चुका."
  • पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू कहा, "ये महज उकसावा नहीं बल्कि जंग है और दुश्मन को इसकी भारी क़ीमत चुकानी पड़ेगी."
  • कई इसराइलियों को बंधक के तौर पर ग़ज़ा पट्टी में ले जाया गया है.
  • इसराइल के सुरक्षा प्रमुखों की बैठक में पीएम नेतन्याहू ने घुसपैठियों के सफ़ाए के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि "यह एक जंग है और हम इस जंग में जीतेंगे."
  • आईडीएफ़ ने हमास के ठिकानों पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं. ग़ज़ा पट्टी में हमास के 17 ठिकानों और 4 हेडक्वार्टर पर इसराइल ने हवाई हमले किए हैं.
  • इसराइली रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने कहा कि हमास ने "बड़ी ग़लती" कर दी है.
  • इसराइली मीडिया के अनुसार, दक्षिणी इसराइल के कई जगहों पर इसराइली सुरक्षा बलों और फ़लस्तीनी लड़ाकों के बीच गोलीबारी हो रही है.
  • इसराइल के अस्पतालों ने कहा है कि दर्जनों घायलों का इलाज किया जा रहा है, जिनमें कई की हालत गंभीर है.
  • भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसराइल में हुए "आतंकवादी हमलों" पर दुख जताया है और कहा है, "हम इस मुश्किल घड़ी में इसराइल के साथ खड़े हैं.''
  • सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि वह फलस्तीनी गुटों और क़ब्ज़े वाली इसराइली ताकतों के बीच पैदा हुई स्थिति के कारण अलग-अलग मोर्चों पर जारी हिंसा पर नज़र बनाए हुए हैं.
  • फ़ांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों, जर्मनी के विदेश मंत्री और यूरोपीय कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन हमास के हमलों की निंदा की है, जबकि अमेरिका ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है.
  • ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह अली ख़ामेनेई के सलाहकार ने इसराइल में फ़लीस्तीनी लड़ाकों के हमले का समर्थन किया है.

दुनिया भर से आई प्रतिक्रियाएं

भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''इसराइल में हुए आतंकवादी हमले की ख़बर से स्तब्ध हूं. हमारी संवेदनाएं और दुआएं हमले के पीड़ित लोगों और मारे गए लोगों के परिवार के साथ हैं. हम इस मुश्किल घड़ी में इसराइल के साथ खड़े हैं.''

ऐसी रिपोर्ट्स आ रही हैं कि ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह अली ख़ामेनेई के सलाहकार ने इसराइल में फ़लीस्तीनी लड़ाकों के हमले का समर्थन किया है.

आईएसएनए न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़, रहीम सफवी ने कहा कि हम फ़लीस्तीनी लड़ाकों को मुबारकबाद देते हैं. यरूशलम और फ़लीस्तीन की आज़ादी मिलने तक हम फ़लीस्तीनी लड़ाकों के साथ हैं.

अमेरिकी दूतावास की तरफ़ से कहा गया है, “अमेरिकी नागरिकों को अपनी सुरक्षा बढ़ाने और सुरक्षा के प्रति सचेत होने की सलाह दी जाती है. ऐसी सुरक्षा संबंधी घटनाएं, जिनमें मोर्टार और रॉकेट भी दागे जाते हैं, आमतौर पर बिना चेतावनी के होती हैं. हम हालात पर नज़र बनाए हुए हैं.”

अमेरिका ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है.

फ़ांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों, जर्मनी के विदेश मंत्री और यूरोपीय कमीशन के प्रेसीडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन हमास के हमलों की निंदा की है, जबकि अमेरिका ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है.

लेबनान के चरमपंथी ग्रुप हिज़्बुल्लाह ने कहा है कि ये कब्ज़ाधारी इसराइलियों को करारा जवाब है. माना जाता है कि हिज़्बुल्लाह को ईरान का समर्थन हासिल है.

इसराइली नागरिकों और सैनिकों को बंधक बनाने को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने नागरिकों को बंधक बनाए जाने की निंदा की है.

यूरोपीय डिप्लोमेसी के प्रमुख जोसेफ़ बोरेल ने कहा है कि ये अंतरराष्ट्रीय नियमों के ख़िलाफ़ है. भयानक हिंसा को तुरंत बंद करना चाहिए.

बाइडन ने कहा इसराइल के साथ अमेरिका चट्टान की तरह खड़ा

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से फ़ोन पर बात की.

