ग्लेन मैक्सवेल के बहाने वनडे क्रिकेट इतिहास की 10 शानदार, यादगार पारियां

मैक्सवेल

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मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में मंगलवार को खेले गए आईसीसी विश्वकप 2023 के बेहद रोमांचक मुक़ाबले में ऑस्ट्रेलिया ने वह मैच जीता, जो लगभग अफ़ग़ानिस्तान की झोली में जा चुका था.

और इस जीत में योगदान रहा ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल का, जिनकी पारी को क्रिकेट फ़ैन्स और यहां तक कि कई महान क्रिकेटर, वनडे की बेहतरीन पारी बता रहे हैं.

वनडे क्रिकेट के इतिहास में पहले भी कई मौक़े ऐसे आए हैं, जब खिलाड़ियों ने शानदार व्यक्तिगत स्कोर की मदद से अपनी टीम को जीत दिलाई.

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने ऐसी ही दस कमाल की पारियों की एक लिस्ट बनाई है.

ग्लेन मैक्सवेल: 201*, ऑस्ट्रेलिया बनाम अफ़ग़ानिस्तान, 2023 विश्वकप

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ग्लेन मैक्सवेल उस समय क्रीज़ पर आए, जब अफ़ग़ानिस्तान के दिए 292 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही ऑस्ट्रेलियाई टीम का टॉप ऑर्डर बिखर गया था.

अफ़ग़ानिस्तान का पलड़ा हावी थी, मगर किसी ने नहीं सोचा था कि छठे नंबर बैटिंग करने आए मैक्सवेल आज ऐसी पारी खेलंगे, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा.

128 गेंदों पर उन्होंने 10 छक्कों और 21 चौकों के दम पर 201 रन बनाकरअपनी टीम को जीत दिलाई, वह भी क्रैंप के चलते हो रहे दर्द को सहते हुए.

पैट कमिंस ने मैक्सवेल के साथ मिलकर 202 रनों की अहम साझेदारी की. भले ही उन्होंने इसमें सिर्फ 12 रनों का योगदान दिया, मगर उन्होंने एक छोर संभाले रखा.

रोहित शर्मा: 264 रन, भारत बनाम श्रीलंका, 2014

रोहित शर्मा

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वनडे मैचों में सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड अभी भी रोहित शर्मा के नाम है. भारत ने इस मैच में 404 रन बनाए थे.

रोहित ने भारत की ओर से ओपनिंग की और पारी की आख़िरी गेंद तक टिके रहे. आख़िरी गेंद पर लॉन्ग ऑफ़ के ऊपर से एक शॉट लगाने की कोशिश में वह कैच थमा बैठे.

रोहित ने 173 गेंदों का सामना करते हुए नौ छक्कों और 33 चौकों की मदद से यह स्कोर बनाया था. एक पारी में सबसे ज़्यादा चौके लगाने का रिकॉर्ड अब भी उनके नाम है.

मार्टिन गप्टिल: 237*, न्यूज़ीलैंड बनाम वेस्ट इंडीज़, 2015 विश्वकप

मार्टिन

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न्यूज़ीलैंड के इस सलामी बल्लेबाज़ ने वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ नाबाद रहते हुए 237 रन बनाए थे. यह विश्वकप में किसी भी बल्लेबाज़ द्वारा बनाए गए सबसे ज़्यादा रन हैं.

दाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ की शानदार पारी की मदद से न्यूज़ीलैंड टीम ने क्वॉर्टर फ़ाइनल में वेस्ट इंडीज़ को हराया था और फिर आगे चलकर फ़ाइनल में भी पहुंची थी.

इस मैच में गप्टिल ने 163 गेंदों का सामना किया था. उन्होंने 11 छक्के और 24 चौके लगाए थे.

एबी डीविलियर्स: 149, दक्षिण अफ़्रीका बनाम वेस्ट इंडीज़, 2015

एबी डीविलियर्स

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दक्षिण अफ़्रीका के कप्तान ने इस मैच में वनडे के इतिहास में सबसे तेज़ शतक लगाया था.

यह रिकॉर्ड आज भी बरक़रार है. उन्होंने सिर्फ़ 31 गेंदों में शतक पूरा किया था.

इस मैच में उन्होंने 44 गेंदों का सामना करते हुए 16 छक्कों और नौ चौकों की मदद से 149 रन बनाए थे.

कपिल देव: 175*, भारत नाम जिंबाब्वे, 1983 विश्वकप

कपिल देव

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इस मैच में भारत की स्थिति ख़राब थी. नौ रन पर चार विकेट उड़ चुके थे. कपिल देव आए और तुरंत दूसरे छोर से विकेट गिर गया. 17 रनों पर भारत के पांच विकेट गिर चुके थे.

