टी20 वर्ल्ड कप 2026: टूर्नामेंट से जुड़ी हर एक अहम बात जानिए

इमेज स्रोत, Getty Images
आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप भारत और श्रीलंका में हो रहा है.
2024 में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप का खिताब भारत ने जीता था और इस बार वह बतौर डिफेंडिंग चैंपियन टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहा है.
मेज़बान होने की वजह टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारत की दावेदारी मज़बूत है. लेकिन टी20 क्रिकेट का नेचर ऐसा है, जिसके बारे में कोई भी भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है.
यही बात क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट को और ज़्यादा रोमांचक बनाती है.
टी20 वर्ल्ड कप 2026

इमेज स्रोत, Getty Images
मेन्स टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत सात फ़रवरी से हो गई है. पहले मैच में पाकिस्तान के सामने नीदरलैंड्स की चुनौती होगी और यह मुक़ाबला कोलंबो में खेला जाएगा.
पहले दिन दो और मैच खेले जाएंगे. दूसरे मुक़ाबले में वेस्टइंडीज और स्कॉटलैंड आमने-सामने होंगे जबकि तीसरे मैच में भारत की टक्कर अमेरिका के साथ होगी.
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं. हर ग्रुप में पांच-पांच टीमें हैं. ग्रुप स्टेज के मुक़ाबले 20 फ़रवरी तक चलेंगे और हर दिन तीन-तीन मैच खेले जाएंगे.
ग्रुप स्टेज के बाद सुपर एट्स मुक़ाबलों की शुरुआत होगी. टूर्नामेंट का पहला सेमीफाइनल चार मार्च और दूसरा सेमीफाइनल पांच मार्च को खेला जाएगा.
टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल 8 मार्च को अहमदाबाद में खेला जाएगा.
टूर्नामेंट का फॉर्मेट क्या होगा?

इमेज स्रोत, Getty Images
2026 टी20 वर्ल्ड कप उसी फॉर्मेट में खेला जा रहा है, जिस फॉर्मेट में साल 2024 में टी20 वर्ल्ड कप खेला गया. वो अभी तक का सबसे बड़ा टूर्नामेंट था और उसमें 20 टीमों ने हिस्सा लिया था.
ग्रुप स्टेज में हर टीम को चार-चार मैच खेलने होंगे और सभी ग्रुप से टॉप दो टीमें सुपर एट्स के लिए क्वॉलिफाई करेंगी.
सुपर एट्स मुक़ाबले भारत और श्रीलंका में खेले जाएंगे. सुपर एट्स में चार-चार टीमों के दो ग्रुप होंगे.
अगर ऑस्ट्रेलिया, भारत, दक्षिण अफ्रीका, वेस्ट इंडीज, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका सुपर एट्स के लिए क्वॉलिफाई करती हैं तो सुपर एट्स के ग्रुप, ग्रुप की फिनिशिंग पोजिशन के बजाय अपनी सीडिंग के आधार पर तय होंगे.
उस स्थिति में ग्रुप वन में ऑस्ट्रेलिया, भारत, दक्षिण अफ्रीका और वेस्ट इंडीज होगी जबकि ग्रुप टू में इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका खेलेंगी.
सुपर एट्स से चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी. सेमीफाइनल में ग्रुप वन की विजेता का मुक़ाबला ग्रुप टू की रनरअप से होगा जबकि ग्रुप टू की विजेता का मुक़ाबला ग्रुप वन की रनरअप से होगी.
ग्रुप स्टेज और सुपर एट्स में हर टीम को मैच जीतने पर दो पॉइंट्स मिलेंगे. मैच पूरा नहीं होने की स्थिति में दोनों टीमों को एक-एक पॉइंट मिलेगा और टी20 में मुक़ाबला टाई नहीं होता है.
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कौन सी टीमें ले रही हैं हिस्सा?

