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छत्तीसगढ़: ट्रक में भैंसों को लेकर जा रहे दो युवक मृत पाए गए और एक घायल, लिंचिंग की आशंका
- Author, आलोक पुतुल
- पदनाम, रायपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे हुए आरंग क़स्बे में कथित तौर पर गोवंश तस्करी के शक में भीड़ के हमले में उत्तर प्रदेश के दो लोगों की मौत का मामला सामने आया है जबकि एक की हालत गंभीर बताई जा रही है.
भीड़ के हमले में मारे गए चांद मियां और गुड्डू ख़ान नाम के ये दो लोग उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले बताए जा रहे हैं.
पुलिस शनिवार को इस हमले में गंभीर रूप से घायल युवक सद्दाम क़ुरैशी का बयान लेने की कोशिश करेगी. पुलिस के अनुसार सद्दाम के बयान से स्थिति साफ़ होगी कि असल में क्या हुआ था.
पुलिस का कहना है कि ये घटना शुक्रवार की रात के क़रीब दो बजे के आसपास की है, जब ट्रक रायपुर से क़रीब 70 किलोमीटर दूर महासमुंद-आरंग रोड पर महानदी पर बने एक पुल पर था.
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पुलिस ने क्या कहा?
रायपुर ग्रामीण के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर ने बीबीसी से कहा, "ये लोग ट्रक में भैंस लेकर जा रहे थे. कुछ लोगों ने बताया है कि इनके साथ मारपीट की गई है. वहीं कुछ लोग कह रहे हैं कि गुस्साई भीड़ से बचने के लिए ये लोग पुल से नदी में कूद गए थे, जहां चोट लगने से दो लोगों की मौत हो गई."
कीर्तन राठौर ने कहा कि इस हमले में घायल सद्दाम क़ुरैशी के बयान से ही स्थिति साफ़ होगी कि उनके साथ असल में हुआ क्या था.
उन्होंने बताया, "पुलिस इस रास्ते पर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. हालांकि अभी तक इस बात के सबूत नहीं मिले हैं कि ये भीड़ की हिंसा का मामला है. पुलिस ये तलाशने की कोशिश कर रही है कि इन तीनों का पीछा कौन लोग कर रहे थे."
"कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई है, लेकिन अब तक इस मामले में किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है."
द हिंदू के मुताबिक़ कीर्तन राठौर ने बताया कि "पुलिस को हेल्पलाइन पर ख़बर मिली थी कि कुछ लोग उनका पीछा कर रहे हैं. मौक़े पर पहुंचने के बाद पुलिस को ये लोग महानदी में पुल के नीचे मिले. इनमें से एक की मौत हो चुकी थी और दो घायल थे. दोनों घायलों को महासमुंद पहुंचाया गया, जिनमें से एक की मौत हो गई. एक की हालत गंभीर है."
हालांकि पुलिस के बयान से अलग कुछ स्थानीय लोगों ने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर बताया कि शुक्रवार को ये तीनों युवक महासमुंद ज़िले के बरौदा मवेशी बाज़ार पहुंचे थे. वहां उन्होंने भैंसें ख़रीदीं और भैंसों को ट्रक में भरकर ओडिशा के लिए निकल गए. लेकिन रास्ते में कुछ लोगों ने इनका पीछा किया जिसके बाद इन्होंने रायपुर जाने का फ़ैसला किया.
ज़िले के पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने बीबीसी को बताया, "इनकी गाड़ी महासमुंद से रायपुर की तरफ़ आ रही थी, सूचना है कि कुछ लोगों ने गाड़ी का पीछा किया था. एक युवक घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती हैं. वो बयान देने की स्थिति में नहीं हैं, उनका बयान लेने की कोशिश की जा रही है."
संतोष सिंह ने बताया इस मामले में एफ़आईआर दर्ज कर ली गई है. साथ ही पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है कि ये लोग पुल से नीचे कैसे गिरे.
उन्होंने टाइम्स ऑफ़ इंडिया को बताया कि "मृतकों में से एक का पोस्ट-मॉर्टम रायपुर में किया गया है और एक का पोस्ट-मॉर्टम महासमुंद में किया गया है. पुलिस को दोनों ही रिपोर्टों का इंतज़ार है."
हालांकि कीर्तन राठौर ने बताया कि पुलिस ने जल्द से जल्द एक शॉर्ट रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है ताकि मौत के कारणों का पता चल सके.
घटना की रात क्या हुआ?
