चंडीगढ़: स्कूली छात्राओं की तस्वीरों से छेड़छाड़ का मामला, पुलिस ने क्या बताया

प्रतीकात्मक तस्वीर.

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    • Author, अरविंद छाबड़ा
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

चंडीगढ़ में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है.

एक निजी स्कूल की छात्राओं की तस्वीरें स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड की गईं.

आरोप है कि उन तस्वीरों को कथित तौर पर 'अश्लील' और 'आपत्तिजनक' बनाकर इंटरनेट पर इस्तेमाल किया गया.

एक पुलिस अधिकारी ने बीबीसी पंजाबी को बताया कि पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच जारी है.

उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ के सेक्टर-11 पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस की साइबर सेल इस मामले की जांच कर रही है.

इस मामले में गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए, बीबीसी छात्राओं और स्कूल की पहचान उजागर नहीं कर रहा है.

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एआई का उपयोग

पुलिस ने बताया कि पॉक्सो एक्ट और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, 'हालांकि मामले की जांच अभी चल रही है, लेकिन ऐसा लगता है कि इसमें आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल किया गया है.'

कुछ पीड़ित छात्राओं के अभिभावकों ने पुलिस अधिकारियों से मामले की शिकायत की. उन्होंने बताया कि छात्राओं की तस्वीरें स्कूल की वेबसाइट पर थीं. इन तस्वीरों तक केवल छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की ही पहुंच थी.

किसी ने इन तस्वीरों को वेबसाइट से डाउनलोड किया, उनमें छेड़छाड़ की और फिर उन्हें स्कूल के स्नैपचैट ग्रुप पर डाल दिया. यह मामला नौ अक्टूबर का बताया जा रहा है.

छात्राओं की आपत्तिजनक तस्वीरें अपलोड करने को लेकर पहले स्कूल प्रशासन से शिकायत की गई. इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा. इस मामले को लेकर एसएसपी को लिखित शिकायत दी गई है.

अब इस स्नैपचैट आईडी को साइबर सेल की मदद से इंटरनेट से हटा दिया गया है.

स्कूल का क्या कहना है?

स्कूल प्रबंधन का दावा है, 'छात्राओं को हर तरह की मदद दी जा रही है' और उनकी दिक्कतों को भी सुना जा रहा है.

उसका कहना है, "जहां भी जरूरी है, हम स्कूल अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहे हैं. छात्राओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है.''

स्कूल ने कहा कि आंतरिक जांच-पड़ताल के मुताबिक, स्कूल के अंदर ऐसी कोई घटना नहीं हुई है और न ही घटना से स्कूल का कोई सीधा संबंध पाया गया है.

चंडीगढ़ के बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीसीपीसीआर) की अध्यक्ष शिप्रा बंसल ने कहा, ''यह बहुत ही संवेदनशील मामला है. यह तकनीक के दुरुपयोग का मामला है. सीसीपीसीआर ने स्कूल और पुलिस थाने से रिपोर्ट मांगी है.''

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धाराएं

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पुलिस के मुताबिक इस मामले में कई धाराओं में मामला दर्ज किया है. इसमें पॉक्सो एक्ट की धारा 13 और आईटी एक्ट की धारा 67 शामिल है.

विशेषज्ञों का क्या कहना है?

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साइबर मामलों के विशेषज्ञ गुरजोत सिंह कलेर कहते हैं कि माता-पिता के लिए दो चीजें करनी जरूरी होती हैं.

पहली बात अपने बच्चे के साथ बातचीत करना बहुत जरूरी है, जिससे बच्चा एक दोस्त के रूप में आपके साथ घटना पर विस्तार से चर्चा करे.

आपको यह समझने की ज़रूरत है कि इंटरनेट के इस युग में, दुनिया में किसी के साथ भी ऐसा हो सकता है. दूसरा यह कि आपको बिना किसी देरी के तुरंत कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इस मामले की सूचना देनी चाहिए ताकि कानून अपना काम कर सके.

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