इमेज स्रोत, Getty Images
टेस्ट खेलने वाली सभी 12 टीमों ने सीधे टूर्नामेंट में क्वॉलिफाई किया. हालांकि ज़िम्बॉब्वे क्वॉलिफाइंग स्टेज से टूर्नामेंट में दाखिल हुआ.
इटली अकेली ऐसी टीम है जो पहली बार इस टूर्नामेंट में खेलेगी. वहीं कनाडा 2014 के बाद पहली बार किसी ग्लोबल टूर्नामेंट में खेलते हुए नज़र आएगी.
आईसीसी ने बांग्लादेश की भारत की बजाय श्रीलंका में मैच करवाने की मांग को स्वीकार नहीं किया. इसके बाद बांग्लादेश ने टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेने का फ़ैसला किया. अब बांग्लादेश की बजाय स्कॉटलैंड ग्रुप सी में उसकी जगह ले रही है.
2024 में हुए एक समझौते की वजह से पाकिस्तान, भारत की बजाय श्रीलंका में अपने मैच खेलेगी.
टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही 20 टीमों को पांच-पांच के चार ग्रुप में बांटा गया है
- ग्रुप ए: भारत, नामीबिया, नीदरलैंड्स, पाकिस्तान, अमेरिका
- ग्रुप बी: ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, ओमान, श्रीलंका, जिम्बॉब्वे
- ग्रुप सी: इंग्लैंड, इटली, नेपाल, स्कॉटलैंड, वेस्टइंडीज
- ग्रुप डी: अफगानिस्तान, कनाडा, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, संयुक्त अरब अमीरात
किन मैदानों पर खेला जाएगा टूर्नामेंट

इमेज स्रोत, Getty Images
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए कुल आठ मैदानों का इस्तेमाल होगा. इनमें से पांच भारत के होंगे और तीन श्रीलंका के.
भारत में, कोलकाता का ईडन गार्डन्स, मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम, चेन्नई का एमए चिदंबरम स्टेडियम, अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम और दिल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम मैचों की मेज़बानी करेंगे.
श्रीलंका में, कोलंबों के आर प्रेमदासा स्टेडियम, सिंहली स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड और पल्लेकेले क्रिकेट स्टेडियम में मैच होंगे.
नरेंद्र मोदी स्टेडियम दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है और इसमें 132,000 दर्शक बैठ सकते हैं. टूर्नामेंट का फाइनल यहीं खेला जाना है. हालांकि पाकिस्तान अगर फाइनल के लिए क्वॉलिफाई करता है तो यह मैच अहमदाबाद के बजाय कोलंबो में शिफ्ट कर दिया जाएगा.
टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्या हैं नियम?

इमेज स्रोत, Getty Images
वर्ल्ड कप को 20-20 ओवर के फॉर्मेट में खेला जाएगा. हर पारी में 6-6 ओवर का पावरप्ले होगा.
मैच तीन घंटे 10 मिनट में ख़त्म हो जाना चाहिए. हर पारी के लिए एक घंटा 25 मिनट मिलेंगे और मैच के दौरान ब्रेक की अवधि 20 मिनट की होगी.
लिमिटेड ओवर्स क्रिकेट में स्टॉप-क्लॉप चलता है. जिसका मतलब होता है कि अगर ओवर ख़त्म होने के बाद दूसरे ओवर की शुरुआत में 60 सेकेंड से ज़्यादा का समय नहीं लगना चाहिए.
अगर 20-20 ओवर के खेल में दोनों टीमों का स्कोर बराबर रहता है तो मैच सुपर ओवर में जाएगा, जहां हर टीम को खेलने के लिए एक-एक ओवर मिलेगा.
सुपर ओवर में ज़्यादा रन बनाने वाली टीम विजेता होगी. अगर सुपर ओवर भी टाई होता है तो विजेता नहीं मिलने तक सुपर ओवर चलता रहेगा.
आईसीसी ने नॉकआउट मैचों के लिए रिजर्व डे होगा या नहीं, इस बारे में अभी तक जानकारी मुहैया नहीं करवाई है.
टूर्नामेंट के अभी तक के विजेता

इमेज स्रोत, Getty Images
अभी तक कुल 9 टी20 वर्ल्ड कप खेले गए हैं और उनमें 6 विजेता मिले हैं.
- 2007: भारत
- 2009: पाकिस्तान
- 2010: इंग्लैंड
- 2012: वेस्टइंडीज
- 2014: श्रीलंका
- 2016: वेस्टइंडीज
- 2021: ऑस्ट्रेलिया
- 2022: इंग्लैंड
- 2024: भारत
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.















