दक्षिण कोरिया: विमान दुर्घटना में 179 लोगों की मौत, हादसे के बारे में अब तक जो पता है

  • दक्षिण कोरिया के मुआन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार को स्थानीय समयानुसार सवेरे क़रीब 9.00 बजे एक विमान हादसे का शिकार हो गया.
  • विमान में 181 लोग सवार थे. जिसमें 179 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. दो लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
  • विमान में सवार अधिकांश यात्री दक्षिण कोरियाई नागरिक थे, दो थाईलैंड के नागरिक थे.
  • सरकार ने सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है.

दक्षिण कोरिया के मुआन अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रविवार को लैंडिंग के वक़्त एक विमान दुर्घटना का शिकार हो गया.

इस विमान में 181 लोग सवार थे, जिनमें 175 यात्री और चालक दल के छह सदस्य शामिल थे.

इस हादसे में 179 लोगों की मौत हुई है. दो लोगों को मलबे से जीवित निकाला गया है और अस्पताल ले जाया गया है. ये दोनों चालक दल के सदस्य हैं.

जेजू एयर का यह विमान कथित तौर पर बैंकॉक से दक्षिण कोरिया वापस आ रहा था. बताया जा रहा है कि विमान के लैंड करते वक़्त यह हादसा हुआ है.

यह विमान मुआन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्थानीय समयानुसार क़रीब 9.00 बजे हादसे का शिकार हो गया.

हादसे में शामिल विमान बोइंग 737-800 था जिसका संचालन कोरियाई बजट एयरलाइंस जेजू एयर कर रही थी.

जेजू एयर की प्रबंधन टीम का कहना है कि "विमान में किसी तरह की तकनीकी ख़राबी नहीं थी".

टीम का कहना है कि "हादसे का सही कारण क्या था ये जानने के लिए जांच की जाएगी."

ब्लैक बॉक्स बरामद किया गया

अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने दोनों विमान के मलबे से ब्लैक बॉक्स- फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर बरामद कर लिए हैं.

योनहेप एजेंसी के अनुसार इसमें एक को हादसे में क्षति पहुंची है.

एजेंसी का कहना है कि फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर को मामूली नुक़सान पहुंचा है जबकि वॉयस रिकॉर्डर सही सलामत है.

वहीं अमेरिका ने कहा है कि हादसे के कारणों की जांच में उसकी टीम दक्षिण कोरिया का मदद करेगी.

अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बोर्ड (एनटीएसबी) के अनुसार इस टीम में एनटीएसबी के सदस्य, बोइंग और संघीय विमानन प्रशासन के जांचकर्ता शामिल होंगे.

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एयरपोर्ट पर पीड़ितों के परिजन इकट्ठा हो रहे हैं और वहीं पर एक अस्थाई मॉर्चरी स्थापित की गई है.

राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया कि हादसे की ख़बर मिलने के बाद दक्षिण कोरिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति चोई सांग-मोक दुर्घटनास्थल पर पहुंचे.

राष्ट्रपति कार्यालय का कहना है कि राष्ट्रपति ने रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद के लिए ज़रूरी इमर्जेंसी वर्कर्स और उपकरण मुहैया कराने और घायलों के इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए. साथ ही कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए हरसंभव प्रयास करेगी.

इस हादसे के बाद सरकार ने सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है.

इस दौरान सरकारी दफ्तरों पर झंडा आधा झुका रहेगा और सभी सरकारी अधिकारी काला रिबन बांधेंगे.

एजेंसी के अनुसार मुआन हवाई अड्डे के रनवे को स्थानीय समनयानुसार बुधवार सवेरे 05:00 बजे तक बंद रखा जाएगा.

समाचार एजेंसी योनहेप के मुताब़िक, विमान में सवार यात्रियों में से 173 दक्षिण कोरिया के थे और दो थाईलैंड के थे.

विमान में सवार यात्रियों की उम्र तीन साल से लेकर 78 साल तक थी. लेकिन अधिकांश अपनी उम्र के चौथे, पांचवें और छठे दशक में थे.

थाईलैंड की प्रधानमंत्री पाएटोंगटार्न चिनावाट ने इस विमान हादसे पर शोक जताया है.

