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सऊदी क्राउन प्रिंस के सामने पत्रकार ने ख़ाशोज्जी की हत्या से जुड़ा सवाल पूछा तो ट्रंप हुए नाराज़
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान मंगलवार को सात साल बाद वॉशिंगटन पहुँचे हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनका स्वागत 'स्टेट विजिट' की तरह किया है. ऐसा तब है, जब क्राउन प्रिंस सऊदी अरब के स्टेट हेड नहीं हैं.
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने इसी साल जनवरी महीने में अमेरिकी राष्ट्रपति की कमान दोबारा संभालने के बाद पहला विदेशी दौरा सऊदी अरब का किया था. ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में भी ऐसा ही किया था.
मंगलवार को क्राउन प्रिंस और राष्ट्रपति ट्रंप व्हाइट हाउस में पत्रकारों से मुखातिब हुए तो कई असहज करने वाले सवाल सामने आए. इन सवालों से राष्ट्रपति ट्रंप नाराज़ भी हुए.
एबीसी की रिपोर्टर ने पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या और अमेरिका में 9/11 के हमलों में सऊदी अरब की कथित भूमिका को लेकर सवाल पूछा तो ट्रंप नाराज़ हो गए.
ट्रंप सऊदी अरब से अपने कारोबारी रिश्तों पर सवाल पूछने पर भी झल्ला गए और एबीसी की रिपोर्टर को फेक न्यूज़ कहा.
एबीसी की रिपोर्टर मैरी ब्रूस ने 11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर हुए हमले में सऊदी अरब की कथित भूमिका के बारे में सवाल पूछा तो ट्रंप ने कहा, ''आप किस मीडिया संगठन से हैं.''
जैसे ही ब्रूस ने एबीसी का नाम लिया, ट्रंप कहा- ये फ़ेक न्यूज़ है. एबीसी फ़ेक न्यूज़ है. सबसे ख़राब मीडिया संगठनों में से एक.
'आप मेहमान को शर्मिंदा कर रही हैं'
सऊदी अरब से अपने परिवार के कारोबारी संबंधों पर पूछे गए सवाल से नाराज़ ट्रंप ने कहा कि इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है.
ट्रंप ने कहा कि उनका सऊदी अरब के डेवलपरों के साथ चल रहे अपने रियल एस्टेट और होटल कारोबार से कोई लेना-देना नहीं है.
उन्होंने दावा किया कि कंपनी चलाने वाले उनके बेटे ने भी सऊदी अरब के साथ बहुत कम काम किया है.
ट्रंप ने ख़ाशोज्जी की हत्या के सवाल को यह कहकर टालने की कोशिश की कि वो काफ़ी विवादित थे.
ट्रंप ने ख़ाशोज्जी के बारे में कहा, ''बहुत से लोग उस शख़्स को पसंद नहीं करते थे. चाहे उन्हें पसंद करें या ना करें लेकिन ऐसी बातें हो जाती हैं. क्राउन प्रिंस को इसके बारे में कुछ नहीं पता था. हम इस बात को यहीं छोड़ सकते हैं.''
उन्होंने ब्रूस को यह कहते हुए डांटा कि वो क्राउन प्रिंस को शर्मिंदा कर रही हैं. उन्होंने कहा, ''आप मेहमान को शर्मिंदा कर रही हैं.''
एमबीएस ने ओसामा का भी ज़िक्र किया
9/11 के हमले में सऊदी अरब से संबंध के सवाल पर ट्रंप जब बोल रहे थे, तभी बीच में क्राउन प्रिंस ने उन्हें रोका और ख़ुद जवाब देने लगे.
क्राउन प्रिंस ने कहा, ''11 सितंबर के हमले में जिन लोगों की जान गई, वो काफ़ी दुखद था. लेकिन हक़ीक़त पर गौर करना ज़रूरी है.''
उन्होंने कहा, ''अल-क़ायदा के नेता और 9/11 के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन ने "सऊदी के लोगों का इस्तेमाल" इसलिए किया ताकि अमेरिका-सऊदी रिश्ते ख़राब हो जाए.''
ओसामा बिन लादेन का सऊदी अरब के एक धनी परिवार में दस मार्च 1957 को जन्म हुआ था. ओसामा अमेरिका पर 9/11 के हमलों के बाद दुनिया भर में चर्चा में आए थे.