एक बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "अमेरिका ग़जडा से हमास आतंकियों द्वारा इसराइल के ख़िलाफ़ इस भयावह हमले की क़ी निंदा करता है."

"आतंकवाद को सही नहीं ठहराया जा सकता. इसराइल को खुद की और अपने नागरिकों की रक्षा करने का अधिकार है. इस हालात का फायदा उठाने की सोचना वाले ऐसे किसी भी तीसरे पक्ष को चेतावनी देता है. इसराइली सुरक्षा के लिए मेरे प्रशासन का समर्थन चट्टान की तरह है."

नेतन्याहू ने क्या कहा

इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा, "इसराइल के नागरिकों. यह एक जंग है, कोई अभियान नहीं, कोई उकसावेबाज़ी नहीं, जंग है."

उन्होंने कहा, "आज सुबह हमास ने इसराइली राष्ट्र और इसके नागरिकों पर औचक जानलेवा हमला किया है. हम तड़के सुबह से ही इसका सामना कर रहे हैं."

"मैंने सुरक्षा प्रमुखों के साथ मीटिंग की है. सबसे पहले मैंने निर्देश दिए हैं इसराइल में घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों के सफाए का निर्देश दिया है. ये अभियान अभी चलाया जा रहा है."

"इसी वक्त मैंने रिज़र्व आर्मी को भी बड़े पैमाने पर उतारने के निर्देश दिए हैं ताकि ऐसी ताक़त से जवाबी कार्रवाई की जाए जिसका दुश्मन को कभी अंदाज़ा न रहा हो."

"दुश्मन को ऐसी क़ीमत अदा करनी पड़ेगी जिसका उसे अंदाज़ा नहीं है. इस बीच, मैं इसराइली नागरिकों से अपील करता हूं कि वे सेना और होम कमांड के निर्देशों का कड़ाई से पालन करें."

"हम जंग लड़ रहे हैं और हम ये जंग जीतेंगे."

5000 रॉकेट दागने का दावा

मिल रही ख़बरों के अनुसार, तेल अवीव के आसपास के इलाक़ों और ग़ज़ा के आसपास के इलाक़ों में धमाकों की आवाज़ें सुनाई दी हैं. वहीं इन हमलों में अब तक इसराइल में एक व्यक्ति की मौत की ख़बर है.

हमलों की ज़िम्म्मेदारी फ़लस्तीन से जुड़े विद्रोही समूह हमास ने ली है. हमास ने दावा किया है कि उसने 20 मिनट के भीतर इसराइल पर पांच हज़ार रॉकेट दागे हैं.

रॉयटर्स न्यूज़ एजेंसी द्वारा जारी किए गए फ़ुटेज में देखा जा सकता है कि अश्कलोन शहर में आग लग गई है जिस पर इसराइली अग्निशमन कर्मी काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं. गाड़ियों में आग लग गई है और उनसे धुंए का गुबार उठ रहा है.

इसराइल के कुछ अस्पतालों से जानकारी मिल रही है कि हमास के हमले के बाद वहां कई घायलों का इलाज चल रहा है.

  • अश्कलोन शहर के बार्ज़िलाई अस्पताल में 68 घायलों का इलाज जारी है. इनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है.
  • बीर शेवा के सोरोका अस्पताल में 80 घायलों का इलाज हो रहा है. इनमें से भी कइयों की हालत गंभीर बताई जा रही है.

'सभी दिशाओं से हो रहे हमले'

येरुशलम में मौजूद बीबीसी मध्य पूर्व संवाददाता योलांन्दे नैल ने जानकारी दी है कि सोशल मीडिया पर आ रहे वीडियो में देखा जा रहा है कि फलस्तीनी विद्रोही इसराइल के दक्षिणी हिस्से में सीमा पार कर घुस आए हैं और आम लोगों पर गोलियां बरसा रहे हैं.

डेरॉत में हमास के बंदूकधारियों के कुछ घरों पर कब्ज़ा करने की ख़बर है. इधर इसराइली सेना ने स्थानीय लोगों से कहा है कि वो घरों से बाहर न निकलें.

शनिवार सवेरे हमास के एक वरिष्ठ सैन्य कमांडर ने हमास मीडिया पर अभियान की घोषणा की थी और सभी फ़लस्तीनियों से अपील की थी कि जो जहां हैं, वहीं से लड़ाई में हिस्सा ले.