ये घटना शुक्रवार रात दो से तीन बजे के भीतर हुई जब भैंसों से लदा हुआ ट्रक आरंग के पास महानदी के पुल पर पहुंचा.
उस वक़्त वहां क्या क्या हुआ, इस बारे में शनिवार की सुबह दस बजे के आस पास स्थानीय लोगों से बीबीसी हिंदी ने बात की.
इन लोगों के मुताबिक, 'मोटरसाइकिलों पर सवार लगभग दर्जनभर युवकों ने ट्रक को ओवरटेक कर उसे रोक दिया और इसके बाद ट्रक पर सवार तीनों युवकों पर गौ-तस्करी का आरोप लगा कर उन्हें पीटना शुरू कर दिया.'
स्थानीय लोगों का कहना है कि, 'उन लोगों ने चांद मियां और गुड्डू ख़ान को घायल अवस्था में पुल से नीचे फेंक दिया. चांद मियां की मौके़ पर ही मौत हो गई.'
इसके बाद मौके़ पर पहुंची पुलिस ने घायल गुड्डू ख़ान को स्थानीय अस्पताल में इलाज के लिए रवाना किया, जहां गुड्डू ख़ान की भी मौत हो गई.
एक अन्य घायल सद्दाम क़ुरैशी को रायपुर के एक अस्पताल में भर्ती किया गया है. उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है.
हालांकि घायल सद्दाम ख़ान का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है है, जिसमें सद्दाम का कहना है कि हमला करने वाले पंद्रह-बीस लोग थे, जिन्होंने उनके साथ पहले मारपीट की जिसके बाद उन्हें पुल के ऊपर से नीचे फेंक दिया.
पीड़ितों के परिजन क्या कहते हैं?
सद्दाम क़ुरैशी और चांद मियां के एक रिश्तेदार ने अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस से बात की है. उन्होंने अख़बार को बताया कि दोनों ने शुक्रवार को रात के दो बजे से लेकर चार बजे के बीच अपने घर पर फ़ोन किया था. जिस वक्त उन्होंने फ़ोन किया उस वक्त लोग कथित तौर पर उन्हें पीट रहे थे.
इस रिश्तेदार के अनुसार "क़ुरैशी के साथ फ़ोन पर हुई एक बातचीत क़रीब 47 सेकंड तक चली, पूरी कॉल के दौरान वो मदद के लिए चिल्ला रहे थे. वो लोगों से उन्हें न पीटने को कह रहे थे और उनसे पानी मांग रहे थे."
उनके अनुसार पहला फ़ोन कॉल चांद मियां के फ़ोन से आया था. उन्होंने बताया कि उनकी गाड़ी को कुछ लोगों ने रोक लिया है और उनके साथ मारपीट कर रहे हैं. वो कहते हैं कि कुछ लोगों ने चांद का फ़ोन छीन लिया था जिस कारण उनसे और बात नहीं हो सकी.
चांद मियां के फ़ोन कॉल के बाद क़रीब 3 बजे सद्दाम के फ़ोन से कॉल आया.
एक रिश्तेदार ने अख़बार को बताया कि "सद्दाम ट्रक में हेल्पर के तौर पर काम करते थे. उन्होंने परिवार को कॉल लगाकर फ़ोन अपनी जेब में रख लिया था. वो चिल्ला रहे थे कि उनके हाथ और पैर टूट गए हैं. वो गुज़ारिश कर रहे थे 'भइया पानी पिला दो एक घूंट. मारो मत बस पानी पिला दो'."
उन्होंने दावा किया कि फ़ोन पर उन्हें "कुछ और लोगों की आवाज़ें सुनाई दे रही थीं जो कह रहे थे 'कहां से लाए हो, छोड़ेंगे नहीं'."
शुरुआत में परिवार ने इसे मारपीट का मसला समझा इसलिए उन्होंने पुलिस को फ़ोन नहीं किया. लेकिन उन्हें अंदाज़ा नहीं था कि ये मामला इस हद तक बढ़ जाएगा
उन्होंने कहा कि "पांच बजे के आसपास जब उन्होंने चांद मियां के फ़ोन पर कॉल किया तो एक पुलिस अफ़सर ने फ़ोन रिसीव किया. उन्होंने बताया कि चांद मियां की मौत हो चुकी है."
अख़बार के अनुसार रायपुर ग्रामीण के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर का कहना है कि उन्हें फिलहाल इसकी जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा, "पुलिस कॉल रिकॉर्ड्स की जांच करेगी ताकि ये पता लगाया जा सके कि पीड़ितों ने किस-किस से बात की."
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