उन्होंने लिखा, "हादसे में मारे गए और घायलों के परिवारों के प्रति मैं संवेदना व्यक्त करती हूं."

दक्षिण कोरिया के अग्निशमन विभाग ने बताया है कि दमकल की 32 गाड़ियों और 1500 इमर्जेंसी कर्मियों को घटनास्थल पर भेजा गया है.

मुआन दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल से 288 किलोमीटर दूर है. दक्षिण कोरिया के विमान उद्योग को सुरक्षा के मामले में बेहतर माना जाता है.

कैसे हुआ विमान क्रैश?

हादसे के कारणों के बारे में अबतक कोई पुख़्ता जानकारी नहीं दी गई है. हालांकि अग्निशमन विभाग ने कहा है कि माना जा रहा है कि पक्षी के टकराने और ख़राब मौसम की वजह से हादसा हुआ.

दक्षिण कोरिया के एक ट्रांसपोर्ट अधिकारी ने बताया था कि जिस वक्त विमान हवाई पट्टी पर लैंड करने की कोशिश कर रहा था, एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल ने चेतावनी दी कि हवाई अड्डे के पास पक्षी हैं, फिलहाल हवा में रहें.

इसके दो मिनट बाद पायलट ने 'मे डे' (इमर्जेंसी) की चेतावनी दी जिसके बाद एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल ने उसे उल्टी तरफ से लैंड करने की इजाज़त दी.

समाचार एजेंसी योनहेप के मुताबिक़, दुर्घटना की वजह विमान का पक्षियों से टकराना नज़र आ रही है.

विमान दुर्घटना के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसकी पुष्टि नहीं की गई है.

इस वीडियो में विमान बिना पहियों या लैंडिंग गियर के लैंड करने की कोशिश कर रहा था और लैंडिंग के समय रनवे से फिसलकर दीवार से टकरा गया.

इसके बाद उसका एक हिस्सा आग की लपटों में घिर गया. वहीं दूसरे वीडियो में काले धुएँ का ग़ुबार आसमान में उठते हुए देखा गया.

ट्रांसपोर्ट विभाग के अनुसार, विमान के हेड पायलट 2019 से इस भूमिका में काम कर रहे थे और उनके पास विमान उड़ाने का 9,800 घंटों का अनुभव था.

प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया?

दक्षिण कोरिया के योनहाप न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए 41 साल के यू जी-योंग ने बताया कि वह एयरपोर्ट के पास ही रहते हैं.

उन्होंने बताया कि क्रैश से ठीक पहले उन्होंने विमान के दाहिने इंजन में चिंगारी देखी थी.

उन्होंने कहा, "मैंने देखा कि विमान नीचे आ रहा है और सोचा कि यह लैंड करने वाला है, तभी मैंने चिंगारी देखी."

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "अचानक धमाके की आवाज़ सुनाई दी और हवा में काले धुएं का गुबार उठा और इसके बाद कई और धमाके मैंने सुने."

एयरपोर्ट के पास एक रेस्त्रां मालिक इम योंग-हाक ने कहा, "मैंने पहले सोचा कि किसी तेल के टैंकर में धमाका हुआ है, क्योंकि यहां कई टैंकर आते जाते रहते हैं."

"इसके बाद मुझे लगा कि कुछ और है. जब मैं बाहर निकला तो आसमान में काले धुएँ का गुबार दिखा. इसके बाद मैंने तेज़ धमाके की आवाज़ सुनी, जोकि क्रैश का नहीं था. इसके बाद कई धमाके हुए."

जेजू एयर ने घटना पर क्या कहा?

इस विमान क्रैश को इतिहास में जेजू एयर की पहली घातक दुर्घटना बताया जा रहा है.

जेजू एयर दक्षिण कोरिया की सबसे बड़ी कम लागत वाली एयरलाइनों में से एक है, जिसकी स्थापना 2005 में हुई थी.

जेजू एयर ने एक बयान जारी करते हुए कहा, "जेजू एयर की तरफ से हम सिर झुका कर उन सभी से माफ़ी मांगते हैं जिनको मुआन एयरपोर्ट पर हुए इस हादसे से भारी क्षति पहुंची है."

बयान में आगे कहा गया, "हमें इस घटना के लिए खेद है."