ग़ज़ा सिटी में मौजूद बीबीसी संवाददाता रुश्दी अबूअलूफ़ ने कहना है कि पूर्व, दक्षिण, उत्तर... सभी दिशाओं से वो इसराइल पर हमले देख रहे हैं.

हमास टीवी का कहना है कि हमास प्रमुख के पांच हज़ार रॉकेट दागने के दावे के अलावा दो हज़ार और रॉकेट इसराइल पर दागे गए हैं.

उनका कहना है कि क़रीब ढाई घंटों से यहां ताबड़तोड़ गोलाबारी चल रही है.

ग़ज़ा सीमा के पास लड़ाई जारी

इसराइली सेना के प्रवक्ता ने कहा है कि इसराइल और गज़ा के बीच एरेज़ बॉर्डर क्रॉसिंग और इसराइली डिफ़ेन्स फ़ोर्सेस की ट्रेनिंग के लिए बने ज़िकम बेस पर फिलहाल संघर्ष जारी है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, आईडीएफ़ के प्रवक्ता डेनियल हगारी ने कहा कि फ़लस्तीन की तरफ से 2,500 रॉकेट दागे गए हैं, साथ ही "पैराग्लाइडर्स, समुद्र और ज़मीन के रास्ते" इसराइल पर हमला किया गया है.

इसराइली डिफ़ेंस फ़ोर्सेस ने कहा- सेना युद्ध की स्थिति में

हमास की तरफ से हुए हमले के जवाब में इसराइली डिफ़ेन्स फ़ोर्सेस ने कहा है कि "इसराइली सेना युद्ध की स्थिति में आ गई है."

इसराइली रक्षा मंत्री ने सेना के रिज़र्विंस्ट को बुलाने के के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है.

इसराइली सेना ने गज़ा पट्टी पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं और चेतावनी दी है कि हमास को इसकी बड़ी क़ीमत चुकानी होगी.

रक्षा मंत्री ने कहा है कि इसराइल के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़कर हमास से बड़ी ग़लती कर दी है.

उन्होंने कहा, "हमास ने शनिवार सवेरे को बड़ी ग़लती कर दी है, उसने इसराइल के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ दिया है."

"इसराइली सैनिक हर जगह पर दुश्मन से लड़ रहे हैं और इस युद्ध में इसराइल की जीत होगी."

हमास ने क्या कहा?

हमास के प्रमुख मोहम्मद दाइफ़ ने इन हमलों के बाद एक बयान जारी कर कहा है, "हमने ये ऐलान करना तय किया है कि अब बहुत हो चुका."

हमास ने इस ऑपरेशन को "अल अक़्सा स्टॉर्म" नाम दिया है और कहा है कि इस अभियान के तहत उसने शनिवार सवेरे क़रीब 5,000 रॉकेट इसराइल को निशाना बनाते हुए दागे हैं.

दाइफ़ ने कहा, "हम दुश्मन को पहले ही चेतावनी दे चुके हैं. इसराइली क़ब्ज़ाधारियों ने हमारे नागरिकों के ख़िलाफ़ सैकड़ों नरसंहार किए हैं. क़ब्ज़ाधारियों की वजह से इस साल सैकड़ों लोग शहीद हुए हैं और घायल हुए हैं."

"हम ऑपरेशन अल अक़्सा स्टॉर्म की शुरुआत की घोषणा करते हैं. हम ये घोषणा करते हैं कि दुश्मन के ठिकानों, एयरपोर्टों, सैन्य अड्डों पर किए गए हमारे पहले हमले में 5,000 से अधिक रॉकेट दागे गए हैं."

अमेरिका की प्रतिक्रिया

इसराइल पर हमास के हमले के बाद अमेरिकी दूतावास की तरफ़ से कहा गया है, "हमें पता है कि इन घटनाओं की वजह से लोग हताहत हुए हैं."

दूतावास की तरफ़ से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी नागरिकों को अपनी सुरक्षा बढ़ाने और सुरक्षा के प्रति सचेत होने की सलाह दी जाती है. ऐसी सुरक्षा संबंधी घटनाएं, जिनमें मोर्टार और रॉकेट भी दागे जाते हैं, आमतौर पर बिना चेतावनी के होती हैं."

इसराइल में अमेरिकी दूतावास की तरफ़ से कहा गया है कि उसके कर्मचारी फिलहाल दूतावास में ‘सुरक्षित’ हैं.