क्राउन प्रिंस सलमान ने इसके बाद ख़ाशोज्जी की हत्या से जुड़े सवालों का जवाब दिया.
उन्होंने कहा कि किसी का "बिना वजह और ग़ैर-क़ानूनी तरीक़े से मारा जाना बहुत दर्दनाक है.
उन्होंने कहा, ''हमने जांच की. सिस्टम में सुधार किया और कोशिश कर रहे हैं कि ऐसी ग़लती दोबारा न हो. यह हमारे लिए भी बहुत बड़ा और दर्दनाक हादसा था."
अमेरिकी इंटेलिजेंस एजेंसी सीआईए ने कहा था कि प्रिंस सलमान ने ही 2018 में ख़ाशोज्जी के अपहरण और हत्या को मंज़ूरी दी थी.
अमेरिका के नेशनल इंटेलिजेंस निदेशक कार्यालय (ओडीएनआई) की 2021 की रिपोर्ट में कहा गया था कि ख़ाशोज्जी की हत्या की "अनुमति क्राउन प्रिंस ने दी थी."
इसमें कहा गया था, ''हमारा आकलन है कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ख़ाशोज्जी को बंधक बनाने या उनकी हत्या के लिए इंस्ताबुल में ऑपरेशन को इज़ाजत दी थी.''
सऊदी अरब ने इस रिपोर्ट को नकारात्मक और झूठी बताकर नामंज़ूर कर दिया था.
ख़ाशोज्जी की हत्या ने अमेरिका की दोनों राजनीतिक पार्टियों को एकजुट होकर नाराज़ कर दिया था.
पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन ने तब कहा था कि वह सऊदी अरब को "अलग-थलग" कर देंगे.
पांच साल बाद, ट्रंप ने दो दिनों के कार्यक्रमों के लिए प्रिंस को वॉशिंगटन बुलाया. इसमें मंगलवार का ब्लैक-टाई डिनर और बुधवार को निवेश सम्मेलन शामिल थे.
मीडिया से बातचीत के दौरान एक समय ट्रंप ने कहा कि वह "एक भविष्य के किंग" के साथ बैठे हैं और दोनों प्रेस के सवालों का जवाब दे रहे हैं. यह उन्हें शानदार लग रहा है.
' ख़ाशोज्जी की पत्नी ने की माफ़ी की मांग'
मंगलवार को जमाल ख़ाशोगी की पत्नी ने क्राउन प्रिंस से अपने पति की हत्या के लिए माफ़ी मांगने की अपील की थी.
ख़ाशोज्जी की पत्नी हनान एलातर ख़ाशोज्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा,"क्राउन प्रिंस ने कहा था कि उन्हें इस बात (ख़ाशोज्जी की हत्या) का दुख है, तो उन्हें मुझसे मिलना चाहिए, माफ़ी मांगनी चाहिए और मेरे पति की हत्या के लिए मुझे मुआवज़ा देना चाहिए,"
उन्हें अमेरिका में राजनीतिक शरण मिली हुई है और वह वॉशिंगटन डीसी के इलाके में रहती हैं.
क्राउन प्रिंस की ये अमेरिकी यात्रा 'ऑफ़िशियल वर्किंग विजिट' बताई गई है. इसका मक़सद ट्रंप के मई में सऊदी अरब के हुए दौरे को आगे बढ़ाना है.
मई की उस यात्रा के दौरान ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ 142 अरब डॉलर के हथियार सौदे की घोषणा की थी, जिसे व्हाइट हाउस के फैक्ट शीट के मुताबिक़ अब तक का 'सबसे बड़ा रक्षा सहयोग समझौता' माना गया.
'वॉशिंगटन इंस्टीट्यूट फॉर नियर ईस्ट पॉलिसी' के सीनियर फ़ेलो और पेंटागन में खाड़ी और अरब मामलों की पूर्व निदेशक एलिज़ाबेथ डेंट ने एबीसी न्यूज़ से कहा कि छह महीने पहले घोषित किए गए वित्तीय, आर्थिक और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कई अस्पष्ट सौदों पर इस बार "कुछ ठोस नतीजे देखने को मिल सकते हैं". उम्मीद है कि इन सौदों की असलियत पर "थोड़ी ज्यादा स्पष्टता" मिलेगी.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.