वहीं विमान बनाने वाली कंपनी बोइंग ने इस क्रैश पर शोक जताते हुए कहा कि इस घातक दुर्घटना के बाद वह दक्षिण कोरिया की जेजू एयर के साथ संपर्क में है.

जेजू एयर के मुताबिक़, यह दुर्घटना बोइंग के 737-800 मॉडल से जुड़ी थी.

क्या पायलट से हुई ग़लती, क्या कह रहे जानकार

एविएशन एक्सपर्ट जियोफ़्रे थॉमस ने एक न्यूज़ चैनल पर कहा कि हादसे में बहुत सी चीजें ऐसी हैं जो समझ से परे हैं.

उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि हालांकि एक पक्षी टकरा गई थई और इंजनों में से एक, दाहिनी तरफ़ के इंजन पर असर पड़ा था. इससे कॉकपिट में बहुत अधिक दबाव पैदा कर दिया."

उन्होंने कहा कि "इस इंजिन फ़ेल्योर से संबंधित बहुत सारी जांच और दोबारा जांच के बाद ये कहा जा सकता है कि पायल लैंडिंग गियर को नीचे करना भूल गया था."

थॉमस का कहना था कि मुआन एयरपोर्ट पर इस समय पक्षियों का बड़ी संख्या में जमावड़ा रहता है और पॉयलट को इसकी चेतावनी की जानकारी रही होगी.

वह कहते हैं कि लेकिन अगर लैंडिंग गियर नहीं इस्तेमाल किया गया था तो कॉकपिट में इसकी वॉर्निंग सुनाई देती, और अगर इसे नीचे करने में अड़चन आ रही थी तो इसे मैनुअली भी किया जा सकता था.

थॉमस कहते हैं, "पता नहीं, इंजन की हालत ऐसी थी कि उनके पास ऐसा करने का समय नहीं मिला, हम नहीं जानते. लेकिन उन्हें इमर्जेंसी घोषित करनी चाहिए थी ताकि अग्निशमन यूनिटें रनवे पर समय से पहुंच जातीं. और उन्हें गियर अप लैंडिंग की तैयारी करनी चाहिए थी. ऐसी स्थिति में रनवे पर फ़ोम भी बिछाया जा सकता था."

उनका कहना है कि इस हादसे से जुड़ी बहुत सी बातें हैं जो समझ से परे हैं.

अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने जताया शोक

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है.

एक टेलीग्राम संदेश में शी जिनपिंग ने दक्षिण कोरिया के कार्यकारी राष्ट्रपति को संदेश भेजा है.

इसमें लिखा है, "चीन की सरकार और लोगों की ओर से मैं पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं."

ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय और क्वीन ने भी हादसे पर दुख जताया और कहा कि हमारी प्रार्थना पीड़ितों और उवके परिजनों के साथ हैं.

ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने भी इस हादसे को लेकर गहरा दुख जताया है. एक्स पर उन्होंने लिखा, "दक्षिण कोरिया और थाईलैंड की जनता और हादसे में जिन लोगों अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है."

जर्मन चांसलर ओलाफ़ शोल्ज़ और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने भी पीड़ितों के परिजनों को शोक संदेश भेजा है.

दक्षिण कोरिया में अब तक हुए विमान हादसे

इस विमान हादसे को दक्षिण कोरिया के इतिहास का सबसे बुरे हादसों में से एक बताया जा रहा है.

इससे पहले, साल 2002 में एयर चाइना का एक बोइंग 767-200 दक्षिण कोरिया के बंदरगाह शहर बुसान में एक पहाड़ी से टकरा गया था. इस हादसे में 129 लोगों की मौत हुई थी और 37 घायल थे.

सितंबर 1983 में कोरियन एयरलाइन्स के एक विमान को सोवियत जेट ने गिरा दिया था. ये विमान सखालिन द्वीप के ऊपर सोवियत हवाई क्षेत्र में आ गया था. हादसे में विमान में सवार सभी 269 लोगों की मौत हो गई थी.

1997 में पेसिफ़िक द्वीप गुआम के पास कोरियन एयर का एक जम्बो जेट हादसे का शिकार हो गया था. इस हादसे में विमान में सवार 254 लोगों में से 228 लोगों की मौत हो गई थी.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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