इसराइल में घुसे हमास के लड़ाके

इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेस (आईडीएफ़) ने कहा है कि "विद्रोही गुट ने गज़ा पट्टी से इसराइल के इलाक़े में बड़ी संख्या में रॉकेट दागे हैं."

साथ ही दर्जनों लड़ाके इसराइल की सीमा पार कर "अलग-अलग हिस्सों" से देश के भीतर घुस गए हैं.

बयान में कहा गया है कि चीफ़ ऑफ़ जनरल स्टाफ़ "स्थिति का जायज़ा ले रहे हैं" और हमास को "इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा और इस घटना की ज़िम्मेदारी लेनी होगी."

बयान में कहा गया है कि गज़ा पट्टी के आसपास के इलाक़ों में रहने वालों से घरों के भीतर ही रहने को कहा गया है. साथ ही दक्षिणी और केंद्रीय हिस्से में बाशिंदों से कहा गया है कि "वो शेल्टरों के आसपास ही रहें."

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर जारी बयान में आईडीएफ़ ने कहा है, "शनिवार और तोरा की छुट्टी के दिन समूचे इसराइल में लोग सायरनों की आवाज़ सुनते हुए जागे हैं और हमास आज सुबह से ग़ज़ा से रॉकेट दाग रहा है."

आईडीएफ़ ने कहा है, "हम अपनी रक्षा करेंगे."

क्या बोले में भारत में इसराइल के राजदूत

ग़ज़ा पट्टी की तरफ़ से इसराइल पर शनिवार सुबह बड़े हमले के बाद भारत में इसराइल के राजदूत ने प्रतिक्रिया दी है.

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इसराइली राजदूत नाओर गिलोन ने कहा, "यहूदी छुट्टी के दिन ग़ज़ा की तरफ़ से इसराइल पर साझा हमला किया गया है. ये दोहरा हमला रॉकेटों से हुआ है और हमास के आतंकवादी घुस आये हैं."

उन्होंने कहा, "हालात साधारण नहीं है लेकिन इसराइल विजेता होगा."

इसराइल और फ़लस्तीन के बीच क्यों है तनाव?

  • प्रथम विश्व युद्ध के बाद मध्य पूर्व में ऑटोमन साम्राज्य के ख़त्म होने के बाद इस इलाक़े पर ब्रितानियों का कब्ज़ा हुआ.
  • यहां अधिकतर यहूदी और अरब समुदाय के लोग रहते थे. दोनों में तनाव बढ़ा जिसके बाद ब्रितानी शासकों ने यहां यहूदियों के लिए फ़लस्तीन में 'अलग ज़मीन' बनाने की बात की. यहूदी इस इलाक़े को अपने पूर्वजों की ज़मीन मानते हैं. इस पर अरब समुदाय भी अपना दावा करता है. नतीजा ये हुआ कि दोनों के बीच तनाव बढ़ने लगा.
  • 1947 में संयुक्त राष्ट्र ने फ़लस्तीन को दो हिस्सों में बांटने के फ़ैसले पर मुहर लगी, एक हिस्सा यहूदियों का और दूसरी अरब समुदायों का.
  • अरब के विरोध के बीच 14 मई 1948 को यहूदी नेताओं ने इसराइल राष्ट्र के गठन का एलान किया और ब्रितानी यहां से चले गए.
  • इसके तुरंत बाद पहला इसराइल-अरब युद्ध हुआ, इस कारण यहां क़रीब साढ़े सात लाख फ़लस्तीनी बेघर हो गए.
  • इस युद्ध के बाद ये पूरा क्षेत्र तीन हिस्सों में बंट गया- इसराइल, वेस्ट बैंक (जॉर्डन नदी का पश्चिमी किनारा) और ग़ज़ा पट्टी.
  • फ़लस्तीनी आबादी ग़ज़ा पट्टी और वेस्ट बैंक में रहती है. क़रीब 25 मील लंबी और 6 मील चौड़ी गज़ा पट्टी 22 लाख लोगों की रिहाइश की जगह है. आबादी के लिहाज़ से ये दुनिया की सबसे अधिक घनत्व वाला इलाक़ा है.
  • इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच संघर्ष अब तक हो रहा है. इसराइल का मक़सद दुनिया के मंच पर यहूदी राष्ट्र के रूप में मान्यता पाने का है. वहीं फ़लस्तीन इसका विरोध करता रहा है.

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