भारतीय कप्तान ने इसके बाद कमाल की पारी खेली. उन्होंने 138 गेंदों पर छह छक्कों और 16 चौकों की मदद से 175 रन बनाए और भारत को आठ विकेट पर 266 के सम्मानजनक स्कोर पर पहुंचाया.

भारत यह मैच जीता और आगे चलकर उसने पहली बार विश्वकप भी जीता.

कपिल ने उस समय जो स्कोर बनाया था, वह विश्व कप में छठे क्रम पर आए किसी भी बल्लेबाज़ द्वारा बनाया सबसे ज़्यादा स्कोर था, मगर इस बार मैक्सवेल ने इस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है.

उस समय यह वनडे में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी था.

क्रिस गेल: 215, वेस्ट इंडीज़ बनाम जिंबाब्वे, 2015 विश्वकप

क्रिस गेल

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वेस्ट इंडीज़ के सलामी बल्लेबाज़ क्रिस गेल ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ खेलते हुए विश्व कप के इतिहास का पहला दोहरा जमाया था.

उन्होंने 147 गेंदों में 16 छक्कों और 10 चौकों की मदद से 215 रन बनाए थे.

वह वेस्ट इंडीज़ की पारी की आख़िरी गेंद में कैच थमाकर आउट हो गए थे. अगर इस गेंद पर वह छक्का लगा देते, तो एक मैच में सबसे ज़्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड उनके नाम हो जाता.

एडम गिलक्रिस्ट: 149, ऑस्ट्रेलिया बनाम श्रीलंका, 2007 विश्वकप

एडम गिलक्रिस्ट

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विकेट कीपर-बल्लेबाज़ एडम गिलक्रिस्ट ने ऑस्ट्रेलिया को लगातार तीसरा वर्ल्डकप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी.

2007 विश्वकप फ़ाइनल में ओपनिंग करते हुए उन्होंने 104 गेंदों पर 149 रन बनाए थे.

जब वह 31वें ओवर में आउट हुए तब तक छह छक्के और 13 चौके लगा चुके थे.

उनके बनाए 149 रन आज भी विश्वकप फ़ाइनल में बनाया गया सबसे बड़ा निजी स्कोर है.

विव रिचर्ड्स 189*, वेस्ट इंडीज़ बनाम इंग्लैंड, 1984

विव रिचर्ड्स

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रिचर्ड्स के नाम 13 सालों तक सबसे ज़्यादा व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड रहा.

उन्होंने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ नाबाद रहते हुए 189 रन बनाए थे. 170 गेदों पर उन्होंने पांच छक्के और 21 चौके लगाए थे.

इस मैच में उनकी टीम ने नौ विकेट खोकर 272 रन बनाए थे. उस समय के हिसाब से यह बड़ा लक्ष्य था, जिसका पीछा करते समय इंग्लैंड की टीम 168 रनों पर सिमट गई थी.

उन्होंनं इस मैच में ऑफ़ स्पिन करते हुए 45 रन देकर 2 विकेट भी हासिल किए थे.

रिकी पॉन्टिंग, 140*, ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत, 2003 विश्वकप

रिकी पॉन्टिंग

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विश्वकप फ़ाइनल में भारत ने टॉस जीतकर पहले फ़ील्डिंग का फ़ैसला किया था, मगर डिफ़ेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ दो विकेट खोकर 359 रन का विशाल लक्ष्य खड़ा कर दिया.

ऑस्ट्रेलिया को विश्वकप जिताने वाले इस स्कोर में कप्तान रिकी पॉन्टिंग का बड़ा योगदान था, जिन्होंने 121 गेदों पर नॉट आउट रहते हुए 140 रन बनाए थे.

उन्होंने आठ छक्के लगाए थे, जो उस समय वर्ल्ड कप के किसी मैच में किसी बल्लेबाज़ द्वारा लगाए गए सबसे ज़्यादा छक्के थे. उन्होंने चार चौके भी लगाए थे.

यह उस समय तक वर्ल्डकप फ़ाइनल में बनाया गया सबसे बड़ा निजी स्कोर भी था.

केविन ओब्रायन: 113, आयरलैंड बनाम इंग्लैंड, 2011 विश्वकप

केविन ओ ब्रायन

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आयरलैंड के मध्य क्रम की रीढ़ रहे केविन ने 328 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार पारी खेली थी. विश्व कप के इस मैच में उन्होंने 59 गेंदों में शतक जमाया था.

उन्होनें 63 गेंदों में छह छक्कों और 13 चौकों की मदद से 113 रन बनाए थे. यह इंगलैंड पर आयरलैंड की पहली जीत थी.

यह जीत इस मायने में भी अहम थी कि उस समय यह सबसे बड़ा सफल रन चेज़ था.

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